श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर ऐतिहासिक शिव मंदिर – जगतगुरू नरेंद्रानंद
श्री तिलभांडेश्वर महादेव के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं
श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में साक्षात भगवान महादेव विराजमान हैं
मराठा रानी देवी अहिल्याबाई होलकर ने श्री तिलभांडेश्वर मंदिर का जीर्णाेद्धार कराया
मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत मोहन भारती ने संतों का स्वागत अभिनंदन किया
गुरुग्राम/ 25 मई /अटल हिन्द ब्यूरो/ फतह सिंह उजाला
उर्घ्वाम्नाय श्रीकाशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज के पावन सानिध्य व जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के मार्गदर्शन में संतों ने प्रसिद्ध श्री तिलभंडेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन किए। संतों ने नासिक कुंभ की तैयारियों के साथ धर्म चर्चा की। यह जानकारी शंकराचार्य के निजी सचिव के द्वारा मीडिया से साझा की गई।
उर्घ्वाम्नाय श्रीकाशीसुमेरू पीठाधीश्वर जगतगुरू शंकराचार्य अनन्त श्रीविभूषित स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर अत्यंत प्राचीन और ऐतिहासिक शिव मंदिर है। इस मंदिर का शिवलिंग अपने आकार में घटने.बढ़ने के चमत्कार के लिए प्रसिद्ध है और इसके दर्शन के लिए दूर.दूर से श्रद्धालु आते हैं। जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में भगवान शिव के दर्शन मात्र से ही सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। इस मंदिर से जुड़ी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ का शिवलिंग हर महीने शुक्ल पक्ष में एक तिल ;तिल के दाने के बराबर बढ़ता है और कृष्ण पक्ष में तिल के बराबर ही घट जाता है। जूना अखाड़ा के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज ने कहा कि श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर में साक्षात भगवान महादेव विराजमान हैं। इसी कारण मंदिर में पूजा-अर्चना करने वालों पर महादेव की कृपा हमेशा बनी रहती है।
श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर सदियों पुराना
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि श्री तिलभांडेश्वर महादेव मंदिर उज्जैन जिले के तराना शहर में करंज मार्ग पर स्थित है। इस प्राचीन मंदिर की स्थापना व शिवलिंग का संबंध ऋषि भांडव से होने के कारण ही मंदिर श्री तिलभांडेश्वर महादेव के नाम से विश्व भर में प्रसिद्ध है। यह मंदिर सदियों पुराना है। स्थानीय इतिहास के अनुसार मंदिर की मूल संरचना का निर्माण लगभग सन् 1626 में हुआ था। इसके आध्यात्मिक महत्व को पहचानते हुए ही मराठा रानी देवी अहिल्याबाई होलकर ने मंदिर का जीर्णाेद्धार कराया था। श्रावण और भाद्रपद के पवित्र महीनों के दौरान सोमवार को भव्य जुलूस, यात्रा-सवारी निकाला जाता है, जिसमें सजावटी झांकियां होती हैं जिसमें देश भर से बडी संख्या में श्रद्धालु आते हैं।
मंदिर की जलाधारी में चौबीसों घंटे जल
महाशिवरात्रि पर मंदिर परिसर में विशाल मेला और सामुदायिक भोज, महाभंडारा का आयोजन किया जाता है। यहां होने वाली सुबह और शाम की आरती बहुत दर्शनीय होती है। मंदिर की जलाधारी में चौबीसों घंटे जल भरा रहता है, जिसे भक्त भगवान शिव की कृपा और प्रकृति का चमत्कार मानते हैं। मंदिर के पीठाधीश्वर श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने बताया कि मंदिर में जो भी भक्त सच्चे मन से पूजा-अर्चना करता है, उसका हर कष्ट दूर होता है और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
संतों ने मंदिर में पूजा-अर्चना और अभिषेक किया
जूना अखाड़ा के वरिष्ठ अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरि महाराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत केदार पुरी महाराज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्रीमहंत उमाशंकर भारती महाराज, उपाध्यक्ष श्रीमहंत महेश पुरी महाराज, सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर गाजियाबाद के पीठाधीश्वर जूना अखाड़ा के अंतर्राष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष व जूना अखाड़ा की 13 मढ़ी के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज समेत सभी संतों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की व भगवान का अभिषेक किया। मंदिर के पीठाधीश्वर व जूना अखाड़ा के अध्यक्ष श्रीमहंत मोहन भारती महाराज ने सभी संतों का स्वागत-अभिनंदन किया।
यह प्रकांड विद्वान साधु संत मौजूद रहे
श्रीमहंत आनंदपुरी महाराज, सचिव श्रीमहंत रामेश्वरानंद गिरि महाराज सचिव श्रीमहंत आदित्य गिरि महाराज, सचिव श्रीमहंत रत्न गिरि महाराज, सचिव श्रीमहंत ओम भारती महाराज, वरिष्ठ अध्यक्ष उमाशंकर भारती महाराज मंत्री श्रीमहंत आनंदेश्वरानंद गिरि महाराज, मंत्री महंत गिरिशानंद गिरि महाराज, किन्नर अखाड़ा के महामंडलेश्वर पवित्रानंद गिरि महाराज, श्रीमहंत पृथ्वी गिरि महाराज, दत्त अखाड़ा के पीठाधीश्वर श्रीमहंत सुंदर पुरी महाराज, साध्वी आईकावा कैला गिरि, महामंडलेश्वर साध्वी चेतनानंद गिरि, साध्वी श्रद्धांनद गिरि श्रीमहंत शिवानंद सरस्वती महाराज, महंत राघवेंद्र पुरी महाराज, महंत विद्या गिरि महाराज पंजाब, थानापति परमानंद गिरि महाराज थानापति चांद गिरि महाराज, थानापति नीलकंठ गिरि महाराज, थानापति मोनानंद गिरि महाराज, माया देवी हरिद्वार के पुजारी भास्करानंद गिरि महाराज, पत्रकार राहुल कटियार, अखाडा परिषद के प्रवक्ता गोविंद सौलंकी आदि ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की।
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