धमतान साहिब अनाज मंडी में व्यवस्थाओं पर दबाव: मजदूरों के लिए ठहराव नहीं, कच्ची ज़मीन पर फसल रखना मजबूरी
भारी आवक के बीच व्यवस्थाएं लडख़ड़ाईं, सीमित खरीद से बढ़ा दबाव—मजदूर और किसान दोनों परेशान
नरवाना 14 अप्रैल (नरेन्द्र जेठी)
धमतान साहिब अनाज मंडी में इन दिनों गेहूं की आवक तेज़ी से बढ़ रही है। मंडी में फसल के ढेर लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही व्यवस्थाओं पर दबाव भी साफ नजर आने लगा है। ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान मजदूरों, किसानों और आढ़तियों से जुड़ी कई जमीनी चुनौतियां सामने आईं। मंडी में बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मजदूर पहुंचे हुए हैं, लेकिन उनके ठहरने और विश्राम के लिए कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है। दिनभर बोरी ढोने के बाद कई मजदूर दुकानों के बाहर, तिरपाल के नीचे या खुले में ही आराम करते दिखाई दिए। आढ़तियों द्वारा अपने स्तर पर उन्हें जगह देने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन यह व्यवस्था सीमित है और बढ़ती संख्या के सामने पर्याप्त नहीं मानी जा रही। मंडी का कुछ हिस्सा अब भी कच्चा है, जिसके चलते किसानों को गेहूं की फसल तिरपाल बिछाकर सीधे जमीन पर रखनी पड़ रही है। मौसम में नमी या हल्की बारिश की स्थिति में फसल खराब होने का खतरा बना रहता है, जिससे किसान चिंता जता रहे हैं। सफाई व्यवस्था की बात करें तो अधिकांश हिस्सों में काम चलता हुआ नजर आया, हालांकि कुछ स्थानों पर सफाई में कमी देखने को मिली। विशेष रूप से शौचालयों की साफ-सफाई में और सुधार की जरूरत महसूस की गई, ताकि मंडी में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।
बिजली को लेकर आढ़तियों की मांग
आढ़तियों ने मंडी में दिन के समय बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली बंद रहने के कारण पानी की व्यवस्था सहित कई जरूरी कार्य प्रभावित होते हैं। आढ़तियों का कहना है कि यदि दिन में कम से कम दो घंटे के लिए बिजली सप्लाई उपलब्ध करवाई जाए तो पानी की आपूर्ति, बैटरियों को चार्ज करने और अन्य आवश्यक कार्य सुचारू रूप से किए जा सकते हैं।
स्थिति में सुधार की आवश्यकता मंडी में शौचालयों की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है और साफ-सफाई पर और ध्यान दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मजदूरों के लिए कोई स्थायी विश्राम स्थल नहीं है, ऐसे में आढ़तियों को अपनी दुकानों में ही उन्हें ठहराने का प्रबंध करना पड़ता है।
डॉ कृष्ण नैन, प्रधान
आढ़ती एसोसिएशन, धमतान साहिब
नियमित रूप से रखी जा रही निगरानी
गेहूं सीजन के दौरान बढ़ती आवक के बीच व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं पर नियमित रूप से निगरानी रखी जा रही है और जहां कहीं कमी सामने आती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है।
पूजा रतवाया, सचिव
मार्केट कमेटी,नरवाना।

गेहूं पहुंचा मंडी, सिस्टम पीछे—न खरीद रफ्तार, न लिफ्टिंग शुरू
धमतान साहिब अनाज मंडी में अब तक करीब 1 लाख 86 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हो चुकी है, जिससे मंडी में फसल का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसके मुकाबले अभी तक केवल करीब 10 से 12 प्रतिशत खरीद ही हो पाई है, जिससे खरीद प्रक्रिया की रफ्तार पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
मंडी में खरीद के लिए हैफेड और वेयरहाउस एजेंसियां निर्धारित हैं, लेकिन फिलहाल केवल हैफेड द्वारा ही सीमित स्तर पर खरीद की जा रही है। वेयरहाउस की ओर से अब तक खरीद शुरू नहीं हो पाई है, जिसका मुख्य कारण बारदाने की कमी बताया जा रहा है। जहां हैफेड के लिए बारदाना दोबारा पहुंच चुका है, वहीं वेयरहाउस के पास अभी तक बारदाना उपलब्ध नहीं हो सका है। सबसे अहम बात यह है कि अब तक मंडी से गेहूं की लिफ्टिंग पूरी तरह ठप (0त्न) है। ऐसे में लगातार बढ़ती आवक के बीच मंडी में फसल का उठान न होने से दबाव और बढऩे की आशंका है। आने वाले दिनों में यदि खरीद और लिफ्टिंग की रफ्तार नहीं बढ़ाई गई, तो मंडी में अव्यवस्था की स्थिति और गंभीर हो सकती है।


