नन्हीं पीढ़ी ने थामी बिगड़ते पर्यावरण को सुधारने की कमान
नवकल्प फाउंडेशन के साथ बच्चों ने लिया प्रकृति व पंछी संरक्षण का संकल्प
बच्चों ने पेड़ लगाएंगे, पानी बचाएंगे और प्लास्टिक हटाएंगे महामंत्र अपनाया
विभिन्न स्कूलों के छात्रों को पक्षियों का सच्चा साथी बनने की शपथ दिलाई
गुरुग्राम/फतह सिंह उजाला
धरती को बचाने और प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का संदेश देने के लिए गुरुग्राम के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में नवकल्प फाउंडेशन के तत्वावधान में एक व्यापक पर्यावरण चेतना अभियान चलाया गया। फाउंडेशन द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों में हजारों विद्यार्थियों ने भाग लिया। दाना-पानी नेस्ट अभियान के तहत पक्षियों के संरक्षण का बीड़ा उठाया।
अभियान की शुरुआत सलवान पब्लिक स्कूल से हुई, जहां प्रधानाचार्या सुनीता जाखड़ के मार्गदर्शन में बच्चों ने नुक्कड़ नाटकों के जरिए पेड़ों का दर्द साझा किया। वेस्ट से बेस्ट प्रदर्शनी में कूड़े को कला में बदलते देख अतिथि दंग रह गए। यहां फाउंडेशन के संस्थापक अनिल आर्य और कोर सदस्य मीनाक्षी सक्सेना ने बच्चों को पक्षियों का सच्चा साथी बनने की शपथ दिलाई। इसी कड़ी में राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक स्कूल, समसपुर में पर्यावरण उत्सव मनाया गया। रचना विनय मेहता और स्कूल के शिक्षकों के नेतृत्व में बच्चों ने 3 पीएस यानी पेड़ लगाएंगे, पानी बचाएंगे और प्लास्टिक हटाएंगे का महामंत्र अपनाया। जमना ऑटो के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में ईश्वर सिंह, सुमन लता, दिव्या और सविता ग्रोवर ने बच्चों के साथ मिलकर स्नेहधारा के माध्यम से पौधारोपण किया।
विद्यार्थियों ने कबाड़ से बर्ड हाउस बनाए
पक्षियों के लिए उमड़ा बच्चों का प्रेम
लायंस पब्लिक स्कूल सेक्टर-102 में स्कूल चेयरमैन लायन डी.वी. तनेजा, उप-प्रधानाचार्या अरुणा बहल, वरिष्ठ अधिवक्ता नेहा चौधरी (सदस्य, डीएलएसए) और लायन दीपक कटारिया की गरिमामयी उपस्थिति में बच्चों ने पर्यावरण संरक्षण की मार्मिक लघु नाटिका प्रस्तुत की। मीनाक्षी सक्सेना के संवाद से प्रेरित होकर बच्चों ने एक स्वर में अपने घरों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी का पात्र रखने का संकल्प लिया। मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल सेक्टर-46) में ग्रेड 5 के विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। रचना विनय मेहता और मीनाक्षी सक्सेना ने पारिस्थितिक तंत्र में पक्षियों की भूमिका पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों ने कबाड़ से बर्ड हाउस बनाए, जिसके बाद फाउंडेशन द्वारा भेंट किए गए कृत्रिम घोंसलों को स्कूल गार्डन के शांत कोनों में स्थापित किया गया।

सैनफोर्ट ग्लोबल प्री-स्कूल में बर्ड केयर एक्टिविटी
कोमल मन में संवेदनशीलता का बीजारोपण
भीषण गर्मी को देखते हुए सैनफोर्ट ग्लोबल प्री-स्कूल में बर्ड केयर एक्टिविटी की गई। डायरेक्टर हिमांशु यादव, सेंटर हेड आशिमा एस. सूद, सोनाली राणा और दीपा शाह के नेतृत्व में नन्हे बच्चों ने नारियल जूट के इको फ्रेंडली नेस्ट लगाए। नवकल्प फाउंडेशन के संस्थापक अनिल आर्य ने कहा कि जमना ऑटो के साथ मिलकर चलाया जा रहा यह दाना-पानी नेस्ट अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के भीतर प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संस्कार रोपने की कोशिश है। इन आयोजनों ने यह सिद्ध कर दिया कि जब बच्चे संकल्प लेते हैं, तो पृथ्वी का भविष्य सुरक्षित हाथों में होता है।
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