रेखा शर्मा के बयान पर बवाल: कुलदीप बिश्नोई ने बीजेपी नेतृत्व को खुली चेतावनी दी, कहा– “माफी नहीं मांगी तो अर्श से फर्श तक ला दूंगा”
चंडीगढ़। हरियाणा की राजनीति में उस समय बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया जब भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ तीखा रुख अपना लिया। मामला राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा के उस बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भजनलाल परिवार सहित कुछ नेताओं पर टिप्पणी की थी। इस बयान के बाद अब पार्टी के भीतर ही घमासान तेज हो गया है।
कुलदीप बिश्नोई का कड़ा रुख, सार्वजनिक वीडियो जारी कर हमला
कुलदीप बिश्नोई ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर नाराजगी जताई और सीधे तौर पर रेखा शर्मा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भजनलाल जैसे वरिष्ठ और सम्मानित नेता पर की गई टिप्पणी अस्वीकार्य है और इसे सिर्फ बयानबाजी नहीं माना जा सकता, बल्कि यह राजनीतिक समझ पर भी सवाल उठाता है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अगर रेखा शर्मा ने सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी, तो मामला यहीं खत्म नहीं होगा। बिश्नोई ने चेतावनी देते हुए कहा कि वे पार्टी के भीतर भी और जनता के बीच भी इस मुद्दे को आगे ले जाएंगे।

“नौसिखिया सोच” बताकर साधा निशाना
बिश्नोई ने रेखा शर्मा के बयान को “अनुभवहीन सोच” करार देते हुए कहा कि जिन नेताओं ने प्रदेश की राजनीति को दिशा दी, उनके खिलाफ इस तरह की भाषा स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि इतिहास बनाना आसान नहीं होता और भजनलाल जैसे नेताओं ने हरियाणा की राजनीति और विकास में अहम भूमिका निभाई है।
प्रदेश अध्यक्ष पर भी उठाए सवाल
इस विवाद के बीच कुलदीप बिश्नोई ने हरियाणा भाजपा अध्यक्ष मोहनलाल बडौली पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व स्तर पर भी ऐसे बयान दिए जा रहे हैं जो उचित नहीं हैं और इससे संगठन की छवि प्रभावित होती है।
सरकार बनाने में अपनी भूमिका का दावा
बिश्नोई ने यह भी कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने दावा किया कि उनके समर्थन और वोट ट्रांसफर के चलते पार्टी को सत्ता हासिल हुई थी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेताओं का रवैया ऐसा ही रहा, तो इसका असर भविष्य के चुनावों पर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा, “मैं वही पुराना बब्बर शेर हूं, जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है लेकिन हल्के में नहीं लिया जा सकता।”
विवाद की शुरुआत कहां से हुई?
यह पूरा विवाद रेखा शर्मा के उस बयान से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने पंचकूला में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस शासन और कुछ नेताओं का उल्लेख करते हुए “बदमाशी से चुनाव जीतने” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। उनके बयान में भजनलाल का नाम आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया।
कांग्रेस की भी प्रतिक्रिया
इस मामले पर कांग्रेस नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी और बयान को राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ बताया। कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने कहा कि ऐसे बयान न केवल वरिष्ठ नेताओं का अपमान हैं बल्कि हरियाणा की राजनीतिक परंपरा पर भी प्रश्नचिह्न लगाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में चुप्पी भी कई सवाल खड़े करती है।


