माँ: हमारी पहली शिक्षक
गीता गर्ग जी एक स्कूल शिक्षिका के रूप में अनेक विद्यार्थियों के भविष्य को संवार रही हैं, जबकि घर में वह अपनी बेटियों के लिए मार्गदर्शक और प्रेरणा का स्रोत हैं।
Mother’s Day के इस विशेष अवसर पर हम अपनी प्यारी माँ गीता गर्ग जी को हृदय से नमन करते हैं, जो हमारे लिए केवल माँ ही नहीं बल्कि एक आदर्श शिक्षिका भी हैं।
कहा जाता है कि बच्चे की पहली शिक्षक उसकी माँ होती है, और हमारी माँ ने इस बात को पूरी तरह सच साबित किया है। उन्होंने हमें केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं दिया, बल्कि जीवन जीने के संस्कार, अनुशासन, मेहनत और सम्मान का महत्व भी सिखाया।

माँ, आप हमारी सबसे बड़ी ताकत, हमारी सबसे अच्छी शिक्षक और हमारी सबसे प्यारी दोस्त हैं।
एक शिक्षिका के रूप में उन्होंने अनेक विद्यार्थियों का भविष्य सँवारा, और एक माँ के रूप में हमारे हर कदम पर हमारा हाथ थामे रखा। स्कूल में वे बच्चों को शिक्षा देती हैं और घर में हमें जीवन की अमूल्य सीख। उनका धैर्य, समर्पण और प्रेम हम दोनों बेटियों — लिज़ा और होमिशा — के लिए हमेशा प्रेरणा रहेगा।
उन्होंने हमें सिखाया कि सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि अच्छे विचारों और अच्छे कर्मों से मिलती है। उनकी डाँट में भी प्यार छिपा होता है और उनकी हर सीख हमारे भविष्य को मजबूत बनाती है।
आज हमें गर्व है कि हमारी माँ गीता गर्ग जी एक ऐसी शिक्षिका हैं जो न केवल बच्चों को पढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें एक अच्छा इंसान बनना भी सिखाती हैं।
इस Mother’s Day पर हम अपनी माँ को दिल से धन्यवाद कहते हैं और उनके स्वस्थ, खुशहाल और उज्ज्वल जीवन की कामना करते हैं।
माँ, आप हमारी सबसे बड़ी ताकत, हमारी सबसे अच्छी शिक्षक और हमारी सबसे प्यारी दोस्त हैं।
— आपकी बेटियाँ, लिज़ा और होमिशा

