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Dunki सिस्टम के खिलाफ हैं- मनोहर लाल खट्टर

Dunki सिस्टम के खिलाफ हैं- मनोहर लाल खट्टर
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Dunki सिस्टम के खिलाफ हैं- मनोहर लाल खट्टर

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि हमारी सरकार विभिन्न देशों में मैनपॉवर सप्लाई करने के लिए तैयार है। इजरायल और हमास के बीच चल रहे युद्ध को लेकर खट्टर ने कहा कि बेंजामिन नेतन्याहू के देश ने 1000 कामगारों की मांग की थी जिसे लेकर एक विज्ञापन जारी किया गया था। इसमें कहा गया था कि जो योग्य हैं वो आवेदन करें।

खट्टर ने बताया कि दुबई में एक बैठक के दौरान हमने जरूरतमंद देशों में मैनपॉवर भेजने पर सहमति जताई थी। ऐसे कई देश हैं जहां मैनपॉवर की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सभी कानूनी विकल्पों पर विचार करते हुए युवाओं को व्यवस्थित तरीके से भेजना चाहिए। खट्टर ने कहा कि किसी को भी जाने के लिए मजबूर नहीं किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने ‘डंकी सिस्टम’ का विरोध किया है। इजरायल में लोग रह रहे हैं और जो वहां जाकर मदद करना चाहते हैं उन्हें जाने की आजादी है। दरअसल, डंकी शाहरुख खान की आने वाली फिल्म है जिसमें अवैध तरीके से लोगों को अमेरिका, कनाडा या ब्रिटेन भेजते हुए दिखाया गया है। खट्टर इसी तरह के सिस्टम के खिलाफ बात कर रहे थे।

प्रदेश में कम हुई बेरोजगारी दर
इसके साथ ही एक्स पर एक पोस्ट में खट्टर ने कहा कि साल 2015-16 में हरियाणा की गरीबी दर 11.88 प्रतिशत आंकी गई थी। इसके बाद से हमने निरंतर प्रयास किए जिनका परिणाम है कि साल 2019-21 में यह दर 7.07 प्रतिशत हो गई। हमारी सरकार के दौरान यह दर 4.5 प्रतिशत से ज्यादा कम हुई है और 14 लाख 29 हजार 341 परिवार गरीबी रेखा से ऊपर आए हैं।

इजरायल में नौकरी का शानदार मौका, हर‍ियाणा सरकार ने 10,000 भर्तियों का निकाला विज्ञापन, सैलरी एक लाख

रियाणा सरकार इजरायल के लिए 10,000 योग्य कर्मचारियों की भर्ती कर रही है। इसके लिए राज्य की पब्लिक सेक्टर की कंपनी हरियाणा कौशल रोजगार निगम ने शुक्रवार को विज्ञापन जारी किया था। बता दें कि हमास के साथ युद्ध की वजह से इजरायल में कंस्ट्रक्शन सेक्टर में मैन पावर की बहुत कमी चल रही है।

विज्ञापन के अनुसार अगर कोई व्यक्ति 10वीं पास है तो वह इस नौकरी के लिए योग्य है। आवेदक की आयु 15 से 54 साल के बीच होनी चाहिए और कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए। वेतन 6100 NIS (इरायल की करेंसी) प्रति माह होगी। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 1.34 लाख रुपये होती है।
आवेदक को इंडस्ट्रियलाइज्ड बिल्डिंग फ्रेमवर्क, वुड फ्रेमवर्क, दीवारों और छतों की सेरामिक टाइलिंग, प्लास्टरिंग और आयरन बेंडिंग के काम का अनुभव होना चाहिए। इसके साथ ही इस नौकरी के लिए आवेदन करने वाले लोगों को कंस्ट्रक्शन प्लांस पढ़ने की अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

इजरायल में काम करने वालों की भारी कमी

बता दें कि युद्ध के चलते इजरायल में करीब 90,000 फलस्तीनियों के वर्क परमिट रद्द कर दिए गए हैं। इस वजह से वहां काम करने वालों की भारी कमी हो गई है। बीच में ऐसी रिपोर्ट भी सामने आई थी कि इजरायल बिल्डर्स एसोसिएशन कंस्ट्रक्शन कर्मचारियों की उपलब्धता के लिए भारत से बाचतीत कर रहा है।

खास बात यह है कि हरियाणा सरकार का यह कदम तब सामने आया है जब केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने हाल ही में राज्यसभा में बताया था कि फलस्तीनी कर्मचारियों के स्थान पर भारतीय कर्मचारियों को भेजने को लेकर केंद्र सरकार की इजरायल के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है।

साल 2014 के बाद रिकॉर्ड बढ़ी बेरोजगारी

श्रम एवं रोजगार के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली ने जुलाई में एक सवाल का जवाब देते हुए संसद में कहा था कि साल 2014 के बाद से हरियाणा में बेरोजगारी 315 प्रतिशत बढ़ गई है। एक डाटा के अनुसार जुलाई तक हरियाणा के विभिन्न जिलों में नौकरी तलाश कर रहे पंजीकृत युवाओं की संख्या पांच लाख 43 हजार 874 थी।

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