जन सेवा को समर्पित पीने के पानी की टंकी प्रशासन द्वारा हटाना …जनहित के खिलाफ है—- कैलाश सिंगला
नरवाना 24 मार्च नरेंद्र जेठी
नरवाना में बीजेपी प्रशासन को आम राहगीर पानी भी ना पी सके उनके लिए जनता द्वारा लगवाए गए प्याऊ सार्वजनिक को भी तोड़ दिया गया कहने का मतलब अब बीजेपी कुछ भी कर सकती है किसी को भी कुचल सकती है ये तो नरवाना की जनता द्वारा लगवाया का पानी था। पीने के पानी पिलाना सामाजिक नैतिक और धार्मिक कार्य है ।ऐसे कार्यों के लिए तो सरकारें भी प्रेरित करती है ।सार्वजनिक पीने के प्याऊ को हटाना .. लोकतंत्र का हनन है ।शहर की संस्थाओं और आम लोगों का कहना है की अगर पानी की प्याऊ की टंकी किसी शरारती तत्वों ने किसी के साथ मिलीभगत कर जेसीबी द्वारा गिराया गया है तो प्रशासन ने उन लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में इस प्रकार की की भावना भड़काने वाली घटनाएं ना हो।

नरवाना की जनता में बहुत रोष प्रकट किया है । आम जनता बहुत नाराज है क्योंकि यह प्याऊ की टंकी हुड्डा मार्केट में आर्य स्कूल के नजदीक है प्याऊ वाली टंकी मुख्य सड़क से हटकर पिछले कई वर्षों से है जिसे आम जनता और गांव से आने वाले सभी यहां पानी पीते हैं । इस प्याऊ की टंकी के नजदीक दो मुख्य स्कूल , बैंक पुलिस चौकी और मुख्य बाजार है। रेलवे स्टेशन से शहर में केवल यही एक पानी की इकलौती टंकी थी। बीती रात को यह पानी का प्याऊ जेसीबी द्वारा किसी ने गिरा दिया गया है इस विषय पर नगर परिषद के कर्मचारियों से बात की गई तो नगर परिषद के कर्मचारियों ने मना कर दिया है । इस बात का सुबह नरवाना शहर की जनता में हड़कंप मच गया क्योंकि यह टंकी निशुल्क और जन सेवा को समर्पित है। इस प्याऊ का संचालन नरवाना के लोग ही करते हैं। यह टंकी कोई अतिक्रमण नहीं करती बल्कि राहगीरों की प्यास बुझती है । इस टंकी से आगे तो बिजली के दो पोल भी लगे हुए हैं जो सड़क को आगे से घिरे हुए हैं । प्यास बुझाने के लिए अगर किसी ने भी इसको लगाया था तो उसे हटाने या तोड़ने से पहले यह सोचना चाहिए था की राहगीर जो इधर बैंकों में हुडा पुलिस चौकी में आते हैं या अन्य किसी काम से यहां पर आते हैं तो उनको गर्मियों के मौसम में पानी की आवश्यकता होती है यहां अगर किसी समाज सेवी ने पानी की टंकी आने जाने वाले राहगीरों के लिए पानी की प्यास बुझाने के लिए लगाई है तो उस से कोई भूमि पर अतिक्रमण नहीं होता यह तो मात्र एक सेवा भाव से लगाई गई थीं प्यासे लोगों के लिए पानी की उचित व्यवस्था न तो प्रशासन द्वारा की गई है ना ही अन्य किसी सामाजिक संस्था द्वारा यह केवल एक जगह पर ही और एक तरफ ही इस पानी पीने की टंकी को लगाया हुआ था।

पानी के प्याऊ की टंकी असामाजिक तत्वों द्वारा या प्रशासन द्वारा गिराए जाने पर नरवाना के लोगों और संस्थानों में भारी रोष है। नाराज हुए लोग मौके पर ही सड़क पर धरने पर बैठ गए और मुख्य सड़क को जाम कर दिया। मौके पर आए पुलिस चौकी इंचार्ज ने लोगों को समझा बूझकर उन्हें रास्ता खुलवाया । इस मौके पर नगर परिषद के पार्षद व पूर्व प्रधान कैलाश सिंगला ने कहा मानव धर्म ही सबसे बड़ा धर्म होता है यह पानी का प्याऊ 36 बिरादरी के लिए बना हुआ है। सभी धर्म और सभी जातियों के लोग बच्चे बूढ़े बुजुर्ग सभी अपनी प्यास बुझाते हैं। कैलाश सिंगला ने कहा नरवाना के लोग धर्म-कर्म में विश्वास रखते हैं और सभी विचारधारा के लोग धर्म के काम में एक साथ हैं । नरवाना की जनता ने प्रशासन को कहां है । जिसने भी यह घिनौना काम किया है उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए । इस मौके पर कैलाश सिंगला,पार्षद आशुतोष कौशिक, धोला नैन, अनिल शास्त्री बजरंग दल , कृष्ण गर्ग, सतीश गर्ग ,राजेंद्र सिंगला , दीपक रोहिल्ला, गौरव, सौरभ, दक्ष, त्रिलोकी, राजेंद्र शर्मा, सुभाष सिंगला कल जलेबी वाले व नरवाना की प्रमुख संस्थाएं, बाजार के व्यापारी, दुकानदार व अनेक गणमान्य व्यक्ति मौके पर थे ।
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