नरवाना 26 अप्रैल (नरेन्द्र जेठी)
राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, डुमरखा के अध्यापकों द्वारा एस.डी. महिला महाविद्यालय, नरवाना की उन प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने हरियाणवी संस्कृति को आगे बढ़ाते हुए सांग कला के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है।
आप सभी जानते हैं कि सांग जैसी लोककला में अब तक मुख्य रूप से पुरुषों का ही वर्चस्व रहा है, लेकिन पहली बार एस.डी. महिला महाविद्यालय नरवाना की छात्राओं ने स्कूल और कॉलेज की सीमाओं से बाहर निकलकर सार्वजनिक मंच पर दनोदा के ऐतिहासिक चबूतरे पर सांग प्रस्तुति देकर एक कीर्तिमान स्थापित किया। उनकी इस साहसिक और सांस्कृतिक पहल ने पूरे क्षेत्र में नई प्रेरणा दी है। तभी से इन छात्राओं को कला प्रेमियों, समाजसेवियों तथा हरियाणवी संस्कृति से प्रेम करने वाले लोगों द्वारा लगातार सम्मानित किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज डुमरखा खुर्द स्थित गवर्नमेंट प्राइमरी संस्कृति मॉडल स्कूल में अध्यापकों द्वारा इन प्रतिभाशाली छात्राओं का सम्मान किया गया। कलाकार समीना दनोदा एवं मोनिका सिंगवाल सहित पूरी टीम ने विद्यालय परिवार एवं सभी अध्यापकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का सम्मान कलाकारों को आगे बढऩे और अपनी संस्कृति को जीवित रखने की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक सतीश कुमार, मुख्य अध्यापक, बलजीत सिंह, दारा सिंह, मनोज कुमार, पुनीत कुमार, रविंद्र कुमार, सुंदर सिंह, अनिल कुमार, सुदेश देवी, नीलम देवी, सुदेश सभी प्राथमिक शिक्षकों सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।यह सम्मान समारोह हरियाणवी संस्कृति, लोककला और महिला सशक्तिकरण का एक सुंदर उदाहरण बना।


