धरोदी की लाइब्रेरी बनी युवाओं के सपनों की उड़ान, 4 वर्षों में दिए दर्जनों अधिकारी और कर्मचारी
बैंक, पुलिस, आर्मी, डॉक्टर, पटवारी और ग्राम सचिव बने गांव के युवा
नरवाना/21 जून/नरेन्द्र जेठी
ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की अलख जगाने और युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई मेरा गांव मेरी लाइब्रेरी जननायक लाइब्रेरी, धरोदी ने सफलता के चार गौरवशाली वर्ष पूरे कर लिए हैं।
चार साल पहले शुरू हुई यह पहल आज ग्रामीण शिक्षा और युवा सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी है। लाइब्रेरी से पढक़र गांव के दर्जनों युवा विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित होकर गांव, क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
चार वर्ष पूर्व गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और बुजुर्गों के सहयोग से शुरू हुई इस लाइब्रेरी का उद्देश्य युवाओं को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना था। उस समय किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह छोटा सा प्रयास आने वाले समय में युवाओं के भविष्य को नई दिशा देगा।
आज इस लाइब्रेरी से पढक़र कई युवा हरियाणा पुलिस, बैंकिंग सेक्टर, भारतीय सेना, चिकित्सा क्षेत्र, पटवारी, ग्राम सचिव सहित अन्य महत्वपूर्ण सरकारी पदों पर कार्यरत हैं। लाइब्रेरी के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक सादगीपूर्ण लेकिन उत्साहपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर शिक्षाविद कृष्ण नैन, पूर्व कोऑपरेटिव सचिव महावीर नैन, डॉ. सुभाष प्रजापति, बिट्टू नैन, डॉ. महासिंह, पूर्व मार्केटिंग बोर्ड कर्मचारी रघुवीर धीमान तथा अन्य गणमान्य नागरिकों ने विद्यार्थियों को लड्डू खिलाकर इस उपलब्धि का जश्न मनाया।
उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि यह सफलता पूरे गांव की सामूहिक सोच, सहयोग और शिक्षा के प्रति समर्पण का परिणाम है।वक्ताओं ने कहा कि यह लाइब्रेरी इस बात का प्रमाण है कि यदि ग्रामीण बच्चों को उचित संसाधन, सकारात्मक वातावरण और गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तो वे किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
गांव के युवाओं ने मेहनत और लगन से यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा केवल शहरों तक सीमित नहीं है।लाइब्रेरी संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे बिट्टू नैन ने बताया कि लाइब्रेरी का प्रथम चरण सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
अब दूसरे चरण की शुरुआत की जा रही है, जिसके अंतर्गत उच्च स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि भविष्य में लाइब्रेरी में ऐसी व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के युवा अपने गांव की चौपाल में बैठकर ही ॥
उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी केवल एक भवन नहीं, बल्कि गांव के युवाओं के सपनों को साकार करने का केंद्र बन चुकी है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने समस्त ग्रामवासियों, सहयोगकर्ताओं, दानदाताओं और युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह अभियान लगातार आगे बढ़ रहा है।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि गांव की इस शैक्षणिक मुहिम को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा ताकि आने वाले वर्षों में धरोदी गांव शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का एक आदर्श केंद्र बन सके।
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