काकड्डू गाँव (अंबाला) के चावला साहब उर्फ ज्ञानानंद महाराज के जुल्मों की दास्तां: आरटीआई योद्धा पीपी कपूर को कुचलने की नाकाम कोशिश
चंडीगढ़ / 19 जून 2026 / अटल हिन्द ब्यूरो
काकड्डू गाँव (अंबाला) निवासी चावला साहब, जिन्हें ज्ञानानंद महाराज के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में आरटीआई एक्टिविस्ट कॉमरेड पीपी कपूर के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश रची। बैकग्राउंड हिस्ट्री पूछने पर महाराज जी ने पहले तो पीपी कपूर को जान से मारने की धमकियां दिलवाईं, फिर बेबुनियाद लांछन लगाकर उन्हें देशद्रोही, हिंदू विरोधी और सनातन विरोधी बताते हुए भारी दुष्प्रचार किया। चरित्र हनन के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंच बनाकर पीपी कपूर का फेसबुक अकाउंट भारत में ब्लॉक करवा दिया।
पीपी कपूर कौन हैं?
पीपी कपूर हरियाणा (मुख्य रूप से पानीपत-पानीपत क्षेत्र) के प्रसिद्ध आरटीआई एक्टिविस्ट और सोशल वर्कर हैं, जो वर्ष 1984 से भ्रष्टाचार, सरकारी गड़बड़ियों और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं। वे जन अभियान मंच के प्रदेशाध्यक्ष और आरटीआई प्रहरी के रूप में जाने जाते हैं।
उन्होंने हरियाणा में अवैध कॉलोनियों, भूमि माफिया, सफाई घोटालों, नगर निगम रिश्वतखोरी और सूचना आयोग में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दों को लगातार उजागर किया है। कई बार उन्होंने लोकायुक्त में शिकायतें दायर कीं, अधिकारियों को नोटिस भिजवाए और प्रदर्शन किए। वे RSS-भाजपा नेताओं द्वारा कथित अवैध कॉलोनियों काटने के मुद्दे पर भी खुलकर बोलते रहे हैं।
पीपी कपूर निडर स्वभाव के लिए मशहूर हैं। धमकियों, चरित्र हनन और सोशल मीडिया ब्लॉकेज के बावजूद वे सत्य के मार्ग से पीछे हटने वाले नहीं हैं। हाल ही में ज्ञानानंद महाराज के राइट हैंड द्वारा दी गई जान से मारने की धमकी की ऑडियो रिकॉर्डिंग के साथ उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक एफआईआर दर्ज न होने का आरोप लगाया है।
यह घटना आरटीआई कार्यकर्ताओं पर बढ़ते दबाव और असहमति की आवाज को दबाने की कोशिश का एक और उदाहरण है। पीपी कपूर जैसे योद्धा, जो दशकों से सिस्टम के अंदरूनी घावों को उजागर करते आ रहे हैं, ऐसी धमकियों से नहीं रुकते।
ज्ञानानंद महाराज के बारे में
ज्ञानानंद महाराज अंबाला क्षेत्र में गीता प्रवचनों और दिव्य गीता सत्संग के लिए जाने जाते हैं। वे हरियाणा के आध्यात्मिक गुरु के रूप में सक्रिय हैं और विभिन्न मंचों पर गीता पर प्रवचन देते रहते हैं।
अटल हिन्द ब्यूरो की अपील: प्रशासन को इस मामले में तुरंत संज्ञान लेना चाहिए। धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और आरटीआई एक्टिविस्टों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। सत्य की लड़ाई कभी नहीं रुकती—चाहे कितने भी चावला साहब क्यों न कोशिश करें।


