मृत्यु के बाद भी जीवित रहेंगी कांता इन्सां
देहदान कर मानवता के लिए पेश की सर्वोच्च मिसाल
कुरुक्षेत्र / 7 मई /अटल हिन्द ब्यूरो /शशि अरोड़ा
कुरुक्षेत्र के कंग कॉलोनी की निवासी और डेरा सच्चा सौदा की सेवादार कांता इन्सां के शरीर का दान किया गया है। 69 वर्षीय कांता इन्सां के देहांत के बाद उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को मेडिकल शोध के लिए दान किया गया है।
उनके शरीर पर लखनऊ के प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंस सराय, सहजादी, बंथरा के विद्यार्थी शोध करेंगें। कांता इन्सां का गत देर रात्रि आदेश मेडिकल अस्पताल में ईलाज के दौरान देहांत हो गया था।
उन्होने जीते जी डेरा सच्चा सौदा में शरीरदान का फार्म भरा हुआ था। उनकी इच्छा को पूरा करते हुए परिवार ने उनके शरीर का दान किया गया है। कांता के पति व वेयरहाऊस से सेवानिवृत्त मैनेजर सतपाल इन्सां ने बताया कि वे लंबे समय से डेरा सच्चा सौदा की समाज सेवा की गतिविधियों से जुड़ी हुई थीं।

वे अक्सर कहती थीं कि यह शरीर नश्वर है, जलने के बाद यह केवल राख बनेगा, लेकिन यदि यह डॉक्टरों की पढ़ाई और शोध के काम आ सके, तो इससे बड़ी सेवा और कुछ नहीं हो सकती। अंतिम समय में भी उन्होने परिवार के सामने यह इच्छा रखी। उनकी इच्छा को परिवार ने पूरा किया है।
कांता इन्सां की अंतिम यात्रा के समय एंबुलेंस को फूलों से सजाया गया था। जैसे ही उनकी अंतिम यात्रा शुरु हुई तो स्थानीय लोगों ने उन पर फूलों की वर्षा कर उन्हे सैल्यूट किया। परजिनों ने उन्हें कंधा दिया और पूरे सम्मान के साथ नारों के बीच उन्हें मेडिकल कॉलेज के लिए रवाना किया गया।
रास्ते में जिस किसी ने भी सुना कि एक महिला ने अपना पूरा शरीर चिकित्सा विज्ञान को समर्पित कर दिया है, उसका सिर श्रद्धा से झुक गया। कांता इन्सां अपने पीछे परिवार में पति सतपाल इन्सां, बेटे वेदप्रकाश, सतीश व विकास बेटी कुसुम, पुत्रवधू ऊषा, संजीव कौर व बाला देवी, पौत्र-पौत्री चंद्रशेखर, आकाश, हर्ष, सागर, शिवानी, पिं्रयंका, मुस्कान व महक व परपौत्र सान इन्सां को छोड़ गई हैं।
शरीरदान को कहा गया है महादान : प्रवीण
डेरा सच्चा सौदा के सच्चे नम्र सेवादार प्रवीण कडामी, कृष्ण इन्सां व सलिंद्र पाल ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा की शरीरदान मुहिम के तहत जिन मेडिकल कॉलजों में शरीर की जरूरत होती है, वहां मरणोपरांत शरीर मुहैया करवाए जाते हैं
ताकि मेडिकल रिसर्च में काम आ सकें। डेरा सच्चा सौदा के आह्वान पर लाखों श्रद्धालुओं ने मरणोपरांत शरीरदान का फार्म भरा हुआ है। अब तक लगभग 3 हजार श्रद्धालु डेरा सच्चा सौदा की सीख पर शरीरदान कर चुके हैं।
माँ पर गर्व : वेदप्रकाश
कांता इन्सां के पुत्र वेदप्रकाश इन्सां ने कहा कि उनकी माता के स्वर्ग सिधारने का उन्हे दुख है, वे बहुत हंसमुख थीं लेकिन उसकी मां के शरीर का दान मेडिकल शोध के लिए हुआ है, इसके लिए उसे व पूरे परिवार को गर्व है।


