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मनोहर लाल की किरकिरी  (मुख्यमंत्री )के सामने स्टेज हाईजैक, नचा दी रशियन बालाएं

मनोहर लाल की किरकिरी  (मुख्यमंत्री )के सामने स्टेज हाईजैक, नचा दी रशियन बालाएं
– ओएसडी प्रचार ने करवा दी
– विपक्षियों को मिला मुद्दा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

===अजय दीप लाठर=====
गुड़गांव में शीतला सरस मेले के दौरान रशियन बालाओं के डांस के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल विपक्ष के निशाने पर हैं।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी डॉ सुशील कुमार गुप्ता ने तो डांस की वीडियो ट्वीट करते हुए बाकायदा पूरी सरकार पर ही निशाना साधा है।
विडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार की किरकिरी हो रही है और यह किरकरी करवाने में उनके सीएमओ की ही अहम भूमिका रही, जो विपक्ष को हाथों हाथ मुद्दा दे दिया।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल गुरुवार शाम को शीतला सरस मेले में शिरकत करने के लिए पहुंचे। यहां उनके सामने प्रस्तुति के लिए जिस तरह के कार्यक्रम आयोजन समिति, मेला प्रबंधन व प्रशासनिक अधिकारियों ने तय किए थे, उनके बीच में अचानक से रशियन बालाओं का नृत्य अनाउंस कर दिया गया।
यह सब करने वाला कोई और न होकर मुख्यमंत्री का ओएसडी प्रचार गजेंद्र फोगाट था। मेले से जुड़े अफसरों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि वे किसी भी तरह की ऐसी प्रस्तुति मुख्यमंत्री के सामने करवाने को बिल्कुल तैयार नहीं थे।
लेकिन, उन पर जबरन दबाव बनाया गया और यह सब ओएसडी प्रचार गजेंद्र फोगाट की ही जिद थी और उन्होंने ही इन कलाकारों को बुलाया था।
यानी, जिस ओएसडी प्रचार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री और हरियाणा सरकार की वाहवाही करवाने की है, उन्होंने ही विपक्ष के हाथ में बैठे-बिठाए एक मुद्दा सौंप दिया।
रशियन बालाओं द्वारा हरियाणवी गानों पर डांस के बाद हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणवी संस्कृति की धमक विदेशों तक पहुंच गई है,
रूस की बालिकाओं ने हरियाणवी गानों पर ऐसी प्रस्तुति दी, जैसी हमारी कन्याएं देती हैं। उधर, दूसरी तरफ आयोजन के जुड़े सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री ने बाद में इस प्रस्तुति को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार भी लगाई।
रशियन कलाकारों को मेहनताना कौन देगा?
हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित इस मेले में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शेड्यूल पहले से ही निर्धारित होता है। बाकायदा यह तय किया गया था कि इसमें सिर्फ हरियाणा से जुड़ी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 9 से 20 अप्रैल तक चलने वाले मेले में तीन दिन पब्लिक रिलेशन डिपार्टमेंट, तीन दिन सांस्कृतिक मंत्रालय ने कलाकार भेजने तय किए। शेष दिनों के लिए हरियाणा कला परिषद को जिम्मेदारी सौंपी। कला परिषद को नियमानुसार कलाकारों का भुगतान भी करना है। यह खुलकर बताने के लिए कोई तैयार नहीं है कि मुख्यमंत्री के लिए निर्धारित सांस्कृतिक कार्यक्रम किसने और किसके कहने पर बदला और सवाल यह भी उठता है कि रशियन कलाकारों को मेहनताना कौन देगा?
‘सीएम के आगमन को देखते हुए कवि सम्मेलन करवाना तय किया गया था, लेकिन जब मुख्यमंत्री पहुंचे तब तक कवि सम्मेलन समाप्त हो गया। बाद में स्पोंसर की सलाह पर रशियन कलाकारों द्वारा हरियाणवी गानों पर डांस का आयोजन तय किया गया। यह रूपरेखा कैसे बनी, इससे विस्तृत जानकारी नहीं है।’ – अन्नु दयाल श्योकंद, जिला परिषद की सीईओ व मेले की नोडल ऑफिसर
‘यह सच है कि मेले में हरियाणवी संस्कृति से जुड़े सांस्कृतिक आयोजन करवाने तय किए थे, अचानक रशियन कलाकारों का डांस कार्यक्रम कैसे बना, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। हम ग्रामीण महिलाओं के हितार्थ कार्य कर रहे हैं और सरस मेले में हम सफल भी हुए हैं।’ – डाॅ अमरेंद्र कौर, सीईओ, एचएसआरएलएम
(– अजय दीप लाठर, लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक हैं।)
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