F I R – तहसीलदार रीता, रीडर संगीता सहित 13 पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार
आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी तथा सरकारी रिकॉर्ड में हेरा फेरी के गंभीर आरोप
अदालत के आदेश पर बीएनएस की धारा 318 (3),318 (4), 336(3), 338, 340 और 61 के तहत मामला दर्ज
जेएमआईसी पटौदी दीपक जागलान की अदालत के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
पटौदी थाना एसएचओ को आदेश आरोपियों के खिलाफ 24 घंटे में मामला दर्ज हो
पीड़ित पक्ष रोहित शर्मा की तरफ से एडवोकेट विशाल सिंह चौहान के द्वारा की गई पैरवी
पटौदी /16 जून 2026/फतह सिंह उजाला
पटौदी 16 जून । कानून के हाथ लंबे होते हैं । लेकिन कानून की नजर भी बहुत पहनी होती है कथित रूप से भ्रष्टाचार जैसे मामले में अपने आप को बचाने के लिए कितने ही प्रकार के प्रयास किए जाएं ? लेकिन कानून की पहली नजर और लंबे हाथ बचाव के लिए किए गए उन तमाम रास्तों पर अवरोधक बनकर खड़े हो जाते हैं।
पटोदी तहसील की पूर्व तहसीलदार रीता ग्रोवर उनकी रीडर संगीता सांगवान सहित टोटल 13 आरोपियों पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक गई है । जेएमआईसी पटौदी दीपक जागलान की अदालत के आदेश पर पटौदी थाना में उपरोक्त आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्यायाधीश संहिता की धारा 318 (3), 318 (4), 336 (3), 338, 340 और 61 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। कानून के जानकारो के मुताबिक यह सभी धाराएं गैर जमानती हैं तथा इसमें आजीवन कारावास तक की भी सजा संभव है। संभवत यह पहला मौका है जब राजस्व विभाग के तहसीलदार स्तर के अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार , सरकारी रिकॉर्ड में हेरा फेरी, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप कोर्ट में साबित होते हुए कोर्ट के द्वारा संज्ञान लेकर आपराधिक मामला दर्ज करवाया गया।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पटौदी क्षेत्र के ही गांव घीलनावास निवासी रोहित शर्मा की तरफ से पटौदी बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेजिडेंट एडवोकेट विशाल सिंह चौहान के द्वारा जेएमआईसी पटौदी दीपक जागलान की अदालत में जमीन से जुड़े हुए इस पेचीदा मामले की पैरवी की गई। संबंधित प्रकरण में जेएमआईसी दीपक जागलान की अदालत के द्वारा सोमवार शाम के समय पटौदी की पूर्व तहसीलदार रीता ग्रोवर, रीडर संगीता सांगवान व अन्य के विरुद्ध 24 घंटे के अंदर पटौदी थाना एसएचओ को आपराधिक मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए ।
प्रतिवादी के एडवोकेट एवं पटौदी बार एसोसिएशन के पूर्व प्रेजिडेंट विशाल सिंह चौहान के मुताबिक जमीन के संबंधित इसी मामले में पटौदी के एसडीएम के द्वारा की गई जांच में भी गड़बड़ी सामने आने के बाद रिपोर्ट दी थी। लेकिन कथित रूप से उस जांच और रिपोर्ट को भी स्थानीय पुलिस के द्वारा अनदेखा करते हुए पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया। गांव घीलनावास शिकायतकर्ता रोहित शर्मा ने आरोप है कि उनके पिता को उनके हिस्से से अवैध रूप से बेदखल करने के लिए राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी की गई। अदालती सुनवाई और कार्रवाई के दौरान अदालत के समक्ष प्रस्तुत रिकार्ड में कथित तौर पर सामने आया कि तकसीम का मामला दो जुलाई 2024 को दर्ज हुआ। किंतु उससे पहले मार्च 2024 से ही जमीन से संबंधित विभिन्न प्रकार की औपचारिकताएं और कई प्रक्रियाएं पूरी दिखा दी गईं।
अदालत ने रिकार्ड में बैकडेटिंग, फर्जी दस्तावेज और प्रक्रिया में अनियमितताओं को गंभीरता से लिया। आरोप है कि अंतिम बंटवारा आदेश 17 जुलाई 2024 को पारित हुआ, जबकि संबंधित बयानों पर आठ सितंबर 2024 की तारीख दर्ज थी। इसके अलावा वर्ष 2017 में मृत हो चुकी एक सह-खातेदार महिला को 2024 की कार्रवाई में जीवित पक्षकार दिखाने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायत में यह भी कहा गया कि शुरुआती नक्शों में शिकायतकर्ता के पिता का नाम था, लेकिन बाद के रिकार्ड से उनका नाम हटा दिया गया। सीएम विंडो पर दी गई शिकायत की जांच भी कथित रूप से आरोपित अधिकारी के पास पहुंच गई, जिस पर अदालत ने सवाल उठाए। अदालत ने पुलिस को निष्पक्ष और गहन जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दस्तावेजों में कथित जालसाजी और आपराधिक साजिश की पूरी सच्चाई को सामने लाया जा सके।
तहसीलदार रीता ग्रोवर सहित यह सभी आरोपी
पटौदी अदालत के आदेश पर पटौदी की पूर्व तहसीलदार रीता ग्रोवर के विरुद्ध मामला दर्ज किया जा चुका है। इसके साथ ही उनकी रीडर संगीता सांगवान भी शामिल है । इन दोनों के अतिरिक्त अदालत के आदेश अनुसार मनोज पुत्र मुरारी लाल, निशांत पुत्र मुरारीलाल, ज्ञानचंद पुत्र सत्यनारायण, अमन कुमार पुत्र सत्यनारायण, जय भगवान पुत्र गोपीचंद, आनंद पुत्र गोपीचंद निवासियान घीलनावास, श्योबाई पत्नी राजेंद्र सिंह, अजीत सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गांव खोड, रेखा पत्नी प्रदीप गांव गोरियावास के अतिरिक्त दो आरोपी गुरुग्राम के बताए गए हैं । इन सभी के खिलाफ भारतीय न्यायाधीश संहिता की धारा 318 (3), 318 (4), 336 (3), 338, 340 और 61 के तहत पटौदी थाना में मामला दर्ज किया जा चुका है।
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