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बाबैन/23 अप्रैल /सुरेश अरोड़ा
: मार्केट कमेटी बाबैन के चेयरमैन जसविंदर सिंह जस्सी ने गुरुवार को बाबैन अनाज मंडी का दौरा कर गेहूं की खरीद प्रक्रिया, तोल व्यवस्था और किसानों को मिल रही सुविधाओं का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने मंडी में चल रही गेहूं की सरकारी खरीद का बारीकी से अवलोकन भी किया। उन्होंने गेहूं की खरीद प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों व व्यापारियों से बातचीत कर मंडी की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान जसविन्द्र सिंह जस्सी ने विशेष रूप से गेहूं के तोल को चेक किया और उसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
उन्होंने व्यापारियों से कहा कि सभी व्यापारी केवल इलेक्ट्रॉनिक कांटों का ही उपयोग करें और कांटों की डिस्प्ले दोनों ओर स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए। डिस्पले से किसान स्वयं भी अपने गेहूं का सही वजन देख सकेंगे और उन्हें किसी प्रकार का संदेह भी नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि मंडी में ईमानदारी और पारदर्शिता सर्वोपरि है। यदि कोई व्यापारी या कर्मचारी तोल में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
जसविंदर सिंह जस्सी ने मंडी में सफाई व्यवस्था, पेयजल, शेड और बैठने की सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को मंडी में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम को देखते हुए मंडी में पेयजल और छाया की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने किसानों से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याएं भी सुनी और मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए। किसानों ने भी मंडी में चल रही व्यवस्था पर संतोष जताते हुए कहा कि प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं।
जस्सी ने कहा कि गेहूं की खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करना हरियाणा सरकार और प्रशासन की प्राथमिकता है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में पड़ी गेहूं के उठान कार्य में तेजी लाई जाए, ताकि मंडी में पड़ी गेहूं का उठान हो सके और किसानों को उनकी गेहूं का भुगतान सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर मंडी एसोसिएशन के सचिव कौशल सैनी, उप प्रधान कृष्ण गोयल,व्यापारी कृष्ण मक्कड़, जगमाल सिंह, संदीप गोयल, सोहन लाल, सोमनाथ, महेन्द्र सिंह के अलावा अनेक व्यापारी एवं किसान भी उपस्थित रहे।
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