राजस्थान संपर्क हैल्पलाइन 181 पहुंचे मुख्यमंत्री, भजनलाल शर्मा ने आम जनता से संवाद किया
स्वयं हेल्पलाइन पर सुनी लोगों की परिवेदनाएं
– पेयजल, बिजली एवं भू-पट्टे संबंधी परिवेदनाओं के तुरंत समाधान के दिए निर्देश
– अच्छा काम करने वाले कार्मिकों को करें प्रोत्साहित, परिवेदनाओं की हो प्रभावी मॉनिटरिंग
जयपुर,/ 28 मई/अटल हिंद/दिनेश कुमार जांगिड़
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन 181 का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हेल्पलाइन पर आमजन से फोन पर सीधे बात कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने खैराबाद (कोटा) के परिवादी प्रिंस को फोन पर आत्मीयता के साथ कहा – ‘मैं भजनलाल शर्मा बोल रहा हूं, आप अपनी समस्या बताइए।’ यह सुनकर परिवादी चौंके और मुख्यमंत्री के समक्ष बिजली आपूर्ति के संबंध में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने परिवादी को समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए अधिकारियों को तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए।
इसी तरह रामगढ़ पचवारा (दौसा) के पुनीराम ने फोन पर मुख्यमंत्री को भूखण्ड पट्टे से संबंधित अपनी समस्या बताई। इस पर मुख्यमंत्री ने पुनीराम को आत्मीयता से कहा – ‘मैं आपके गांव में भी आया हूं। आपकी समस्या के समाधान के लिए मैंने निर्देश दे दिये हैं।’ इस पर परिवादी ने प्रसन्नता व्यक्त की।
वहीं, अरांई (अजमेर) से हेमराज ने मुख्यमंत्री से अपने क्षेत्र में पानी की आपूर्ति संबंधी समस्या साझा की। इस पर मुख्यमंत्री ने परिवादी से विस्तार से जानकारी ली और अधिकारियों को समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि संपर्क हेल्पलाइन जनता की समस्याओं के समाधान का प्रभावी माध्यम है। इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करते हुए राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को हेल्पलाइन विजिट करने के निर्देश दिए हैं, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है और आमजन को राहत मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान हेल्पलाइन सेंटर की कार्यप्रणाली, शिकायत पंजीकरण, फॉलो-अप एवं मॉनिटरिंग व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि हेल्पलाइन के कार्मिकों से भी समय-समय पर फीडबैक लिया जाए एवं अच्छा काम करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय शिकायतों के निस्तारण में नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करने तथा प्रत्येक परिवादी को समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


