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हेली मंडी क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !

हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !
हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !

हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !

बीते तीन महीने से सड़क को खोदकर गायब हो गया ठेकेदार

पटौदी मंडी नगर परिषद में श्रीराम चौक से रेलवे रोड बेहाल

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सरकार और नेता चुनाव में व्यस्त इधर जनता हो गई त्रस्त

सीवर के गंदे पानी की नहर बन गई लंबी चौड़ी गहरी सड़क

आसपास के निवासी और दुकानदार सभी हो रहे है परेशान

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अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
पटौदी । पटौदी मंडी नगर परिषद के हेली मंडी (Helimandi)क्षेत्र में श्रीराम चौक से रेलवे स्टेशन जाने वाले सड़क मार्ग का हाल देखें तो अपने आप में बड़ा सवाल यह बंन पड़ा है कि यह ठेका ठेकेदार को सड़क बनाने के लिए दिया गया या फिर सरकार ने बीमारियां फैलाने टेंडर छोड़ा गया था ? इससे पहले भी इसी सड़क मार्ग को कथित रूप से ठेकेदार ने अधिकृत रूप से काम करने की परमिशन मिलने से पहले ही खोदकर छोड़ दिया था । जिसके कारण उड़ने वाली धूल मिट्टी तथा आवागमन में परेशानी को देखते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व पार्षद के नेतृत्व में एक मांग पत्र सड़क मार्ग को जल्द से जल्द बनाने के लिए हेलीमंडी नगर पालिका सचिव(Helimandi Municipality Secretary) को सौंपा गया था।इसके बाद मार्केट कमेटी कार्यालय(market committee office.) के सामने तक तो जैसे तैसे सड़क को बना दिया गया ।

हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !
हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !

लगता है उसके बाद ठेकेदार इस सड़क मार्ग को खोदकर कहीं चुनाव में तो व्यस्त नहीं हो गया या फिर सत्ता पक्ष के लिए चुनाव प्रचार में जिम्मेदारी तो नहीं सौंप दी गई ? सड़क तो फिर भी बनती रहेगी यदि सत्ता पक्ष का उम्मीदवार चुनाव में हार गया तो सरकार सहित सत्तापक्ष की किरकिरी भी हो सकती है । लेकिन इससे ज्यादा किरकिरी और परेशानी मौजूदा समय में स्थानीय निवासियों को झेलनी पड़ रही है। पंचायती धर्मशाला के पास जहां पर अक्सर सामाजिक धार्मिक विभिन्न प्रकार के आयोजन होते रहते हैं , यहीं से ही लेकर मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने तक पूरी सड़क मार्ग सीवर के गंदे पानी की नहर में तब्दील हो चुकी है । हालात यह बने हुए हैं कि स्थानीय निवासियों दुकानदारों का आना जाना और घरों में रहना तक दुश्वार होता जा रहा है । स्थानीय निवासियों में कश्मीर सिंह, एडवोकेट बसंत भार्गव, योगेश कुमार ,दयाचंद, दीपक, सोना देवी , कृष्ण , महेंद्र, अयोध्या प्रसाद व अन्य के मुताबिक सड़क मार्ग को जल्द से जल्द बनाने की कई बार संबंधित विभाग और पटौदी प्रशासन के अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है । लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हो रही है।

हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !
हेली मंडी (Heli Mandi)क्षेत्र में ठेका सड़क बनाने का या बीमारियां फैलाने का दिया !

बदलते मौसम में बीमारियां फूट रही है और यहां जो हालात सीवर का पानी भरने से बने हुए हैं , उस की दुर्गंध सहित यहां जमा गंदगी के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां भी अब अपने पांव फैलाने लगी हैं । सबसे अधिक परेशानी रेलवे स्टेशन पर जाने वाले आम यात्रियों सहित ऐसे सभी लोगों को हो रही है जिनके यहां आवास और व्यवसायिक प्रतिष्ठान मौजूद हैं । रात के समय अंधेरा होने के कारण सड़क मार्ग पर काला पानी भरा हुआ दिखाई नहीं देता और अक्सर हादसे भी होते रहते हैं। सबसे अधिक परेशानी छोटे बच्चे और बुजुर्गों को हो रही है ।

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स्थानीय लोगों का यह भी सवाल है कि जब यह करोड़ों रुपए का प्रोजेक्ट बीच में छोड़कर ठेकेदार गायब हो गया ? ऐसे में प्रोजेक्ट साइट पर किसी भी प्रकार का साइन बोर्ड नहीं लगाया जाना भी अपने आप में बहुत बड़ी लापरवाही है । नियमानुसार करोड़ों रुपए के इस निर्माणाधीन सड़क मार्ग साइट पर साइन बोर्ड पर प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी और संबंधित ठेकेदार का नाम विभाग के अधिकारी कनिष्ठ अभियंता या फिर ठेकेदार कंपनी का टेलीफोन नंबर सहित काम पूरा होने की समय अवधि भी लिखा होना चाहिए । स्थानीय लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि जिस प्रकार से चुनावी दौर चल रहा है पंचायती राज से लेकर आदमपुर में उप चुनाव हो रहे हैं , कहीं ऐसा तो नहीं है कि ठेकेदार सत्ता पक्ष के उम्मीदवार के चुनाव प्रचार में चला गया या भेज दिया गया ? स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि जल्द से जल्द जी का जंजाल बने इस सड़क मार्ग पर भरे सीवर के गंदे पानी को साफ नहीं किया गया और सड़क मार्ग का काम जल्द शुरू नहीं करवाया गया तो परेशान जनता शासन प्रशासन का विरोध सहित धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होगी। इसके लिए पूरी तरीके से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग ही जिम्मेदार रहेंगे।

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