महिला आरक्षण पर कुरुक्षेत्र जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस वार्ता, सरकार पर साधा निशाना
जिला अध्यक्ष मेवा सिंह, विधायक अशोक अरोड़ा, मंदीप सिंह चट्टा व रामकरण काला रहे मौजूद
कुरुक्षेत्र /शशि
महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष मेवा सिंह, थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा, पिहोवा विधायक मंदीप सिंह चट्टा तथा शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण बिल की आड़ में देशभर में अपने अनुसार परिसीमन करना चाहती थी, जिसका कांग्रेस पार्टी ने मजबूती से विरोध किया।
नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन इसके नाम पर लोकतांत्रिक प्रक्रिया से छेड़छाड़ किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिला अध्यक्ष मेवा सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत साफ नहीं है। महिला आरक्षण बिल को लागू करने से पहले परिसीमन की शर्त जोड़ना एक राजनीतिक चाल है। इससे भाजपा अपने हित में सीटों का पुनर्गठन करना चाहती है, जो लोकतंत्र के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस महिलाओं का सम्मान करती है और देश में महिलाओं ने हमेशा महत्वपूर्ण पदों पर अपनी भूमिका निभाई है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, जस्टिस फातिमा बीवी और उत्तर प्रदेश की पहली महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी का उदाहरण दिया।
थानेसर विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सरकार वास्तव में महिलाओं को अधिकार देना चाहती है तो बिना किसी शर्त के महिला आरक्षण तुरंत लागू करे। परिसीमन को इससे जोड़ना स्पष्ट रूप से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता को गुमराह कर रही है और महिला आरक्षण बिल के संबंध में पूरी सच्चाई सामने नहीं रख रही। पिहोवा विधायक मंदीप सिंह चट्टा और शाहाबाद विधायक रामकरण काला ने कहा कि यह बिल महिलाओं के सम्मान और अधिकारों से जुड़ा हुआ है, लेकिन भाजपा इसे भी राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। कांग्रेस इस मुद्दे पर पूरी मजबूती से जनता के बीच जाएगी।
शिक्षण संस्थानों में राजनीतिक कार्यक्रमों पर लगे रोक
प्रेस वार्ता के दौरान विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों को राजनीतिक अखाड़ा बनाए जाने पर भी कड़ा विरोध जताया गया। विधायकों ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में राजनीतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों पर पूर्ण रूप से रोक लगनी चाहिए। उन्होंने राज्यपाल से इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की, ताकि शिक्षा का वातावरण निष्पक्ष और अनुशासित बना रहे।
इस अवसर पर कांग्रेस नेत्री निशि गुप्ता, सुनीता नेहरा, कमलेश रानी, पवन चौधरी, विवेक भारद्वाज डब्बू , संजीव सैनी, पृथ्वी चंद के इलावा कई कांग्रेस कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
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