कोटपूतली-बहरोड़ / 8 मई / अटल हिन्द ब्यूरो
जिले के विराटनगर क्षेत्र अंतर्गत ढाणी गैसकान गांव में शादी समारोह खुशी के माहौल में शुरू हुआ, जो कुछ ही देर बाद अफरा-तफरी में बदल गया। समारोह में परोसी गई रसमलाई खाने के बाद करीब 105 ग्रामीणों, बच्चों और मेहमानों को फूड पॉइजनिंग हो गया।जानकारी के अनुसार, मेहमानों को मिठाई के रूप में रसमलाई दी गई थी।
मिठाई खाने के कुछ समय बाद बच्चों और बड़ों में उल्टी, पेट दर्द, घबराहट और चक्कर आने की शिकायतें शुरू हो गईं। स्थिति बिगड़ते देख परिजनों ने तुरंत सभी बीमार लोगों को विराटनगर क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आतेला पहुंचाया। इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के आने से अस्पताल में हड़कंप मच गया।

उपखंड अधिकारी कपिल कुमार उपाध्याय ने बताया कि शादी में रसमलाई खाने के बाद 105 लोग फूड पॉइजनिंग की चपेट में आ गए। चिकित्सकों के त्वरित इलाज से सभी मरीजों की हालत में सुधार है। खाद्य सुरक्षा विभाग कोटपूतली की टीम मौके पर पहुंची और रसमलाई समेत अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिए हैं।
प्राथमिक जांच में फूड पॉइजनिंग की पुष्टि हुई है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार 105 प्रभावितों में बच्चों की संख्या अधिक थी। इनमें से 16 बच्चों और 14 वयस्कों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए शाहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेफर कर दिया गया। बाकी मरीजों का मौके पर इलाज कर उन्हें छुट्टी दे दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही विराटनगर उपखंड अधिकारी कपिल कुमार उपाध्याय, बीसीएमएच सुनील मीणा सहित कई प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का जायजा लिया। इस घटना से पूरे गांव में चिंता का माहौल है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि किसी भी समारोह या आयोजन में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, ताजगी और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।

राजस्थान में अन्य प्रमुख फूड पॉइजनिंग घटनाएंराजस्थान में शादी समारोह, मिड-डे मील, प्रसाद और सामूहिक भोजन के दौरान फूड पॉइजनिंग की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रहती हैं। यहां कुछ हालिया और उल्लेखनीय घटनाएं हैं:
1. उदयपुर मास वेडिंग फूड पॉइजनिंग (फरवरी 2025)
- उदयपुर जिले में सामूहिक विवाह समारोह में 200 से अधिक मेहमान बीमार पड़े।
- 50 से ज्यादा लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती रहे।
- दूषित भोजन को मुख्य कारण माना गया।
2. उदयपुर में 3 मौतें (मई 2024)
- उदयपुर जिले के कोटड़ा क्षेत्र में एक विवाह समारोह में दूषित भोजन खाने से 3 लोगों की मौत हो गई।
- 36 लोग अस्पताल में भर्ती हुए।
- गर्मी और खराब भोजन को जिम्मेदार ठहराया गया।
3. दौसा स्कूल मिड-डे मील (सितंबर 2025)
- दौसा जिले के चूड़ियावास गांव के सरकारी हायर सेकेंडरी स्कूल में मिड-डे मील (चपाती-सब्जी) खाने के बाद 90 से 100 बच्चे बीमार।
- उल्टी, पेट दर्द और चक्कर की शिकायतें आईं।
- सभी बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
4. बूंदी शादी समारोह (हालिया – मई 2026 के आसपास)
- बूंदी जिले के कचरावता गांव में शादी में 40 लोग (दुल्हन सहित) फूड पॉइजनिंग के शिकार।
- रायता या अन्य खाने से तबीयत बिगड़ी।
5. अन्य उल्लेखनीय घटनाएं
- जैसलमेर: नवरात्रि उपवास के दौरान सागर खाने से 200 लोग बीमार।
- रामबास गांव (2023): धार्मिक कार्यक्रम में 150 लोग बीमार पड़े।
- अपना घर आश्रम (2022): 3 मौतें और 15 लोग अस्पताल में।
- छात्रावासों और पुलिस थानों में भी कई छोटी-बड़ी घटनाएं दर्ज हुई हैं।
