पंचकूला, अंबाला, सोनीपत, रेवाड़ी, धारूहेड़ा, सांपला और उकलाना में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। कई सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं।
चंडीगढ़ /9 मई / अटल हिन्द /राजकुमार अग्रवाल
हरियाणा के सात नगर निकायों में आज रविवार को मतदान कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इन चुनावों में कुल 8,71,048 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें 4,21,679 महिला मतदाता शामिल हैं। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। सातों निकायों में 112 से अधिक बूथों को संवेदनशील घोषित किया गया है। मतदान सुबह 8 बजे से शुरू होगा और कुल 614 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी।
निकाय चुनावों को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों ने पूरी ताकत झोंक दी है। कई स्थानों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है, जिसके चलते सीधी लड़ाई कई जगह त्रिकोणीय और बहुकोणीय संघर्ष में बदल गई है। इससे चुनावी समीकरण काफी उलझे हुए दिखाई दे रहे हैं और अंतिम परिणाम को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है।
अंबाला शहर नगर निगम में मेयर पद के लिए भाजपा की अक्षिता सैनी, कांग्रेस की कुलविंदर कौर और निर्दलीय प्रत्याशी सोनिया चौधरी के बीच कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निर्दलीय उम्मीदवार की मौजूदगी ने दोनों प्रमुख दलों के वोट बैंक पर असर डाला है। वहीं सोनीपत नगर निगम में भाजपा के राजेश जैन और कांग्रेस के कमल दिवान के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यहां 2,96,045 मतदाता 22 वार्डों के 264 बूथों पर मतदान करेंगे।
उकलाना नगर पालिका में भाजपा की निकिता गोयल और निर्दलीय प्रत्याशी रीमा सोनी के बीच सीधी टक्कर है। यहां करीब 2200 युवा पहली बार मतदान करेंगे, जिनकी भूमिका निर्णायक मानी जा रही है। रोहतक के सांपला में भाजपा प्रत्याशी प्रवीण कोच को दो निर्दलीय उम्मीदवारों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार नहीं उतारने से यहां मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
धारूहेड़ा नगर पालिका में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष बना हुआ है। वहीं रेवाड़ी नगर परिषद में भाजपा की विनीता पीपल और कांग्रेस की निहारिका चौधरी के बीच सीधी भिड़ंत है। पंचकूला मेयर चुनाव में भाजपा के श्याम लाल बंसल और कांग्रेस की रेखा भारद्वाज आमने-सामने हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में कई बार चुनाव प्रचार कर इस सीट को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना दिया है।
यह चुनाव भले स्थानीय निकायों का हो, लेकिन कई बड़े नेताओं की राजनीतिक साख इससे जुड़ी हुई है। पंचकूला में कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई और सांसद वरुण चौधरी की प्रतिष्ठा दांव पर है, जबकि भाजपा की ओर से सीएम नायब सिंह सैनी और प्रभारी विपुल गोयल की साख भी इस चुनाव से जुड़ी हुई है। अंबाला को मुख्यमंत्री का गृह जिला माना जाता है, जहां पूर्व मंत्री असीम गोयल और कैबिनेट मंत्री अनिल विज की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
सोनीपत भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली का गृह जिला है, जबकि कांग्रेस की ओर से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी सक्रिय हैं। रेवाड़ी और धारूहेड़ा क्षेत्र केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत के प्रभाव वाला इलाका माना जाता है। वहीं सांपला को हुड्डा परिवार का मजबूत गढ़ माना जाता है, जहां से दीपेंद्र सिंह हुड्डा सांसद हैं। उकलाना में कांग्रेस विधायक नरेश सेवाल और सांसद जयप्रकाश की भूमिका भी अहम मानी जा रही है।
इन निकाय चुनावों में सफाई व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्ट्रीट लाइट, पार्किंग और भ्रष्टाचार जैसे स्थानीय मुद्दे मतदाताओं के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। अब सभी की निगाहें मतदान प्रतिशत और चुनाव परिणामों पर टिकी हुई हैं।


