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पंजाब-हरियाणा सीमा पर ‘युद्ध’ जैसे हालात, बॉर्डर सील- कई जिलों में इंटरनेट रहेगा बंद

पंजाब-हरियाणा सीमा पर ‘युद्ध’ जैसे हालात, बॉर्डर सील- कई जिलों में इंटरनेट रहेगा बंद

‘War’ like situation on Punjab-Haryana border, border sealed – Internet will remain closed in many districts

Punjab-Haryana Border Seal चंडीगढ़(अटल हिन्द टीम ) इन दिनों हरियाणा-पंजाब सीमा पर हालात बेहद तनावपूर्ण हैं. तैयारियां ऐसे चल रही हैं, जैसे कोई युद्ध लड़ा जाना है. सरकार ने बॉर्डर के आसपास के जिलों की सीमाएं सील कर दी गई हैं. मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी निलंबित कर दिया गया है. इतना ही नहीं, बल्‍क में SMS भी नहीं भेजा जा सकता है. पुलिस ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है. राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) संबंधित क्षेत्रों के पुलिस कप्तानों से लगातार संपर्क में हैं. DGP खुद हालात पर नजर रखे हुए हैं. तैयारियों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हरियाणा पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी की है, ताकि लोगों को आने वाले दिनों में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े और वे पहले से ही सजग व सतर्क रहें.

Farmer’s Delhi Chalo Marchसंयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने 12 फरवरी को विशाल दिल्ली चलो मार्च की घोषणा की है। इसमें 200 से ज्यादा किसान यूनियन हिस्सा लेने वाली हैं। स्थिति को देखते हुए पंचकूला में धारा 144 लागू कर दी गई है। । इसे लेकर किसान संगठनों और सरकार के बीच बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। किसान संगठनों ने 13 फरवरी को दिल्ली में प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, जिसे देखते हुए हरियाणा सरकार ने तीन दिन के लिए कई जिलों की इंटरनेट सेवा को बंद करने आदेश दिया है।पुलिस ने कहा है कि यह कदम गलत सूचनाओं को फैलने से रोकने के लिए और पब्लिक ऑर्डर बनाए रखने के लिए उठाया गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक और अंबाला के पुलिस अधीक्षक समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सीमा प्वाइंट्स पर निगरानी कर रहे हैं। सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि यहां कोई अनहोनी घटना न होने पाए। इसके अलावा शंभू बॉर्डर पर कंक्रीट के बैरिकेड और रोड क्लोजर लगाए गए हैं। आवाजाही रोकने के लिए घग्गर नदी के तल को भी खोदा गया है।
====इन जिलों में बंद रहेगी इंटरनेट सेवाएं=====

‘War’ like situation on Punjab-Haryana border, border sealed – Internet will remain closed in many districts हरियाणा के जिन सात जिलों में इंटरनेट सेवाएं बाधित रहेंगी, उनमें अंबाला, जींद, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, सिरसा शामिल हैं। इन जनपदों में रविवार की सुबह 6 बजे से लेकर मंगलवार की रात 11.59 बजे इंटरनेट सेवाएं बंद रहेंगी। साथ ही शासन प्रशासन ने दिल्ली जाने वाले रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है

farmers movement 1000 ट्रैक्टर और क्रेन के साथ दिल्ली आ रहे हैं किसान
किसानों ने रैली के लिए अपनी कमर कस ली है. किसान मजदूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के किसान पंजाब के विभिन्न हिस्सों से अपनी यात्रा शुरू करेंगे, जो सोमवार दोपहर को फतेहगढ़ साहिब में एकत्रित होंगे. KMM के समन्वयक सरवन सिंह पंधेर ने कहा ‘पंजाब के विभिन्न हिस्सों से हजारों की संख्या में ट्रैक्टर मार्च करेंगे, जो सोमवार दोपहर तक पहुंच जाएंगे. किसान रात भर सड़कों के किनारे अपने ट्रैक्टरों में सोएंगे और बातचीत के नतीजे के आधार पर दिल्ली की ओर आगे बढ़ेंगे.’रिपोर्ट के अनुसार पंजाब से ट्रैक्टरों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘वे हजारों में होंगे. यह देखते हुए कि उत्तर प्रदेश और राजस्थान से 1000 से अधिक ट्रैक्टर आ रहे हैं, इससे कोई भी पंजाब से भागीदारी के स्तर की कल्पना कर सकता है.’

—किसान मार्च को लेकर खुफिया रिपोर्ट, दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील, नहीं दोहरानी है 2021 वाली गलती—-
गुरुग्रामः Farmer Protestकिसानों के दिल्ली कूच की कॉल के बाद पुलिस व प्रशासन ने उनको रोकने की पूरी तैयारियां कर ली है. सभी पुलिस फोर्स अंबाला के शंभू बॉर्डर पर तैनात कर दी गई है. साथ ही तीन लेयर की बैरिकेडिंग कर दी गई है. पुलिस का साफ तौर से ये कहना है कि किसान कानून को अपने हाथ में न ले! शम्भू बॉर्डर पर तैनात फोर्स के साथ डीएसपी अरशदीप सिंह का कहना है, ‘किसान आंदोलन के चलते बॉर्डर सील कर दिया है. अगर किसान आते है तो उनको ये कहेंगे कि वे इससे आगे न जाएं क्योंकि उनके पास परमिशन नहीं है!पंजाब से आने वाला मुख्य मार्ग शम्भू बॉर्डर है, जहां से किसानों को कूच करना है वो पूरी तरह से सील किया गया है. भारी पुलिस बल मौके पर तैनात कर दी गई है. हालांकि किसानों ने 13 तारीख की दिल्ली कूच करने की बात कही है. लेकिन पुलिस पिछली बार की तरह किसान आंदोलन की गलती को नहीं दोहराना चाहती है

