उगाला में पीलिया की खबर के बाद हरकत में प्रशासन
जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची गांव
बराड़ा/23 फरवरी/अटल हिन्द संवाददाता
क्षेत्र के गांव उगाला में पीलिया के मरीज सामने आने से हडक़ंप मच गया। इस संबंध में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया और विभागीय टीमें गांव में पहुंच गई। सोमवार सुबह जनस्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अम्बाला से आई टीम ने गांव में डेरा डाल लिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जहां ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें दवाईयां वितरित की व सैंपल लिए, वहीं जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने अम्बाला से आई टीम व स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर घर-घर जाकर पानी के सैंपल लिए। हालांकि इस दौरान कई ग्रामीणों ने बदबूदार पानी आने की शिकायत भी की, लेकिन पानी सैंपलिंग के दौरान ऐसा कुछ सामने नहीं आया। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस दौरान खुद को क्लीनचिट दिखाते नजर आए, जबकि ग्रामीणों का कहना था कि गांव में काफी समय से बदबूदार पानी आ रहा है।
वहीं, गांव के ही सोनू जिसके तीन बच्चे बीमार हैं, उनके घर के बिल्कुल सामने विभाग के कर्मचारी लीकेज ठीक करने के लिए गली खोदते नजर आए और इस दौरान गड्ढे में पानी भी दिखाई दिया। लेकिन वहीं विभाग के एसडीओ का कहना था कि गांव में कहीं लीकेज नहीं। हैरानी की बात है कि इसी जगह के पास एक घर में तीन बच्चे और दूसरे घर में दो बच्चे पीडि़त रहे। पंजाबी मोहल्ला के दीपक बतरा ने बताया उसके बच्चे मोक्ष व मानिक पीलिया से पीडि़त रहे और उनके घरों में बदबूदार पानी आता रहा। वहीं, गुरमीत सिंह ने बताया कि उनके बच्चे भी इन्फेक्शन से पीडि़त हैं। उन्होंने कहा कि उनके घर के पास यह लीकेज भी काफी दिनों से है।
समय रहते दूर की जाए कमी
गांव के सरपंच प्रतिनिधि शेर सिंह राणा ने कहा कि काफी दिनों से गांव के बच्चे इस बीमारी से पीडि़त हैं। इस संबंध में उन्होंने जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से मीटिंग करके गांव में दूषित पानी की सप्लाई को दुरूस्त करने की मांग की थी। इसके बाद विभाग की टीम गांव में काम कर रही है। आज जो टीम गांव में पहुंची है, उसमें जो परिणाम सामने आए हैं वह काफी राहत भरे हैं। भविष्य में ऐसी कोई बीमारी गांव में ना फैले इसके लिए वह विभाग के अधिकारियों से मांग करते हैं कि समय रहते लीकेज या पेयजल पाइप संबंधी कमी दूरी की जाए।
ब्लॉक समिति सदस्य प्रतिनिधि समाजसेवी बृजेश शर्मा का कहना है कि विभाग को समय रहते ऐसी चीजों पर खुद ही ध्यान देना चाहिए। क्योंकि किसी घटना के बाद ही विभाग जागता है और लोगों को नुकसान होता है।
मेगा कैंप लगाकर लोगों का स्वाथ्य जांचा, दवाईयां दी: डॉ. बीरबल सिंह
बराड़ा के एएसएमओ डॉ. बीरबल सिंह ने बताया कि जानकारी मिलते ही रविवार को उनकी टीम गांव में पहुंच गई और लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान करीब 16 बच्चों में पीलिया होने के लक्षण पाए गए। सोमवार को वह टीम के साथ गांव में पहुंचे। जिसमें लोगों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें दवाईयां दी गई। यदि कोई गंभीर मरीज पाया जाता है तो उसे अस्पताल में दाखिल किया जाएगा। हेपेटाईटिस ए बच्चों को ज्यादा संक्रमित करता हैै। लोगों को आगाह किया जाता है कि पानी उबालकर पीएं। बाहर की गंदगीयुक्त चीजें मत खाएं। जनस्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अम्बाला से पहुंची टीम ने घर-घर जाकर पानी की सैंपलिंग की और लोगों का स्वास्थ्य जांचा।
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66 सैंपल लिए, शुद्ध पानी आ रहा: एसडीओ सुभाष चंद्र
जलापूर्ति एवं जनस्वाथ्य विभाग के एसडीओ ने बताया कि उनकी टीम लगातार गांव में काम कर रही है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ मिलकर पानी के 66 सैंपल लिए गए हैं। कहीं दूषित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। पानी में क्लोरिन डालकर सप्लाई दी जा रही है। उनकी टीम लीकेज और अन्य कारणों पर नजर रख रही है। फिलहाल पानी को लेकर गांव में कोई समस्या नहीं है।
फोटो कैप्शन…. गांव में पानी के सैंपल लेती विभाग की टीम और कैंप लगाकर लोगों के स्वास्थ्य की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी


