कलाकार कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाए: प्रो. एआर चौधरी
केयू डीवाईसीए व ललित कला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महिला सशक्तिकरण को लेकर कला उत्सव कार्यशाला आयोजित
कुरुक्षेत्र/01 मई /शशि अरोड़ा
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में कुवि के युवा एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग व ललित कला विभाग के सहयोग से कला उत्सव के अंतर्गत सशक्त नारी सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र शीर्षक से एक गतिशील कला कार्यशाला का आयोजन क्रश हॉल में किया गया।
इस अवसर पर केयू छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो एआर चौधरी ने कहा कि युवा महिला कलाकारों अपनी कला के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाएं हर क्षेत्र में अग्रणी है। उन्होंने सभी से सशक्त नारी, सशक्त समाज, सशक्त राष्ट्र के मिशन को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।
युवा सांस्कृतिक कार्यक्रम विभाग के निदेशक प्रो. विवेक चावला ने कहा कि कला उत्सव की भावना इसकी जीवंत ऊर्जा में निहित है, जहाँ युवा रचनात्मकता और शाश्वत कला का मिलन होता है। कला उत्सव में भारत वर्ष के कलाकारों ने अपनी कला माध्यम से भारतीय संस्कृति के पुनर्जागरण में अपना अहम योगदान दिया है।
केयू ललित कला विभाग के अध्यक्ष एवं कला उत्सव के क्यूरेटर डॉ. गुरचरण सिंह द्वारा क्यूरेट की गई और युवा एवं सांस्कृतिक कार्य के निदेशक प्रो. विवेक चावला द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम में भारत देश के दस प्रमुख कलाकारों ने हिस्सा लिया, जिनमें 60 महिला कलाकार शामिल हुई।
ललित कला विभाग के अध्यक्ष डॉ. गुरचरण सिंह ने कहा कला उत्सव प्राचीन परंपराओं को आधुनिक रचनात्मकता से जोड़ता है, और युवाओं को कला के माध्यम से अपनी सांस्कृतिक पहचान व्यक्त करने के लिए सशक्त बनाता है।
उन्होंने इस कार्यशाला को संभव बनाने के लिए युवा एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग को धन्यवाद दिया और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे कला उत्सव का यह आयोजन विश्वविद्यालय और ललित कला विभाग के कलात्मक एवं शैक्षणिक उत्थान में योगदान देता है। इस अवसर पर सेवानिवृत्त प्रो. राम विरंजन, डॉ. पवन कुमार सहित सभी संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी मौजूद रहे।
देशभर के राज्य कलाकारों ने विविध क्षेत्रीय शैलियों को किया प्रदर्शित
केयू क्रश हॉल में आयोजित कला उत्सव में देश भर के राज्य कलाकारों ने विविध क्षेत्रीय शैलियों को प्रदर्शित किया। कला उत्सव में प्रसिद्ध कलाकार आराधना टंडन (पंचकूला, हरियाणा), अंजनी रेड्डी (हैदराबाद, तेलंगाना), मीनाक्षी झा बनर्जी (दिल्ली), डॉ. कुसुमलता शर्मा (भोपाल, मध्य प्रदेश), अनीता रघुवंशी मलिक (दिल्ली), रितु सिंह (दिल्ली), विनय कुमार शर्मा (जयपुर), के.के. गांधी, गौरव शंकर सोनी (जयपुर) और प्रदीप नाइक (गोवा) शामिल थे। कला उत्सव में प्रतिभागियों को आगामी प्रदर्शनियों और कला निवास (रेजिडेंसी) के लिए प्रभावी ढंग से तैयारी करने हेतु पोर्टफोलियो विकास, पेशेवर कला क्यूरेशन और सतत प्रथाओं के एकीकरण पर व्यावहारिक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
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