भ्रष्टाचारों के आरोपों पर विधायक बिमला चौधरी खामोश !
वाइस चेयरमैन अमित शर्मा ने बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग को लपेटा
मंत्री अनिल विज गब्बर फिल्म के अधीन है हरियाणा का बिजली मंत्रालय
राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री आरती सिंह राव के पास है हरियाणा का हेल्थ विभाग
लगभग 1 महीने के अंतराल पर दूसरी बार परिषद बैठक में गूंजे भ्रष्टाचार के आरोप
फतह सिंह उजाला
ग्राउंड जीरो । भाजपा की डबल इंजन की सरकार और भाजपा सरकार के मुखिया सहित भाजपा संगठन के पदाधिकारी और चुने हुए भाजपा के जनप्रतिनिधि दावा करते आ रहे हैं । भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रशासन है तथा सभी कार्य पूरी पारदर्शिता से हो रहे हैं। इसके विपरीत भाजपा समर्थक कहें या भाजपा के ही पार्षद के द्वारा भाजपा की ही विधायक बिमला चौधरी के सामने विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने पर खामोशी अपने आप में बड़ा सवाल बन जाती है ?
नवगठित पटौदी जाटोली मंडी परिषद क्षेत्र में डोर टू डोर कूड़ा उठाने के अभियान का आरंभ किया जाने के मौके पर परिषद हाउस में वाइस चेयरमैन अमित शर्मा के द्वारा विधायक बिमला चौधरी के सामने बिजली विभाग, हेल्थ विभाग सहित अन्य विभागों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए। उनके द्वारा यहां तक आरोप लगाते हुए कहा गया कि जब तक इन विभागों में सेवा पानी नहीं होती, न तो किसी प्रकार का काम हो रहा ना किसी की सुनवाई होती है। गौर तलब है कि हरियाणा का बिजली विभाग हरियाणा सरकार में सबसे अधिक नंबर दो के पावरफुल मंत्री अनिल विज के अधीन है। इसी प्रकार से हेल्थ विभाग गुरुग्राम के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की पुत्री एवं हरियाणा सरकार में हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव के अधिकार क्षेत्र में है। लगभग एक महीना पहले पटौदी जाटोली मंडी परिषद की बैठक में परिषद के सदन में ही परिषद में ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप वाइस चेयरमैन अमित शर्मा के द्वारा लगाए गए। अब एक बार फिर से अमित शर्मा के द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए भाजपा की ही विधायक विमला चौधरी के सामने बिजली विभाग हेल्थ विभाग व अन्य विभागों में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए।
हैरानी इस बात को लेकर बनी हुई है कि भाजपा संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, परिषद के पदाधिकारी और परिषद के चुने हुए जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में भाजपा सरकार के ही विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने के बावजूद विधायक विमला चौधरी पूरी तरह से खामोश रही? इससे भी अधिक हैरानी का विषय यह है कि भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले पटौदी जाटोली मंडी परिषद के वाइस चेयरमैन अमित शर्मा के द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई किया जाने के संदर्भ में अपनी ही पार्टी भाजपा की विधायक विमला चौधरी को कोई शिकायत देना भी जरूरी नहीं समझ गया ? इसी कड़ी में यह कहना भी गलत नहीं होगा कि जब जनप्रतिनिधि को मालूम है की विभिन्न सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार है और बिना सेवा पानी के काम नहीं हो रहे, तो संबंधित विभाग के मंत्रियों या सरकार को ऐसे भ्रष्टाचार के खिलाफ जानकारी देना भी क्यों जरूरी नहीं समझा जा रहा ? अब देखना यही है कि भ्रष्टाचार से परेशान आम जनमानस को राहत मिलेगी या फिर इसी प्रकार से समय-समय पर आरोप प्रत्यारोप लगाने का सिलसिला भविष्य में भी बना रहेगा।
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