केयू में कला कार्यशाला का आयोजन आज, कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा होंगे मुख्य अतिथि
कुरुक्षेत्र /30 अप्रैल /अटल हिन्द ब्यूरो
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में युवा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा ललित कला विभाग के सहयोग से “कला उत्सवः सशक्त नारीः सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र” विषय पर कला कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यशाला न केवल कला के विविध आयामों को उजागर करेगी, बल्कि समाज में महिलाओं की सशक्त भूमिका को भी रेखांकित करेगी।
कार्यशाला का संयोजन ललित कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह द्वारा किया जा रहा है, जबकि कार्यक्रम के संयोजक युवा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला हैं। इस अवसर पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
प्रो. विवेक चावला ने कहा कि “कला उत्सव की आत्मा उसकी जीवंत ऊर्जा में निहित है, जहां युवा रचनात्मकता और पारंपरिक कला कौशल का संगम होता है। देशभर से आए कलाकार प्रतिभागियों को नई सोच और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में प्रेरित करेंगे।
प्रो. विवेक चावला ने बताया कि इस कार्यशाला में देशभर से दस प्रमुख कलाकार भाग लेंगे, जिनमें लगभग 60 प्रतिशत महिला कलाकार शामिल होंगी। यह पहल रचनात्मक क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनके सशक्त योगदान का प्रतीक है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पारंपरिक भारतीय कला, समकालीन तकनीकों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त होगा।
डॉ. गुरचरण सिंह ने बताया कि “कला उत्सव प्राचीन परंपराओं और आधुनिक रचनात्मकता का संगम है, जो युवाओं को अपनी सांस्कृतिक पहचान को कला के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित करता है।” उन्होंने कहा कि यह कार्यशाला शिक्षकों और कलाकारों के लिए भी एक साझा मंच प्रदान करेगी, जहां नवीन शैक्षणिक विधियों और समकालीन कला प्रवृत्तियों पर विचार-विमर्श होगा।
कार्यशाला में छात्रों को कलाकारों के साथ प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा, जिससे वे उनकी रचनात्मक यात्रा, तकनीकों, प्रेरणाओं और व्यावसायिक चुनौतियों को समझ सकेंगे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को पोर्टफोलियो निर्माण, कला क्यूरेशन और सतत अभ्यास से संबंधित महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। समूह परियोजनाओं और अंतर क्रियात्मक समीक्षाओं के माध्यम से उनके आलोचनात्मक चिंतन और नवाचार क्षमता को विकसित किया जाएगा।
इस कार्यशाला में जिन प्रमुख कलाकारों का मार्गदर्शन प्राप्त होगा, उनमें अराधना टंडन (पंचकूला), अंजनी रेड्डी (हैदराबाद), मीनाक्षी झा बनर्जी (दिल्ली), डॉ. कुसुमलता शर्मा (भोपाल), अनीता रघुवंशी मलिक (दिल्ली), रितु सिंह (दिल्ली), विनय कुमार शर्मा (जयपुर), के.के. गांधी, गौरई शंकर सोनी (जयपुर) तथा परदीप नायक (गोवा) शामिल हैं। उनकी विविध क्षेत्रीय शैलियां इस कार्यशाला को और अधिक समृद्ध बनाएंगी।


