मनोज मोकलवास की ताजपोसी एक इवेंट बनकर रह गई
मनोरंजन के लिए लोक कलाकार और नाचने वालों में ऊंट सहित घोड़े भी शामिल
मुख्य अतिथि आरती सिंह राव गोली नाचता हुआ ऊंट ना देखा था मैंने
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव मनोज मोकलवास की ताजपोसी के लिए पहुंची
पटौदी/15 मई /फतह सिंह उजाला
पटौदी। संभवत ऐसा मनोरंजन और स्वागत हरियाणा बनने के बाद पटौदी विधानसभा क्षेत्र में किसी राजनेता या पॉलिटिशियन का हुआ होगा। लाव लश्कर और पूरी व्यवस्था का आकलन किया जाए तो यह सीधा-सीधा किसी इवेंट के जैसा ही कहना बेहतर होगा । इस इवेंट में कार्यक्रम में शामिल होने वाले मुख्य अतिथि से लेकर राजनेताओं के समर्थक और आम आदमी के मनोरंजन के लिए पूरी व्यवस्था की गई।
यह आयोजन अथवा कार्यक्रम पटौदी मार्केट कमेटी के नव मनोनीत चेयरमैन मनोज मोकलवास की ताजपोसी के लिए किया गया। बताया जाता है कि इसके सूत्रधार मनोज मोकलवास ही रहे । खुले वाहन में सवार होकर आयोजन की मुख्य अतिथि हेल्थ मिनिस्टर आरती सिंह राव वाहनों के पूरे काफिले के साथ आयोजन स्थल पर पहुंची। उनका स्वागत करने के लिए विशेष रूप से जेसीबी से समर्थकों के द्वारा फूल बरसाए गए । खूब ढोल बाजे बजे, जय घोष भी हुआ, ढोल बाजे बजने भी चाहिए। ताजपोसी सहित मुख्य अतिथि आरती सिंह राव के स्वागत को यादगार बनाने के लिए किसी प्रकार की कमी नहीं छोड़ी गई।
यहां पहुंची स्वास्थ्य मंत्री के आगमन के रास्ते में ही लगभग 2 किलोमीटर के दायरे में तीन सरकारी अस्पताल मौजूद रहे। लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा है कि अपने दादा स्वर्गीय राव वीरेंद्र सिंह और केंद्रीय मंत्री, पिता राव इंद्रजीत सिंह के मजबूत राजनीतिक गढ़ में पहुंची स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव की नजरों से सड़क के किनारे मौजूद सरकारी अस्पताल किस प्रकार ओझल हो गए ? इतना ही नहीं आयोजन स्थल से लगभग 500 मीटर की दूरी पर ही आयुष विभाग का होम्योपैथिक अस्पताल भी मौजूद रहा। लोगों का कहना है स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद आरती सिंह राव दूसरी बार पटौदी क्षेत्र में पहुंची और दोनों बार ही उनकी नजरों से पटौदी और हेली मंडी में मौजूद सरकारी अस्पताल ओझल ही रह गए ? या फिर स्थानीय नेताओं ने इन अस्पतालों में अचानक दौरा अथवा मुआयना करवाने की जरूरत नहीं समझी, इस बात की भी अटकलें लगाई जा रही है।
मनोज मोकलवास की ताजपोसी कार्यक्रम के मंच से स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि उन्होंने “नाचता हुआ ऊंट ना देखा” था । खास बात यह है कि उनके आगमन के समय लोक नर्तको के द्वारा नृत्य किए गए नाचने वाले जानवरों में शामिल ऊंट और घोड़े के द्वारा भी मनभावन तथा आकर्षक नृत्य प्रस्तुत करवाए गए । इतना ही नहीं फूल बरसाने के लिए जेसीबी तक मंगवाई गई और जेसीबी के माध्यम से फूल भी बरसाए गए। इस प्रकार का मनोरंजन और स्वागत लोगों के बीच चर्चा बनने के साथ-साथ लंबे समय तक याद भी रखा जाएगा।
Add A Comment


