ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम —
महिला, युवा, किसान और मजदूरों का उत्थान राज्य सरकार का प्रण,बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, घर-घर शौचालय, उज्ज्वला, लखपति दीदी जैसी योजनाओं से महिलाएं बनीं सशक्त,राजीविका ने महिला आत्मनिर्भरता को दी नई दिशा- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
– मुख्यमंत्री ने राजीविका से जुड़ी महिलाओं से किया संवाद- पंसेरी गांव में ही मुख्यमंत्री का रात्रि विश्राम
जयपुर / 13 मई / अटल हिन्द / दिनेश कुमार जांगिड़
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को जालौर के पंसेरी में ग्राम विकास चौपाल कार्यक्रम में राजीविका से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा अनुसार महिला, युवा, किसान और मजदूर के उत्थान के प्रण के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है। इनके कल्याण से ही देश-प्रदेश का विकास होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनके गरिमापूर्ण जीवन के लिए प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, घर-घर शौचालय का निर्माण, उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर वितरण, हर घर नल से जल और जन-धन खाते खुलवाकर महिलाओं और बेटियों को सशक्त करने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला नेतृत्व की दिशा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के जरिए लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत आरक्षण की मजबूत पहल की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मा वाउचर योजना के अंतर्गत फ्री सोनोग्राफी की जा रही है। बालिकाओं को 13 लाख से अधिक साइकिलों और 44 हजार से अधिक स्कूटियों को वितरित कर लाभान्वित किया गया है। लाडो प्रोत्साहन योजना में बालिकाओं के जन्म पर 1 लाख 50 हजार रुपये का सेविंग बॉण्ड भी दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि लखपति दीदी योजना से महिलाएं सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सक्षम बन रही हैं। प्रदेश में 17.5 लाख महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। राजीविका ने महिला आत्मनिर्भरता को नई दिशा दी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा एवं महिलाओं के लिए निरंतर भर्तियां भी निकाल रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने ग्राम विकास रथ का अवलोकन किया और स्थानीय कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री ने एएनएम पद पर नवनियुक्त कार्मिक गीता विश्नोई, ममता कुमारी, भाग्यवती कुमारी और अनिता गोदारा से संवाद किया। कार्यक्रम में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, उद्योग राज्य मंत्री के.के. विश्नोई, विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, जीवाराम चौधरी सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री से राजीविका से जुड़ी महिलाओं ने साझा किए अपने अनुभव —
मैंने राजीविका के सहयोग से भैंस का दूध बेचकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारा है। मैं अन्य महिलाओं को भी राजीविका से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं। आज गांव में मेरी सफल पशु सखी के रूप में पहचान बनी है। महिलाओं के लिए ऐसी योजना संचालित करने के लिए प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी का बहुत-बहुत धन्यवाद।
– पशु सखी ममता
मैंने मुर्गी पालन का व्यवसाय शुरू किया। धीरे-धीरे मेरी आमदनी बढ़ी और मैंने दुकान भी खोली। लखपति दीदी बनने के बाद राज्य सरकार की ओर से लैपटॉप भी वितरित किया गया है। आज मेरी आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
– बैंक सखी चीकू देवी
राजीविका से मेरी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। मैंने 10 रुपये की बचत के साथ कार्य प्रारंभ किया था। आज मैं पूरे ब्लॉक की डेटा एंट्री का कार्य करती हूं। मुझे लगभग 12-13 हजार रुपये प्रतिमाह की आमदनी होती है।
– डेटा एंट्री सखी मेरू निशा बानु
राजीविका से जुड़ने के बाद मेरी पारिवारिक आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव आया। मैं आज 15 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही हूं। मैं राजीविका और परिवार से मिले सहयोग से खुशहाल हूं।
– लखपति दीदी जोशना देवी
मैं स्वयं सहायता समूह से जुड़ी। मुझे तुरंत लोन मिला, जिससे मैंने दुकान खोली। आज मेरी आय पहले से बेहतर है।
– लखपति दीदी रमिला देवी