====खुफिया रिपोर्ट सामने आई=====
किसान आंदोलन को लेकर खुफिया रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें बताया गया है कि किसान आंदोलन के लिए ट्रैक्टरों से कई रिहर्सल कर चुके हैं. अब तक ऐसी 40 रिहर्सल और मार्च (हरियाणा में 10 और पंजाब में 30) हो चुके हैं. आंदोलन के लिए 15 से 20 हजार किसान 2000-2500 ट्रैक्टरों के साथ आ सकते हैं. पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, केरल और कर्नाटक से किसान आएंगे. खुफिया रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अब तक इस आंदोलन को लेकर किसान संगठन 100 से ज्यादा मीटिंग कर चुके हैं.

—-किसानों को मनाने में जुटा केंद्र,केंद्र पंजाब का धन रोक रहा है.-अरविंद केजरीवाल

 नेताओं के साथ बैठक करेंगे 3 मंत्री—–

इस मामले में केंद्र सरकार भी सक्रिय हो गई है. किसानों से बातचीत करने और उनकी मांगों पर गौर करने के लिए 3 केंद्रीय मंत्रियों केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, मंत्री नित्यानंद राय और  अर्जुन मुंडा को चंडीगढ़ भेजा जा रहा है. ये तीनों केंद्रीय मंत्री किसान संगठनों के नेताओं से बातचीत कर उनकी मांगों पर विचार करेंगे. साथ ही ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च को स्थगित करने के लिए भी किसानों को मनाया जाएगा.

—-हरियाणा में हाई अलर्ट, गाजीपुर और सिंघु बॉर्डर सील, ——
नई दिल्ली. किसान यूनियनों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को लेकर हरियाणा और दिल्ली में पुलिस हाई अलर्ट पर है. पुलिस ने मंगलवार को होने वाली इस मार्च को रोकने के मकसद से सिंघु और गाजीपुर बॉर्डर को सील कर दिया है. इन सीमाओं को कंक्रीट के अवरोधक, सड़क पर बिछने वाले नुकीले अवरोधक और कंटीले तार लगाकर सीमाओं को किले में तब्दील कर दिया गया है. पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से जगह-जगह निषेधाज्ञा लागू कर दी है और हजारों पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.राष्ट्रीय राजधानी के उत्तर-पूर्वी जिले में रविवार को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई

====200 से ज्‍यादा किसान यूनियन का समर्थन=====
संयुक्त किसान मोर्चा और किसान मजदूर मोर्चा ने मांगें पूरी न होने की स्थिति में ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च का आह्वान किया था. इन दोनों किसान संगठनों की मांग के समर्थन में 200 से ज्यादा किसान यूनियन उतर आए हैं. किसानों ने 13 फरवरी 2024 को दिल्‍ली मार्च करने की घोषणा की है. किसानों के आह्वान को देखते हुए सरकार के साथ ही पुलिस-प्रशासन भी सतर्कता बरत रहा है. इससे पहले उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया था. बाद में सरकार के आश्वासन के बाद उन्‍होंने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था.

===2 स्टेडियम बनाए गए अस्थायी जेल=====
वहीं हरियाणा के अधिकारियों ने अंबाला के पास शंभू में पंजाब से लगी सीमा सील कर दी है. मार्च को रोकने के लिए जींद और फतेहाबाद जिलों की सीमाओं पर व्यापक इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने सरकार सिरसा स्थित चौधरी दलबीर सिंह इंडोर स्टेडियम सिरसा और डबवाली के गुरु गोविंद सिंह स्टेडियम को अस्थाई जेल बना दिया है, जहां उपद्रव करने वाले किसानों को गिरफ्तार करके इन जेल में शिफ्ट किया जा सकता है

===किसानों के 12 डिमांड=====
1. डॉ. स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सभी फसलों के लिए एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी वाला कानून.

2. किसानों और मजदूरों की संपूर्ण कर्जमाफी.

3. देश भर में भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को फिर से लागू करें, किसानों से लिखित सहमति सुनिश्चित और कलेक्टर दर से चार गुना मुआवजा.

4. लखीमपुर खीरी नरसंहार के अपराधियों को सजा और प्रभावित किसानों को न्याय.

5. विश्व व्यापार संगठन से हटें और सभी मुक्त व्यापार समझौतों पर प्रतिबंध.

6. किसानों और खेतिहर मजदूरों को पेंशन प्रदान करना.

7. दिल्ली आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों को मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी.

8. बिजली संशोधन विधेयक 2020 को रद्द करना.

9. इसे खेती से जोड़कर प्रति वर्ष 200 दिन का रोजगार और मनरेगा के तहत 700 रुपये की दैनिक मजदूरी प्रदान करना.

10. नकली बीज, कीटनाशक और उर्वरक बनाने वाली कंपनियों पर सख्त जुर्माना और बीज की गुणवत्ता में सुधार.

11. मिर्च, हल्दी और अन्य मामलों के लिए एक राष्ट्रीय आयोग का गठन.

12. कंपनियों को आदिवासियों की जमीन लूटने से रोक कर जल, जंगल और जमीन पर मूलवासियों का अधिकार सुनिश्चित करना.

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