तंवर ने कहा कि भाजपा मंचों से ‘स्वच्छता ही सेवा’ का नारा तो देती है, लेकिन वास्तविकता में सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
चंडीगढ़ / 25 मई /अटल हिन्द ब्यूरो
आम आदमी पार्टी (आप) चंडीगढ़ के प्रदेश मीडिया प्रभारी विक्रांत ए. तंवर ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भाजपा शासित नगर निगम और मेयर पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लायंस कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद उत्पन्न स्थिति को भाजपा की प्रशासनिक विफलता बताते हुए सफाई कर्मचारियों और शहरवासियों के साथ विश्वासघात करार दिया।
तंवर ने कहा कि भाजपा मंचों से ‘स्वच्छता ही सेवा’ का नारा तो देती है, लेकिन वास्तविकता में सफाई कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों से विवादों में रही कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने के बाद बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के सैकड़ों कर्मचारियों को असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया गया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम की हाउस मीटिंग में विपक्षी पार्षदों ने कंपनी को दोबारा टेंडर देने का विरोध किया था, लेकिन भाजपा पार्षद और अधिकारी कंपनी का बचाव करते रहे। अब जब टेंडर का नवीनीकरण नहीं हो पाया, तो भाजपा कर्मचारियों और सफाई व्यवस्था दोनों को संभालने में असफल साबित हुई है।
आप नेता ने मेयर सौरभ जोशी द्वारा सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ की गई बैठक पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नई सरकारी एजेंसी के तहत काम कराने की घोषणा केवल जनता के आक्रोश को शांत करने का प्रयास है। यदि नगर निगम को पहले से कॉन्ट्रैक्ट समाप्त होने की जानकारी थी, तो समय रहते स्थायी और पारदर्शी योजना क्यों नहीं बनाई गई।
तंवर ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने के बाद कर्मचारियों में नौकरी, वेतन और वरिष्ठता को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। उन्होंने भाजपा पर पूर्व में भी आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि लायंस कंपनी के अंतर्गत कार्यरत कई अधिकारियों और स्टाफ को नई व्यवस्था से बाहर रखना प्रशासनिक अव्यवस्था को जन्म दे सकता है।
उन्होंने दावा किया कि शहर के कई इलाकों में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई और कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगने लगे। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ी है। तंवर ने कहा कि यह स्थिति साबित करती है कि नगर निगम के पास कोई प्रभावी वैकल्पिक योजना नहीं थी।
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि किसी भी सफाई कर्मचारी के रोजगार, वेतन और सुविधाओं से छेड़छाड़ न की जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई या कर्मचारियों के हितों को नुकसान पहुंचा, तो वह सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।


