तीसरे चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरा देश इस प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा।
नई दिल्ली/14 मई / एजेंसी /अटल हिन्द ब्यूरो
पश्चिम बंगाल और असम विधानसभा चुनावों के बाद निर्वाचन आयोग ने देशभर में मतदाता सूची को और अधिक सटीक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आयोग ने गुरुवार को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तीसरे चरण की घोषणा कर दी। यह प्रक्रिया 20 मई से अलग-अलग चरणों में शुरू होगी।
निर्वाचन आयोग के मुताबिक, यह पूरा अभियान जनगणना के तहत घरों की सूची तैयार करने की प्रक्रिया के साथ समन्वय में चलाया जाएगा, ताकि मतदाता सूची को अधिक व्यवस्थित और अद्यतन बनाया जा सके। तीसरे चरण के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर लगभग पूरा देश इस प्रक्रिया के दायरे में आ जाएगा।
इस चरण में जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया गया है, उनमें ओडिशा, मिजोरम, मणिपुर, सिक्किम, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, दिल्ली, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के लिए कार्यक्रम की घोषणा बाद में की जाएगी।
आयोग ने बताया कि इस व्यापक अभियान के दौरान 3.94 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) लगभग 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और एकत्र करेंगे। दिल्ली में इस प्रक्रिया के तहत अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी।
निर्वाचन आयोग ने इस अभियान को लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने वाला कदम बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मतदाता सूची में केवल पात्र नागरिकों के नाम ही शामिल हों और किसी भी प्रकार की त्रुटि या अयोग्य प्रविष्टि न रहे।
आयोग ने इसे एक सहभागी अभ्यास बताते हुए कहा कि इसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी—सभी की भूमिका अहम है। इसी क्रम में राजनीतिक दलों से हर पोलिंग बूथ पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने की अपील की गई है, ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और समावेशी बनी रहे।
आंकड़ों के अनुसार, पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख से अधिक बूथ लेवल अधिकारी और करीब 9.2 लाख राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बीएलए इस प्रक्रिया से जुड़े रहे।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भी मतदाताओं से अपील की है कि वे इस तीसरे चरण में सक्रिय रूप से भाग लें और अपने गणना प्रपत्र सही समय पर भरकर जमा करें, ताकि मतदाता सूची को और अधिक शुद्ध और विश्वसनीय बनाया जा सके।


