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हरियाणा में नाबालिग बच्चियों की शादी करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

नाबालिग बच्चियों की शादी करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश

क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े, 1 से 1.5 लाख लेते थे शादी करवाने का

मोहित कोछड़ 

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चंडीगढ़ – स्टेट क्राइम ब्रांच, हरियाणा ने अनट्रेस घोषित केस में बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए झूठी शादी करवाने और नाबालिग लड़कियों को डरा धमका कर शादी करवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।  पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया की झूठी शादी करवाने के इस गोरखधंधे में शामिल पति पत्नी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रीना और उसका पति विक्की अच्छे पैसे के लालच में झूठी शादी करवाते है। वहीं इस अपराध में शामिल एक महिला समेत दो लोगों की तलाश जारी है। जेल भेजे जाने वाले आरोपी पंजाब के लुधियाना के रहने वाले है और वर्तमान में दिल्ली में किराए पर रह रहे थे।

सपना नाम से हुई थी जींद में शादी, गाज़ियाबाद में ढूंढा तो हुआ गिरोह का खुलासा

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया की जींद निवासी एक महिला ने फरवरी 2021 में शिकायत देते हुए बताया की उसकी पुत्रवधु सपना सुबह बिना बताये चली गई है।  जिस पर गुमशुदगी का केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी।  भरसक प्रयासों के बाद भी सपना का कहीं पता ना चलने पर सितम्बर माह में केस को अनट्रेस घोषित कर दिया। राज्य अपराध शाखा के चीफ ओ पी सिंह ने केस की संजीदगी को समझते हुए केस की ज़िम्मेदारी एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, जींद को सौंपी। जिस पर अनुसंधान अधिकारी एएसआई वेद प्रकाश व मुख्य सिपाही सुनील कुमार ने केस पर शुरू से काम करना शुरू किया।  शिकायत अनुसार गुमशुदा सपना की शादी जींद निवासी मोनू से हुई थी। केस में आगामी कार्रवाई करते हुए टीम द्वारा तफ्तीश की गई।  आस पास के लोगों से बातचीत की गई तो सपना को जिला गाज़ियाबाद, उत्तर प्रदेश से अप्रैल 2022 में रेस्क्यू किया गया।  वहां पर पूछताछ में सपना ने बताया कि उसका असली नाम स्वर्णलता है और सपना नहीं है और वह अपनी मर्ज़ी से गई थी।  ये शादी उसकी ज़बरदस्ती करवाई गई है और वह अपने परिवार के पास लौटना चाहती है।

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2002 में हो गई थी उसकी शादी, एक बेटा और एक बेटी है, पति चलाता है मुंबई में ऑटो

पूछताछ में सपना उर्फ़ स्वर्णलता ने बताया कि उसकी शादी 2002 रिनानाथ से हुई थी।  उसका पति वर्ष 2005 से मुंबई में ऑटो चलाता है।  उसका एक बेटा और एक बेटी है।  उसने बताया कि वह दिल्ली आई थी।  वहां उसे रीना नाम की महिला मिली जिसने उससे कहा कि हम 10/15 दिन के लिए शादी करवाते है। जिसपर मना करवाने पर स्वर्णलता व उसके पति को जान से मारने कि धमकी दी गई, जिसके कारण उसने शादी कर ली। इससे पहले उसकी एक बार शादी राजस्थान में करवा चुके है और एक बार हरियाणा में ही करवाई थी।  हर बार उसे घर पर लाने के नाम पर ले आते है और फिर दोबारा शादी करवा देते है। और जानकारी देते हुए पुलिस को बताया की रीना के साथ मिलकर 2-3 औरतें और है जो ये काम करती है। तीसरी बार शादी करवाने के बाद, आरोपी अब दोबारा उसपर कहीं और शादी करवाने के लिए दबाव डालने लगे जिसके कारण स्वर्णलता खुद ही सुबह 5 बजे जींद से निकल कर अपने घर पहुँच गई। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पीड़िता के बयान दर्ज कर उसको उसकी बहन के हवाले कर दिया है।

आरोपी रीना को पसंद था बड़े बड़े होटलों में घूमना फिरना, इसीलिए आई अपराध की दुनिया में

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पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि केस में कार्रवाई करते हुए पुलिस द्वारा आरोपी रीना पत्नी विक्की वर्मा व विक्की वर्मा पुत्र जगदीश वर्मा निवासी लुधियाना को गिरफ्तार किया।  जांच में आरोपी रीना ने बताया कि उसकी दो शादी हुई है।  वह घरों में साफ़ सफाई का काम करती थी।  लेकिन उसे यह काम पसंद नहीं था।  उसे बड़े होटलों में घूमना फिरना पसंद था जिसके कारण वो इस काम में आई।  इस काम में उसकी मदद एक अन्य आरोपी सर्वेश और एक अन्य महिला करते थे।  उस महिला को वह बंगालन भाभी कहती थी जो कि अभी फरार चल रही है।  पूछताछ में रीना द्वारा एक अन्य नाबालिग लड़की की शादी करवाने के बारे पता चला जिसकी शादी पैसे लेकर उन्होंने भिवानी में रामपाल नामक व्यक्ति से करवा दी थी।  जानकारी के आधार पर पुलिस ने नाबालिग बच्ची को रेस्क्यू किया।

फ़र्ज़ी आधार कार्ड तैयार करवाते थे आरोपी, हर शादी के लिए लेते थे एक से डेढ़ लाख रूपए

पुलिस प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि रीना व उसका पति, लड़कियों के अलग अलग आधार कार्ड बनवाते थे। जिससे शादी करवाने में आसानी रहती थी। स्वर्णलता की सपना नाम के अलावा पूजा नाम से भी शादी करवाई थी। इसके अलावा नाबालिग लड़की की शादी आरती नाम से करवाई गई थी। नाबालिग लड़की ने बताया कि उसकी कुल 3 फ़र्ज़ी शादी करवाई गई । इसके अतिरिक्त एक अन्य लड़की की भी दो शादियां करवाई थी जिसे रेस्क्यू किया गया है। आरोपियों के फ़ोन में पीड़िताओं के अलग अलग नाम से फ़र्ज़ी आधार कार्ड भी बरामद किये गए है। सभी पीड़िताओं को रेस्क्यू किया गया है और ब्यान दर्ज कर लिए गए है।

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