पंचकूला/11 अप्रैल /अटल हिन्द ब्यूरो
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. हरियाणा के निर्वाचन अधिकारियों द्वारा इसके लिए समूचे प्रदेश में बीएलओ की नियुक्तियां कर दी गई हैं. फिलहाल बीएलओ को एसआईआर के लिए आवश्यक किट प्रदान की जा रही हैं हरियाणा के राजनीतिक दलों ने एसआईआर को जरूरी तो बताया साथ ही सर प्रक्रिया पर सवाल भी उठाये
SIR बीएलओ नियुक्त
कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी (जजपा) समेत अन्य सभी सियासी दलों ने एसआईआर के जारी कामकाज पर पैनी नजर बनाए रखने के मकसद से अपने-अपने बीएलओ भी नियुक्त करने का काम शुरू कर दिया है. कई विधानसभाओं में बीएलओ नियुक्त कर दिए गए हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि पार्टी द्वारा चुनाव लड़ चुके सभी बीएलए-1, नेताओं या उनके प्रतिनिधियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में ही मीटिंग कर एसआईआर पर निगरानी के लिए निर्देश जारी किए जाएंगे. हर बूथ पर उसी बूथ के व्यक्ति को बीएलओ-2 की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी. बताया कि यह बीएलओ अपने अपने पोलिंग बूथ पर हुए हर प्रकार के बदलाव को रिकॉर्ड में अपडेट करवाने में सहयोग करेंगे. जैसे- 18 वर्ष की आयु का होने वाले लोगों के नाम जुड़वाना, किसी की मृत्यु हुई है तो उनका नाम कटवाना, शादी होने पर परिवारों में कोई नया व्यक्ति शामिल हुआ हो, कोई कर्मचारी ट्रांसफर होकर आया हो या गया हो, बूथ के अंदर किसी भी प्रकार की हलचल होने पर बीएलओ अधिकारी को सूचित किया जाएगा.
हरियाणा के संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी राज कुमार ने बताया कि एसआईआर का कामकाज फिलहाल शुरुआती चरण में है. उन्होंने बताया कि समूचे प्रदेश में हर पोलिंग बूथ पर एक बीएलओ नियुक्त किया गया है,
प्रक्रिया हरियाणा में सही तरीके से चले
कांग्रेसी नेता राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि सभी को ध्यान रखना चाहिए कि कोई गलत नाम ना जुड़वाया जाए. ऐसे किसी गलत नाम के जुड़ने का पता लगने पर शिकायत करें, ताकि उसे कटवाया जा सके. उन्होंने कहा कि जैसे बिहार में 65 लाख वोट कटने का मामला सामने आया, पश्चिम बंगाल में 91 लाख वोट कटने का पता लगा. कहा कि उनकी कोशिश होगी कि एसआईआर की प्रक्रिया हरियाणा में सही तरीके से चले.
एसआईआर गंभीर विषय
हरियाणा के पूर्व उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने एसआईआर को गंभीर विषय बताते हुए गलत पोल हुई वोटों के संबंध में एक उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि पूर्व में राई के चुनावों में जजपा के दो उम्मीदवार तीरथ दहिया और इंद्रजीत दहिया की हार मरे हुए तीन वोट पोल होने के कारण हुई थी. उन्होंने पूछा कि क्या इसका रिव्यू नहीं होना चाहिए.
भाजपा की मंशा पर सवाल
राव नरेंद्र सिंह ने एसआईआर प्रक्रिया के संबंध में भाजपा की मंशा पर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा होती है कि धर्म, जाति या राजनीतिक आधार पर वोटों को जुड़वाया या कटवाया जाए, ताकि सत्ता की प्राप्ति की जा सके. उन्होंने कहा कि वह ऐसा कुछ हरियाणा में नहीं होने देने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है, जब नीयत में कोई खोट न हो.
अनिल विज का बयान
भाजपा से उर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज हर बार की तरह एसआईआर के सवाल पर भी अपने जाने-पहचाने तल्ख अंदाज में दिखे. उन्होंने कहा कि हरियाणा में किसी प्रकार की कोई ज्यादती नहीं की जाती. कहा कि न तो किसी का नाम नाजायज काटा जाएगा और न ही नाजायज किसी का रहने दिया जाएगा, दोनों बातें हैं.
जजपा बीएलओ नियुक्त:
उन्होंने कहा कि जजपा द्वारा हलका स्तर पर बीएलओ-1 बनाए गए हैं. साथ ही बीएलओ-1 की नियुक्तियां की जा रही हैं, जो फिलहाल दो विधानसभा में पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि अन्य 88 विधानसभा में भी जल्द नियुक्तियां की जाएंगी. कहा कि यह पार्टी के कार्यकर्ताओं पर निर्भर है कि वे किस कार्यक्षमता के साथ बीएलओ के साथ काम करें. बहरहाल, कांगेस व जजपा की तरह अन्य सभी सियासी दल भी एसआईआर की कार्यवाही पर नजर रखने के लिए अपने-अपने बीएलओ नियुक्त करने में जुटे हैं.


