लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
जयपुर/6 मई / अटल हिन्द ब्यूरो /दिनेश जांगिड़
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को प्रतापगढ़ जिले के बम्बोरी गांव में रात्रि प्रवास किया। उन्होंने देर रात तक ग्राम विकास चौपाल में महिलाओं, किसानों, युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों से आत्मीय संवाद किया।
चौपाल में मुख्यमंत्री ने खाट पर बैठकर खेती, सिंचाई, पेयजल, सड़क, बिजली, रोजगार, शिक्षा, जनजाति विकास तथा अन्य स्थानीय विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
चौपाल में ग्रामीण महिलाओं ने लखपति दीदी, कृषि सखी, पशु एवं बैंक सखी जैसी योजनाओं से हुए सकारात्मक बदलावों की जानकारी दी।
वहीं, किसानों एवं पशुपालकों ने आधुनिक कृषि तकनीक, ड्रिप सिंचाई, प्राकृतिक खेती, पशुपालन एवं डेयरी विकास से जुड़े सुझाव दिए और युवाओं ने राज्य सरकार द्वारा रोजगार एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता को लेकर अपने अनुभव साझा किए।
इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मानना है कि मातृ शक्ति के आत्मनिर्भर और सशक्त बनने से ही देश समृद्ध होगा। लखपति दीदी योजना के माध्यम से देश में मातृ शक्ति की आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिखा जा रहा है।
हमारी सरकार ने प्रदेश में लखपति दीदी योजना के तहत 21 लाख से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण दिया है तथा 16 लाख से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया है। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी समाज और सरकार के बीच मजबूत कड़ी बनकर अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने का कार्य करें।
पहले मैंने सिलाई मशीन से काम शुरू किया, फिर गाय खरीदी। आज मेरी वार्षिक आय 1.40 लाख रुपये है। अब मैं अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनने और योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हूं।
– लखपति दीदी कांता सेन
पहले मैं केवल खेतों में काम करती थी, ट्रेनिंग और आर्थिक सहायता मिलने के बाद सिलाई का काम शुरू किया, फिर बैंक सखी की ट्रेनिंग ली। आज मेरी गांव में अलग पहचान है। पहले कोई नहीं जानता था, अब हर कोई सम्मान से नमस्ते करता है।
– ईना रावत
स्कूली छात्रा लवीशा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बम्बोरी में विज्ञान संकाय खोलने का आग्रह किया। छात्रा की बात सुन मुख्यमंत्री ने विद्यालय में विज्ञान संकाय खोलने का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री से संवाद करते हुए किसानों ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में मालामाल हो रहा है। किसान मांगीलाल ने बताया कि वे पिछले 20 वर्षों से जैविक खेती कर रहे हैं तथा खेती में लगातार नवाचार कर रहे हैं। उन्हें जिला स्तर पर पुरस्कार भी मिल चुका है।
किसान सुरेश ने बताया कि कृषि क्षेत्र में मिलने वाली सब्सिडी एवं सम्मान निधि से किसानों को काफी लाभ मिल रहा है।
किसान सीताराम धाकड़ ने कहा कि खेती में लागत निकल रही है तथा सरकारी योजनाओं से अच्छा फायदा मिल रहा है।
बालूराम ने मंगला पशु बीमा योजना को पशुपालकों के लिए राहतकारी बताया। वहीं किशन ने बताया कि उनके घर में 8-10 गायें हैं तथा कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से उन्हें बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने पशुपालक के आग्रह पर सरस डेयरी बूथ खोले जाने एवं बम्बोरी तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए कार्यवाही के निर्देश दिए।
युवा उत्सव जैन ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शिता के साथ रोजगार प्रदान करने के लिए बेहतर कार्य कर रही है। इस दौरान नवनियुक्त युवाओं ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। हमने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में देय राशि को 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 6 हजार 500 रुपये किया है तथा मा वाउचर योजना के तहत निःशुल्क सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों से संवाद करते हुए कहा कि हमारी सरकार किसान, गरीब, मजदूर और पशुपालक के जीवन के संघर्ष और उनके सपनों को भलीभांति समझती है। उन्होंने कहा कि गरीबी का दर्द वही समझ सकता है जिसने उसे करीब से देखा हो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार किसानों, युवाओं और पशुपालकों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते दौर में किसानों को लाभकारी खेती की ओर बढ़ना आवश्यक है। इसके लिए हमारी सरकार 23 से 25 मई तक जयपुर में ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट-ग्राम 2026 का आयोजन कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम 2026 में प्रदेश के हजारों किसान और पशुपालक के साथ ही देश-विदेश के कृषि वैज्ञानिक, तकनीकी विशेषज्ञ, एग्रीटेक डेवलपर, स्टार्टअप्स और कृषि प्रसंस्करण से जुड़े उद्योगपति भाग लेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं ऑर्गेनिक खेती अपनाने, फलदार पौधे लगाने और आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों से सोलर ऊर्जा से जुड़ने और फव्वारा प्रणाली जैसी जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने पूरे प्रदेश में 27 अप्रैल से ग्राम विकास रथ अभियान शुरू किया है। इसके माध्यम से हर पंचायत तक सरकार की योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस अभियान में सरकार सुझाव पेटिका के जरिए आमजन से सुझाव ले रही है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान के अन्तर्गत पहली बार गांव, वार्ड के लिए वर्ष 2030, 2035 और 2047 तक के लिए अल्पकालीन, मध्यमकालीन और दीर्घकालीन विकास का रोडमैप बना रहे है। इसके तहत भविष्य की आवश्यकता के अनुरूप पानी, सड़क, शिक्षा एवं चिकित्सा की योजनाएं शामिल है।
उन्होंने कहा कि युवा, माता-पिता के साथ-साथ राष्ट्र की सबसे बड़ी आशा हैं। पहले किसान अपने बच्चों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहर भेजते थे। परिवार उम्मीद करता था कि बेटा मेहनत कर सरकारी नौकरी प्राप्त करेगा, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाओं से युवाओं और उनके परिवारों के सपने टूट जाते थे। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार ने पेपरलीक पर प्रभावी अंकुश लगाया है और एक भी पेपरलीक नहीं हुआ है।
महिला सशक्तीकरण की दिखी प्रेरक तस्वीर
ग्राम विकास चौपाल में महिला प्रभारी मंत्री, महिला संभागीय आयुक्त, महिला कलेक्टर और महिला सरपंच की उपस्थिति प्रेरक रही। मुख्यमंत्री ने इन सभी महिलाओं को मंच पर आमंत्रित किया और महिलाओं को हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री के आगमन पर आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक गैर नृत्य के साथ उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री भी कलाकारों के बीच पहुंचे और उनके साथ गैर नृत्य में शामिल होकर उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री के आत्मीय व्यवहार और अपनत्व से कलाकार अभिभूत नजर आए। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर ग्राम रथ का अवलोकन भी किया तथा इससे संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमंत मीणा, सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक, महिला एवं बाल विकास विभाग राज्य मंत्री डॉ. मंजू बाघमार, सांसद सीपी जोशी, विधायक श्रीचंद कृपलानी, अर्जुन लाल जीनगर, चंद्रभान सिंह आक्या एवं सुरेश धाकड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


