सेना की जमीन पर सफेदे के जंगल में लगी भयंकर आग
करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पाया काबू
अम्बाला / 10 जून 2026 /अटल हिन्द ब्यूरो /पूर्ण सिंह
बीती रात गांव अधोया में सफेदे के जंगल में आग भयंकर आग लग गई। आग की बड़ी-बड़ी लपटें देखकर लोग घबरा गए। सूचना मिलते ही गांव के सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नंबरदार ने फायरबिग्रेड को भी सूचित किया और करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। गनीमत रही कि आगजनी में कोई जान की हानि नहीं हुई, लेकिन काफी लकड़ी जल गई।
गांव अधोया (एम) के सरपंच प्रतिनिधि कैलाश नंबरदार ने बताया कि मंगलवार शाम करीब सात बजे उसे सूचना मिली कि बराड़ा-शाहबाद रोड पर अधोया में स्थित शहीद उधम सिंह चौक के पास सफेदे के जंगल में भयंकर आग लग गई। वह तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि आग की बड़ी-बड़ी लपटें निकल रही थी।
उन्होंंने तुरंत फायरब्रिगेड को सूचना दी और बराड़ा से फायर ब्रिगेड की गाडी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में लग गई। सफेदे का यह जंगल सेना की जमीन पर है, इसलिए सेना को भी सूचना दी गर्ई।
अम्बाला से सेना के अधिकारी, कर्मचारी अपने साथ एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी लेकर पहुंचे। सफेदे के पेड़ घने होने और चारों तरफ तारबंदी होने के कारण गाड़ी बीच में नहीं जा रही थी। जिस कारण रोड की तरफ लगे गेट को तोड़ा गया और गाडिय़ां अंदर गई।
करीब पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब साढ़े 121 बजे किसी तरह आग पर काबू पाया गया। आग के कारण जंगल में काफी मात्रा में गिरे सफेदे के सूखे पेड़ जल गए, जिससे माना जा रहा है कि लाखों का नुकसान हुआ है।
कैलाश नंबरदार ने बताया कि वह ब्लॉक समिति सदस्य जसबीर सिंह, पंच प्रतिनिधि धर्मवीर, सेना के के जवान और फायर बिग्रेड के कर्मचारियों के साथ लगातार आग बुझाने में लगे रहे। हालांकि कुछ ही दूरी पर पेट्रोल पंप भी था।
वहीं, बराड़ा फायर ब्रिगेड इंचार्ज प्रदीप कुमार ने बताया कि सूचना मिलने के बाद वह तुरंत मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गए। तारबंदी के कारण अंदर नहीं जा सकने के कारण आग बुझाने में दिक्कत आ रही थी, लेकिन बाद में गेट तोडक़र गाड़ी अंदर गई और आग पर काबू पाया।


