प्रकृति माँ ही हमारी असली परवरिश कर रही – कुमारी शैलजा
जमीनी स्तर पर इसके संरक्षण के लिए हम सभी को कार्य करना होगा
स्वच्छ मानसिकता से ही पर्यावरण संकट का समाधान और सामना संभव
ब्रह्माकुमारीज़ के ओम शांति रिट्रीट सेंटर में ‘मदर नेचर’ अभियान का भव्य आगाज़
ओआरसी के रजत जयंती समारोह के तहत आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
फतह सिंह उजाला /अटल हिन्द ब्यूरो
बोहड़ाकला 3 जुलाई । “आज वैश्विक स्तर पर हम जिस पर्यावरण संकट से जूझ रहे हैं, उसका समाधान केवल हमारी स्वच्छ मानसिकता से ही संभव है। प्रकृति माँ ही हमारी असली परवरिश कर रही है, इसलिए सिर्फ नारों (स्लोगन) तक सीमित न रहकर हमें जमीनी स्तर पर इसके संरक्षण के लिए कार्य करना होगा।” यह विचार वर्तमान लोकसभा सांसद कुमारी शैलजा ने व्यक्त किए। वे शुक्रवार को ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान के भोरा कलां स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर में आयोजित ‘मदर नेचर’ अभियान के शुभारम्भ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। यह अभियान ओआरसी के रजत जयंती समारोह के तहत शुरू किया गया।
प्रकृति और अध्यात्म का अद्भुत समन्वय
विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे ‘ट्री मैन’ के नाम से विख्यात एवं कल्पतरु संस्थान के संस्थापक विष्णु लांबा ने संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान जाति और धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर विश्व कल्याण का कार्य कर रहा है। यहाँ अध्यात्म और प्रकृति का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का मूल मंत्र देते हुए कहा कि “आज के समय में पौधे लगाने से कहीं अधिक महत्वपूर्ण उन्हें जीवित रखना और उनका पालन-पोषण करना है।”
बचपन से ही करें पर्यावरण के प्रति जागरूक
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ओआरसी की निदेशिका राजयोगिनी आशा दीदी ने बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बचपन में जो संस्कार पड़ते हैं, उनका प्रभाव जीवन भर रहता है। नशे के बढ़ते चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि नशे की लत भी प्रकृति और मानव जीवन दोनों को दूषित करती है। इस दौरान उन्होंने उपस्थित बच्चों को जीवनभर नशा मुक्त रहने की प्रतिज्ञा भी दिलाई।
‘मदर नेचर’ अभियान के पांच मुख्य स्तंभ
दिल्ली (किंग्सवे कैंप) से आईं राजयोगिनी बीके साधना दीदी ने इस राष्ट्रव्यापी अभियान की रूपरेखा रखते हुए इसके पांच मुख्य बिंदुओं की जानकारी दी। जीवन शैली में परिवर्तन के द्वारा दैनिक आदतों को पर्यावरण अनुकूल बनाना।
विद्यार्थियों में परिवर्तन के आधार से युवा पीढ़ी को प्रकृति से जोड़ना। सामाजिक परिवर्तन से समाज में पर्यावरण के प्रति सामूहिक चेतना जगाना। गांवों के परिवर्तन से ग्रामीण अंचलों में हरियाली और स्वच्छता का प्रसार। पर्यावरण मित्र बनकर जन-जन को प्रकृति रक्षक के रूप में तैयार करना।
रंगारंग प्रस्तुतियों से दिया प्रकृति प्रेम का संदेश
कार्यक्रम की शुरुआत जलवायु परिवर्तन पर आधारित एक संवेदनशील शॉर्ट फिल्म से हुई। बीके चांद बजाज ने सुमधुर गीत और बीके संजय हंस ने अपनी कविता के माध्यम से प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। मैत्री पब्लिक स्कूल के बच्चों ने एक भावुक नाटक के जरिए प्रकृति और मानव के रिश्ते को दर्शाया। इस अवसर पर जिला पार्षद अंजु शर्मा, भोरा कलां के सरपंच मनबीर सिंह चौहान एवं एसएससी स्कूल ग्रुप के अध्यक्ष कृष्ण कुमार भारद्वाज ने भी अपने विचार रखे और अभियान की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के समापन पर बीके मोनिका के नेतृत्व में बच्चों ने एक मनमोहक सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया। मंच संचालन बीके हुसैन ने किया और उपस्थित जनसमूह को राजयोग (मेडिटेशन) का अभ्यास भी कराया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और ‘मदर नेचर’ की रक्षा का संकल्प लिया।
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