सामान्य कारण: गर्मी के मौसम में खाने की खराब स्टोरेज, दूषित तेल/मसाले, अस्वच्छ पानी और मिठाई/दही जैसी मिल्क बेस्ड चीजें अक्सर समस्या पैदा करती हैं।कोटपूतली-ढाणी गैसकान वाली हालिया घटना (105 लोग प्रभावित) भी इसी श्रेणी में आती है, जहां रसमलाई मुख्य वजह बनी।
राजस्थान में खाद्य सुरक्षा नियम (FSSAI के तहत)भारत में खाद्य सुरक्षा मुख्य रूप से खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम 2006 (FSS Act 2006) के अंतर्गत नियंत्रित होती है।
राजस्थान में इन नियमों को आयुक्तालय, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, राजस्थान लागू करता है। राज्य स्तर पर खाद्य सुरक्षा आयुक्त इनकी निगरानी करते हैं।
मुख्य खाद्य सुरक्षा नियम और विनियम (FSS Regulations 2011 और बाद के)FSSAI द्वारा जारी प्रमुख विनियम निम्नलिखित हैं (ये पूरे भारत में लागू होते हैं, राजस्थान सहित):
- खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण विनियम, 2011 — सभी खाद्य व्यवसायों (उत्पादन, भंडारण, वितरण, बिक्री) के लिए FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन अनिवार्य।
- खाद्य उत्पाद मानक और खाद्य सहयोजकों का विनियम, 2011 — खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता मानक, additives की अनुमति।
- विक्रय प्रतिषेध और प्रतिबंध विनियम, 2011 — कुछ खतरनाक पदार्थों की बिक्री पर रोक।
- दूषित पदार्थ, विष और अवशेष विनियम, 2011 — भोजन में प्रदूषकों की अधिकतम सीमा।
- पैकेजिंग और लेबलिंग विनियम, 2018/2020 — पैकेजिंग सामग्री, लेबल पर जानकारी (FSSAI लोगो, पोषण संबंधी जानकारी)।
- अन्य महत्वपूर्ण: फोर्टिफिकेशन, ऑर्गेनिक फूड, हेल्थ सप्लीमेंट्स, इंफैंट फूड, फूड रिकॉल आदि के विनियम।
FSSAI लाइसेंस के प्रकार (टर्नओवर के आधार पर)
- Basic Registration — सालाना टर्नओवर ₹12 लाख तक (Form A)।
- State License — ₹12 लाख से ₹20 करोड़ तक (Form B)।
- Central License — ₹20 करोड़ से अधिक या बड़े पैमाने पर व्यवसाय।
लाइसेंस लेना अनिवार्य है शादियों, होटल, रेस्तरां, मिठाई दुकान, स्ट्रीट फूड, डेयरी, मांस, पानी बोतलिंग आदि सभी के लिए।राजस्थान में मुख्य प्रावधान और क्रियान्वयन
- खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) — जिला स्तर पर सैंपलिंग, निरीक्षण और कार्रवाई करते हैं।
- स्वच्छता और स्वच्छता मानक — Schedule 4 के अनुसार (व्यक्तिगत स्वच्छता, पानी परीक्षण, स्टोरेज, परिवहन)।
- मिलावट पर सख्ती — मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचना दंडनीय (जुर्माना, लाइसेंस निलंबन, जेल)।
- शादी समारोह/बड़े आयोजनों में — खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, ताजगी और स्वच्छता सुनिश्चित करना जरूरी। सैंपलिंग आम है।
- स्ट्रीट वेंडर्स — कुछ राहत (पंजीकरण शुल्क माफी संबंधी अपडेट समय-समय पर)।
दंड और कार्रवाई
- FSS Act की धारा 59 के तहत मिलावट पर जुर्माना और सजा।
- सुधार नोटिस, उत्पाद रिकॉल, लाइसेंस रद्दीकरण।
- राजस्थान विभाग नियमित ड्राइव चलाता है (जूस, कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाई आदि की जांच)।
संपर्क और जानकारी
- आयुक्तालय, खाद्य सुरक्षा — स्वास्थय भवन, सी-स्कीम, जयपुर।
- फोन: 0141-2221760, 2221670, 2227771
- ईमेल: commisionerfs&dc@rajasthan.gov.in
आधिकारिक वेबसाइट:
- FSSAI — www.fssai.gov.in
- राजस्थान — rajswasthya.rajasthan.gov.in (Food Safety Section)
सलाह: कोई भी खाद्य व्यवसाय शुरू करने से पहले FSSAI पोर्टल (foodlicensing.fssai.gov.in) पर आवेदन करें। शादियों/आयोजनों में हमेशा FSSAI अनुपालन वाले वेंडर्स से ही सामग्री लें।


