जनगणना — 2027: पहला चरण’ मकान सूचीकरण व मकानों की गणना’ शुक्रवार से शुरू’
प्रमुख जनगणना अधिकारी व जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिलेवासियों से की सहयोग की अपील, कहा— जब प्रगणक आपके घर आएं तो दें स्पष्ट और सही जानकारी, 33 सवालों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेंगे प्रगणक
जनगणना — 2027 को लेकर जिला व चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित
चूरू /15 मई /अटल हिन्द ब्यूरो
प्रमुख जनगणना अधिकारी व जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशन में जिले में शुक्रवार, 16 मई से जनगणना-2027 का प्रथम चरण ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य’ प्रारंभ हो रहा है। इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान के सफल संचालन के लिए प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील है। उन्होंने कहा है कि प्रगणक जब घर आएं तो सही, स्पष्ट एवं संपूर्ण जानकारी दें ताकि जनगणना की महत्वपूर्ण प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की जा सके।
जिला कलक्टर सुराणा ने कहा है कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि देश के विकास की आधारशिला है। जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, पेयजल, सड़क, सामाजिक सुरक्षा एवं विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की नीतियां तैयार करती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह जनगणना कार्य में पूर्ण सहयोग प्रदान करे।
उन्होंने कहा कि जब प्रगणक घर-घर पहुंचें तो परिवार के सदस्य सही, स्पष्ट एवं संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करवाएं। इससे जनगणना आंकड़ों की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी तथा योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्तियों तक पहुंच सकेगा।
उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 दो चरणों में आयोजित की जा रही है। प्रथम चरण में “हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेंसस” के तहत मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाएं, पेयजल, शौचालय, बिजली, इंटरनेट, रसोई ईंधन, परिसंपत्तियों एवं आवास संबंधी जानकारी एकत्र की जाएगी। दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जिसमें परिवार के सदस्यों से संबंधित सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं अन्य जानकारियां संकलित की जाएंगी।
उन्होंने बताया कि भारत की यह जनगणना पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से भी संचालित की जा रही है। नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्वयं गणना) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई, जिसके माध्यम से लोगों ने ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं अपनी जानकारी दर्ज की है। स्वगणना के बाद प्राप्त सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी को प्रगणक जब आपके घर आएं तो उनसे साझा करें।
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जनगणना कार्य के लिए प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया है। प्रगणक निर्धारित क्षेत्रों में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान दी गई व्यक्तिगत जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी तथा इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
जिला कलक्टर सुराणा ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रम से बचें तथा अधिकृत प्रगणकों को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। जिले में प्रगणकों व पर्यवेक्षकों को आईडी कार्ड व किट प्रदान किया गया है। आप प्रगणकों से उनकी पहचान पूछ सकते हैं।
गौरतलब है कि जनगणना-2027 देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें आधुनिक तकनीक एवं मोबाइल एप आधारित प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से आंकड़ों के संकलन में पारदर्शिता, गति एवं सटीकता सुनिश्चित होगी।
इन 33 सवालों से जुड़ी जानकारी प्राप्त करेंगे प्रगणक
पहले चरण के दौरान जब प्रगणक घर— घर जाकर संपर्क करेंगे तो वह नागरिकों से मकान सूचीकरण से संबंधित 33 प्रश्नों की जानकारी ली जाएगी। इनमें भवन संख्या (नगरपालिका या स्थानीय प्राधिकरण या जनगणना संख्या), जनगणना मकान संख्या, जनगणना भवन के फर्श की प्रमुख सामग्री, जनगणना भवन की दीवार की प्रमुख सामग्री, जनगणना भवन की छत में प्रयुक्त प्रमुख सामग्री, जनगणना घरों के उपयोग का पता करना, जनगणना मकान की स्थिति, परिवार संख्या, जनगणना मकान में सामान्यतः रहने वाले व्यक्तियों की कुल संख्या, परिवार के मुखिया का नाम, मकान के मुखिया का लिंग, क्या मुखिया अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य से संबंधित है?, जनगणना घर के स्वामित्व स्थिति, परिवार के स्वामित्व में मौजूद रहने वाले कमरों की संख्या, घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत, पेयजल स्रोत की उपलब्धता, प्रकाश का मुख्य स्रोत, शौचालय की सुविधा उपलब्ध है, शौचालय का प्रकार, अपशिष्ट जल निकासी, स्नान सुविधाओं की उपलब्धता, रसोई और एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन की उपलब्धता, खाना पकाने के लिए प्रयुक्त मुख्य ईंधन, रेडियो/ट्रांजिस्टर, टेलीविजन, इंटरनेट की सुविधा, लैपटॉप/कंप्यूटर, टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन, साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड, कार/जीप/वैन, घर में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज, मोबाइल नंबर (केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए आदि 33 जानकारी शामिल हैं।
जनगणना — 2027 को लेकर जिला व चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित
प्रमुख जनगणना अधिकारी व जिला कलक्टर अभिषेक सुराणा के निर्देशानुसार जिले में जनगणना— 2027 को लेकर जिला एवं चार्ज स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया गया है।
जिला जनगणना अधिकारी अर्पिता सोनी ने बताया कि जिले में जिला स्तर पर एक व कुल 21 चार्ज पर शिकायत निवारण प्रकोष्ठ मय कंट्रोल रूम गठित किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 01562—294058 हैं तथा चार्ज स्तर (सभी नगरनिकाय एवं तहसील स्तर) पर भी प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि चार्ज स्तर पर
बीदासर नगरपालिका के लिए 01560— 262028,
तारानगर नगरपालिका के लिए 01561— 240245,
रतननगर नगरपालिका के लिए 01562— 294114,
रतनगढ़ नगरपालिका के लिए 01567— 222095,
छापर नगरपालिका के लिए 01568— 242099,
साहवा नगरपालिका के लिए 01561— 299211,
राजगढ़ नगरपालिका के लिए 01559— 222039,
सुजानगढ़ नगरपरिषद के लिए 01568— 222419,
राजलदेसर नगरपालिका के लिए 01567— 294504,
सरदारशहर नगरपरिषद के लिए 01564— 220030,
चूरू नगर परिषद के लिए 01562— 250318,
सुजानगढ़ तहसील के लिए 01568— 220094,
राजलदेसर तहसील के लिए 01567— 294599,
रतनगढ़ तहसील के लिए 01567— 222094,
राजगढ़ तहसील के लिए 01559— 222306,
चूरू तहसील के लिए 01562— 250930,
सरदारशहर तहसील के लिए 01564— 220094,
सिद्धमुख तहसील के लिए 01559— 229030
तथा तारानगर तहसील के लिए मोबाइल नंबर 9928852067 (प्रभारी — उप प्राचार्य शिवकुमार सहारण), भानीपुरा तहसील के लिए मोबाइल नंबर 9413104730 (प्रभारी — नायब तहसीलदार महावीर प्रसाद मीणा) व बीदासर तहसील के लिए मोबाइल नंबर 9772976745 (प्रभारी — गिरदावर सुरेश कुमार पूनिया) आदि कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।


