गुलजारी लाल नंदा का जीवन राष्ट्र सेवा और नैतिक मूल्यों की प्रेरणाः सुभाष सुधा
युवा नंदा जी के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में दें योगदानः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा जी का 128वीं जन्मोत्सव बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया
युवा नंदा जी के आदर्शों को अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में दें योगदानः प्रो. सोमनाथ सचदेवा
भारत रत्न गुलजारी लाल नंदा जी का 128वीं जन्मोत्सव बड़े हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया
कुरुक्षेत्र /04 जुलाई 2026 / अटल हिन्द / शशि अरोड़ा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के संयुक्त तत्वावधान में भारत रत्न एवं देश के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री गुलजारीलाल नंदा की 128वीं जयंती शनिवार को श्रद्धा, सेवा, संस्कार और स्वदेशी की भावना के साथ अत्यंत धूमधाम एवं गरिमामय वातावरण में मनाई गई। पूरे दिन आयोजित कार्यक्रमों में शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, सामाजिक संगठनों, विद्यार्थियों तथा बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर नंदा जी के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
समारोह के मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री श्री सुभाष सुधा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने की। अतिथियों ने भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके राष्ट्र निर्माण, श्रमिक कल्याण, सादगीपूर्ण जीवन और नैतिक मूल्यों पर आधारित सार्वजनिक जीवन को देश के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।
प्रातःकालीन कार्यक्रम भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा संग्रहालय एवं पुस्तकालय, ब्रह्मसरोवर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ से प्रारंभ हुए। पूर्णाहुति के उपरांत आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। इसके साथ ही पौधारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा स्वदेशी प्रदर्शनी में देशी उत्पादों, कुटीर उद्योगों और आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया। डॉ. ममता सचदेवा, अध्यक्षा, मैत्रयी शाखा द्वारा जिन विद्यार्थियों ने स्टाल लगाए उनको सम्मानित किया गया।
प्रातःकालीन कार्यक्रम भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा संग्रहालय एवं पुस्तकालय, ब्रह्मसरोवर में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन-यज्ञ से प्रारंभ हुए। पूर्णाहुति के उपरांत आयोजित प्रथम रक्तदान शिविर में युवाओं एवं स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। इसके साथ ही पौधारोपण अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया तथा स्वदेशी प्रदर्शनी में देशी उत्पादों, कुटीर उद्योगों और आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए स्वदेशी उत्पादों को अपनाने का संदेश दिया। डॉ. ममता सचदेवा, अध्यक्षा, मैत्रयी शाखा द्वारा जिन विद्यार्थियों ने स्टाल लगाए उनको सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि हरियाणा सरकार के पूर्व मंत्री सुभाष सुधा ने कहा कि भारत रत्न स्वर्गीय गुलजारीलाल नंदा का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, ईमानदारी, सादगी और नैतिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने सत्ता को कभी साधन नहीं, बल्कि जनसेवा का माध्यम माना। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी नंदा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाए। उन्होंने कहा कि सेवा, संस्कार, स्वदेशी और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने नंदा जी के समय थे। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को महान विभूतियों के विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा भारतीय लोकतंत्र की उन महान विभूतियों में से एक थे, जिन्होंने अपने सिद्धांतों और मूल्यों से सार्वजनिक जीवन की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनका जीवन सादगी, सत्यनिष्ठा, सेवा और राष्ट्र के प्रति पूर्ण समर्पण का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय केवल ज्ञान का केंद्र ही नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों के संवर्धन का भी प्रमुख माध्यम है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक उत्तरदायित्व, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी के प्रति सम्मान और मानवीय संवेदनाओं को मजबूत करते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे नंदा जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाकर विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान दें।
समारोह के सफल आयोजन पर केन्द्र की निदेशिका प्रो. शुचिस्मिता ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, स्वयंसेवकों, सामाजिक संगठनों तथा सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सेवा, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण और स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ महान विभूतियों के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस अवसर पर थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, डॉ. ममता सचदेवा, कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल, केडीबी मानद सचिव उपेंद्र सिंघल, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. ए.आर. चौधरी, खेल निदेशक प्रो. डीएस राणा, मुख्य सुरक्षा अधिकारी डॉ आनंद कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश, डॉ अजय जांगड़ा, डॉ जितेंद्र जांगड़ा, डॉ. कुलदीप आर्य, श्री रविंद्र सांगवान जी 48 कोस मॉनिटरिंग कमेटी के अध्यक्ष, श्री मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी सदस्य अशोक रोशा, रोशन बेदी जी, हरमेश सैनी, अलकेश मोदगिल, विजय नरूला, सौरभ चौधरी(सदस्य मेला प्राधिकरण), प्रो. सीडीएस कौशल, बलवान जांगड़ा, कुंटिया प्रधान राजवंत कौर, ताराचंद, संत कुमार, राजेश जोशी, मौनी बाबा गौशाला, अलवर-अनुयाई गुलज़ारी लाल नंदा, ब्रह्मानंद शर्मा, ट्रस्टी, महातीर्थ गोधाम, पथमेडा, सांचोर, जालौर राज, गोरधन लाल खेमानी श्री नारायण गौशाला, बहादुरपुर, अशोक सैन, विनोद गर्ग समाजसेवी मौजूद रहे।
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