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पटौदी नागरिक अस्पताल नर्सिंग स्टाफ की प्रसूता-गभरूथ-नवजात के साथ क्या थी दुश्मनी ,क्या एसएमओ के इशारे पर सिजेरियन ऑपरेशन में डाली बाधा!

पटौदी नागरिक अस्पताल नर्सिंग स्टाफ की प्रसूता-गभरूथ-नवजात के साथ क्या थी दुश्मनी ,क्या एसएमओ के इशारे पर सिजेरियन ऑपरेशन में डाली बाधा!
शनिवार को सुबह अस्पताल में किए जा रहे थे सिजेरियन ऑपरेशन
अचानक ऑपरेशन थिएटर में पहुंच नर्सिंग स्टाफ ने किया हंगामा
मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर को धमकी दे भगाया दिया
2 को एडमिट दिव्यांग महिला की शनिवार शाम गुरुग्राम में डिलीवरी
अस्पताल में मीडिया कर्मियों से नर्सिंग स्टाफ ने हाथापाई दी धमकी
दिव्यांग प्रसूता और उसके दिव्यांग पति से मिलने के लिए से रोका

अटल हिन्द ब्यूरो /फतह सिंह उजाला
पटौदी । पटौदी मंडी नगर परिषद बनने के बाद ही पटौदी का नागरिक अस्पताल और यहां के चिकित्सा अधिकारियों की मनमानी सहित उनके इशारे पर पैरामेडिकल स्टाफ सहित नर्सिंग स्टाफ के द्वारा लगातार हंगामा करने का सिलसिला बना हुआ है। शनिवार को भी एक बार फिर हरियाणा के एसीएस हेल्थ , स्वास्थ्य मंत्री गृहमत्री अनिल विज, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, गुरुग्राम के डीसी निशांत यादव, गुरुग्राम के सीएमओ डॉ योगेंद्र सिंह , पटौदी के एमएलए एडवोकेट सत्य प्रकाश जरावता को परोक्ष रूप से कथित रूप से खुली चुनौती दीया जाना महसूस किया गया क्या ।

शनिवार को एक बार फिर से पटौदी नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉ वीरेंद्र सिंह के द्वारा पर्दे के पीछे रहते हुए यहां पर सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ के द्वारा कथित रूप से जानबूझकर बाधा डालते हुए ऑपरेशन थिएटर में हंगामे की पटकथा एक दिन पहले ही लिखी जा चुकी थी। इस बात की हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री और गृह मंत्री अनिल विज को तथा गुरु ग्राम के डीसी निशांत कुमार यादव को बिना देरी संज्ञान लेते हुए इस प्रकार की बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए । इस विषय में शनिवार को उपलब्ध जानकारी के मुताबिक एक सिजेरियन डिलीवरी किए जाने के उपरांत अन्य दिव्यांग महिला की सिजेरियन डिलीवरी करने से रोकने के लिए कथित रूप से जबरदस्ती एसएमओ के कट्टर समर्थक नर्सिंग स्टाफ अन्य कर्मचारी कथित रूप से जबरदस्ती ऑपरेशन थिएटर में घुस गए । इतना ही नहीं ऑपरेशन करने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को बेहोश करने वाले डॉक्टर को ऑपरेशन थिएटर से धक्के देकर बाहर निकाल दिया गया और धमकी भी दी गई , फिर दोबारा से यहां पर दिखाई मत देना ।
इस दिव्यांग महिला की सिजेरियन डिलीवरी की तैयारी शनिवार को सुबह पटौदी अस्पताल में पूरी कर ली गई थी । उसकी डिलीवरी यहां नहीं हो सकी, जच्चा और बच्चा की जान बचाना सिजेरियन ऑपरेशन करने वाले डॉक्टरों की प्राथमिकता में शामिल रहा । जैसे तैसे बहुत मुश्किल से दिव्यांग महिला को डिलीवरी के लिए गुरुग्राम भेजा गया । उपलब्ध जानकारी के मुताबिक शाम के समय इस दिव्यांग महिला के द्वारा नवजात शिशु को गुरुग्राम में जन्म दिया गया । इस पूरे घटनाक्रम को चिकित्सा दृष्टिकोण से और मानवीय नजरिए से देखें तो यह सीधे-सीधे प्रसूता और गर्भ में पल रहे नवजात की हत्या किया जाने जैसा गंभीर अपराधिक मामला ही ठहराया जा सकता है । सुप्रीम कोर्ट स्वास्थ्य विभाग हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री सभी के निर्देश हैं कि घायल पीड़ित रोगी का उपचार करना पहली प्राथमिकता में शामिल है। लेकिन पटौदी नागरिक अस्पताल में बीते कुछ दिनों से यहां के एसएमओ डॉक्टर योगेंद्र सिंह के कथित तौर परदे के पीछे रहते हुए जिस प्रकार से कथित प्रपंच रचा जा रहे हैं , वह किसी साजिश से कम भी महसूस नहीं किए जा सकते।सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि पटौदी अस्पताल के डॉक्टर योगेंद्र सिंह को आखिर स्वास्थ्य विभाग का या फिर सत्ता पक्ष का अथवा कोई अन्य प्रभावशाली राजनीतिक व्यक्ति अपना संरक्षण प्रदान हैं ? यह भी तत्काल जांच का विषय बन चुका है ।

