मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की घोषणा पर अमल शुरु, कड़ैल में बस सेवा शुरू करने के आदेश जारी
कड़ैल में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र को क्रमोन्नयन का प्रस्ताव मुख्यालय भेजा
डीएमएफटी फंड से बनेगी बालिका विद्यालय की चारदीवारी, 38 लाख की स्वीकृति जारी
अजमेर,/11 मई/अटल हिन्द/दिनेश जांगिड़
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा द्वारा पुष्कर क्षेत्र के ग्राम कड़ैल में ग्राम चौपाल के दौरान की गई घोषणाओं पर अमल शुरु हो गया है। मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कड़ैल में पीएचसी को सीएचसी में क्रमोनत करने, गांव में बस सेवा शुरू करने तथा बालिका स्कूल की चारदीवारी बनवाने की घोषणा की थी। इन घोषणाओं पर तुरंत कार्यवाही शुरू की गई है।
कड़ैल में बस सेवा शुरू करने के आदेश जारी कर दिए गए है। पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नयन का प्रस्ताव चिकित्सा निदेशालय को भिजवा दिया गया है। साथ ही बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की चारदीवारी के लिए डीएमएफटी फंड से स्वीकृति जारी की गई है।
जिला कलक्टर श्री लोक बंधु ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने सोमवार को प्रातः ग्राम चौपल के दौरान गमीणों की मांग पर गांव में बस सेवा शुरू करने की घोषणा की थी। इस घोषणा पर कार्रवाई करते हुए नगर निगम अजमेर ने आदेश जारी किया है।
इसके तहत नगर निगम द्वारा संचालित एपीसीबीएल कंपनी अंतर्गत अजमेर से पुष्कर मार्ग पर संचालित बस सेवा का रूट बढ़ाकर अब देवनगर वाया तिलोरा, कड़ैल, खोरी तक किया गया है। नगर निगम अजमेर के क्षेत्र में एपीसीबीएल कंपनी के अंतर्गत अजमेर से पुष्कर मार्ग पर 2 बसें संचालित है। इसके तहत अजमेर-पुष्कर मार्ग पर संचालित एक बस का संचालन परिवर्तित मार्ग से किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
उन्होंने बताया कि ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों की मांग पर कड़ैल पीएचसी को सीएचसी में क्रमोन्नत करने की घोषणा की गई थी। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, अजमेर द्वारा विस्तृत प्रस्ताव चिकित्सा निदेशालय को प्रेषित किया गया है।
प्रस्ताव में उल्लेख किया गया है कि कड़ैल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रतिवर्ष लगभग 30 हजार की आबादी को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है तथा आसपास के 11 गांव भी इस स्वास्थ्य केन्द्र पर निर्भर हैं। वर्तमान में यहां प्रतिदिन लगभग 60 से 65 मरीजों की ओपीडी संचालित हो रही है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र कड़ैल में चिकित्सा अधिकारी, जीएनएम, नर्सिंग ऑफिसर, डाटा एंट्री ऑपरेटर, हेल्थ सुपरवाइजर एवं लैब कार्मिक सहित विभिन्न पद स्वीकृत हैं तथा अधिकांश पदों पर कार्मिक कार्यरत हैं। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्रीय आवश्यकता एवं मरीजों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य केन्द्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नयन जनहित में आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि पुष्कर उप जिला चिकित्सालय कड़ैल से लगभग 12 किलोमीटर तथा जिला मुख्यालय अजमेर 25 किलोमीटर दूर स्थित है। दुर्घटना एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए कड़ैल पीएचसी का सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में क्रमोन्नयन करना आवश्यक है।
साथ ही पुष्कर अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल होने तथा मेलों एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान क्षेत्र में बढ़ने वाली आवागमन और स्वास्थ्य सेवाओं की मांग को देखते हुए यह प्रस्ताव भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि इसी प्रकार ग्राम कड़ैल में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय का निर्माण पूर्व में लगभग 4.5 करोड़ रुपए की लागत से कराया गया था। मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के ग्राम आगमन एवं ग्राम चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा बालिकाओं की सुरक्षा एवं विद्यालय परिसर की समुचित व्यवस्था के मद्देनजर विद्यालय की चारदीवारी निर्माण की मांग रखी गई थी।
इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा चारदीवारी निर्माण कराने की घोषणा की गई। इस पर जिला परिषद द्वारा डीएमएफटी फंड से लगभग 38 लाख रुपए की स्वीकृति जारी की गई है।
उन्होंने बताया कि चारदीवारी निर्माण से विद्यालय परिसर सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित होगा तथा छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ शैक्षणिक गतिविधियों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी। जिला प्रशासन द्वारा मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करते हुए स्वीकृति प्रक्रिया पूर्ण की गई है।
सुबह की सैर के साथ मुख्यमंत्री भजन लाल कड़ेल के ग्रामीण

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अजमेर जिले के कड़ेल गांव में सोमवार सुबह की सैर के साथ एक बार फिर आमजन के बीच पहुंचकर जन संवाद और जनविश्वास का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया। रविवार रात को ग्राम चौपाल में ग्रामीणों से संवाद के बाद मुख्यमंत्री सुबह गांव की गलियों में पैदल भ्रमण करते नजर आए। ग्रामीण जब अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने मुख्यमंत्री को सहज और सरल भाव से गांव के बीच उपस्थित पाया।
मुख्यमंत्री ने गांव की गलियों में भ्रमण करते हुए बुजुर्गों से आशीर्वाद लिया तथा महिलाओं, किसानों, पशुपालकों, युवाओं, फल एवं सब्जी विक्रेताओं और सफाईकर्मियों से बातचीत की। उन्होंने ग्रामीणों से राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक लिया और आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना।
मुख्यमंत्री को अपने बीच सहज रूप में पाकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को दुलारते हुए उनकी पढ़ाई-लिखाई की जानकारी ली साथ ही, उन्हें चॉकलेट वितरित की।
भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गांव के प्राचीन शेषनाग भगवान मंदिर में दर्शन कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उत्तम स्वास्थय की कामना की। मंदिर परिसर में भी उन्होंने श्रद्धालुओं से भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री ने किसानों से गुलाब, आंवला, लेसवा, जामुन और प्याज सहित स्थानीय कृषि उत्पादों एवं पारंपरिक खेती की पद्धतियों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को आधुनिक, वैज्ञानिक एवं नवाचार आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों और जल संरक्षण आधारित प्रयासों से उत्पादन और आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है।
ग्रामीणों की मांग पर मौके पर ही संवेदनशील निर्णय
ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं और मांगों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों की मांग पर मुख्यमंत्री ने गांव के प्राथमिक स्वास्थय केंद्र को सामुदायिक स्वास्थय केंद्र में क्रमोन्नत करने की घोषणा की। साथ ही, परिवहन सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अतिरिक्त बस संचालन सुनिश्चित करने तथा बालिका विद्यालय की चारदीवारी निर्माण के लिए भी अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने गांव में लंबित राजस्व प्रकरणों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को विशेष शिविर आयोजित कर राजस्व वादों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आमजन को त्वरित राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ पी चाय, सुने अभाव अभियोग
ग्राम भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों के साथ बैठकर चाय पी तथा गांव के विकास, खेती-किसानी, शिक्षा और दैनिक जीवन से जुड़े विभिन्न विषयों पर आत्मीय चर्चा की। इस दौरान मुख्यमंत्री की सहजता ने ग्रामीणों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।