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 मीडिया कर्मियों  भी  धमकी भी दी गई
इसी दौरान शनिवार सुबह जब इस पूरे घटनाक्रम का जिसमें की दिव्यांग प्रसूता और जन्म लेने वाले गर्भस्थ शिशु शिशु की जान को खतरा भी बना हुआ था, इसकी जानकारी मिलते ही जब मीडिया कर्मी पटौदी अस्पताल परिसर में पहुंचे तो वहां पहले से ही पटौदी नागरिक अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर योगेंद्र सिंह के समर्थक पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के द्वारा मीडिया कर्मियों के साथ भी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए काम में बाधा डाली गई। जिंदगी और मौत से लड़ रही प्रसूता के परिजनों से बात करने से भी रोका गया । इतना ही नहीं फोटो खींचने और घटना की रिकॉर्डिंग के समय कई मीडिया कर्मियों के मोबाइल फोन भी तोड़ने के प्रयास करते हुए विभिन्न प्रकार के आरोप लगाए गए । इसके साथ ही धमकी भी दी गई कि फिर दोबारा से पटौदी नागरिक अस्पताल में मीडिया कर्मियों को देखा गया तो किसी भी मामले में कोई भी आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज करवा दिया जाएगा ।
इस पूरे मामले में सिजेरियन ऑपरेशन में अपना सहयोग देने के लिए पहुंचे विशेषज्ञ डॉक्टर के मुताबिक उनके साथ भी यह सरकारी अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ के द्वारा अभद्र व्यवहार करते हुए सरकारी काम में बाधा डालकर सिजेरियन डिलीवरी नहीं करने के लिए धमकी दी गई । इस पूरे मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर वीरेंद्र सिंह के द्वारा अभी तक मीडिया के सामने घटनाक्रम को लेकर अपना मुंह बंद रखना , यह भी तत्काल जांच का विषय महसूस किया जाने लगा है । पूरे घटनाक्रम को देखते हुए इस बात को कहने में कोई संकोच नहीं है कि पटौदी के नागरिक अस्पताल के एसएमओ योगेंद्र सिंह के द्वारा पर्दे के पीछे रहकर अपने कुछ स्वार्थी कट्टर समर्थक के सहयोग से यहां अब मरीजों गर्भवती महिलाओं और गर्भस्थ शिशु जान के साथ भी खेलने का खेल शुरू करते हुए हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज, गुरुग्राम के डीसी निशांत कुमार यादव , स्वास्थ्य विभाग के चंडीगढ़ में बैठे वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों और सबसे अधिक संबंधित परिवार के सदस्यों के सामने भी खुली चुनौती खड़ी कर दी गई है ।
शनिवार को जिस दिव्यांग महिला के द्वारा सिजेरियन ऑपरेशन के माध्यम से नवजात शिशु को जन्म देना था , उस दिव्यांग महिला का ऐसा कौन सा गंभीर अपराध था जो कि उसकी सिजेरियन डिलीवरी में पटौदी अस्पताल के पैरामेडिकल और नर्सिंग स्टाफ के द्वारा ऑपरेशन थिएटर में घुसकर बाधा डाली गई ? बताया गया है कि ऑपरेशन थिएटर में किए गए हंगामे को देख कर यह दिव्यांग महिला बहुत बुरी तरह से घबरा गई और डर गई कि कहीं उसके  या उसके जन्म लेने वाले नवजात शिशु के साथ हंगामा करने वाले नर्सिंग स्टाफ के सदस्य कोई अनहोनी घटना को भी अंजाम दे सकते हैं ? सवाल यही है कि पैरामेडिकल स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ जिसका की ऑपरेशन थिएटर में ऑपरेशन किया जाने के दौरान कोई किसी प्रकार का दखल या कार्य नहीं होता है, वे लोग क्यों और किसके कहने पर या फिर दवाब में जबरदस्ती ऑपरेशन थिएटर में घुसे और सिजेरियन ऑपरेशन-सरकारी काम में बाधा डाली गई। ऐसे में प्रसूता और नवजात शिशु के साथ या फिर गर्भस्थ शिशु के साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी या फिर जच्चा या बच्चा की जान जाने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है ।
शुक्रवार को एसएमओ ने मनाया जश्न
1 दिन पहले शुक्रवार को पटौदी अस्पताल के पैरामेडिकल स्टाफ के द्वारा 4 घंटे से अधिक समय तक काम बंद कर हड़ताल की गई । जानकारी मिलते ही पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार भी मौके पर पहुंचे और हड़ताल करने वाले स्टाफ की बात को भी उन्होंने सुना । सूत्रों के मुताबिक पटौदी के एसडीएम प्रदीप कुमार के द्वारा अस्पताल परिसर से रवानगी होने के उपरांत, कथित रूप से पटौदी के सीएमओ डॉ योगेंद्र सिंह ने अपने समर्थन में बैठे हड़ताली पैरामेडिकल स्टाफ को खुशखबरी देते हुए कहा कि मेरा ट्रांसफर पटौदी अस्पताल से होना कैंसिल हो गया है। अब आप अपनी हड़ताल समाप्त कर ले, इसके बाद में कथित रूप से एसएमओ के हड़ताल पर बैठे समर्थकों के द्वारा जबरदस्त क्लैपिंग करते हुए अपनी जीत का जश्न भी मनाया गया ।
पटौदी डॉक्टर पुलिस प्रोटेक्शन में रवाना
शनिवार को हुए घटनाक्रम के दौरान पटौदी अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर योगेंद्र सिंह के द्वारा पर्दे से पीछे से अपना समर्थन देकर कथित रूप से सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान करवाए गए हंगामे और डाली गई बाधा के उपरांत डॉक्टरों के द्वारा पटोदी थाना में भी लिखित शिकायत देते हुए अपने ऊपर हमला करने सहित जान को भी खतरा बताते हुए शिकायत दी गई । इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस संरक्षण में ही संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टरों को पटौदी मंडी नगर परिषद सीमा से बाहर पूरी तरह से सुरक्षित पुलिस संरक्षण में गंतव्य तक पहुंचने के लिए रवाना किया गया।
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