AtalHind
टॉप न्यूज़राजनीति

भूपेंद्र हुड्डा ने अपने फायदे के लिए कांग्रेस के तीन दर्जन कद्दावर नेताओं का कर दिया सफाया

=अटल हिन्द ब्यूरो —-

चंडीगढ़। 9 साल तक हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे भूपेंद्र हुड्डा को अगर हरियाणा का सबसे बड़ा सियासी “शिकारी ” कहा जाए तो गलत नहीं होगा।
 भूपेंद्र हुड्डा ने 2005 में मुख्यमंत्री बनने से लेकर 2022 तक अपने फायदे के लिए कांग्रेस के तीन दर्जन कद्दावर नेताओं का सियासी “खात्मा” कर दिया।
 अपने रास्ते के “कांटों” को हटाने के लिए भूपेंद्र हुड्डा ने हर “हथकंडे” का इस्तेमाल किया।
-भूपेंद्र हुड्डा के कारण एक दर्जन से ज्यादा बड़े नेता कांग्रेस को छोड़ गए।
-भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस को कमजोर करने के लिए एक दर्जन से ज्यादा बड़े नेताओं की सियासत का खात्मा कर दिया।
-भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस पर शिकंजा कसने के लिए एक दर्जन नेताओं को  हाशिए पर डाल दिया।

भूपेंद्र हुड्डा के कारण कांग्रेस छोड़ने वाले नेता
बीरेंद्र सिंह, राव इंद्रजीत सिंह, धर्मबीर सिंह, रमेश कौशिक, जितेंद्र मलिक, अशोक तंवर, अरविंद शर्मा, अवतार सिंह भड़ाना, दुड़ाराम, देवेंद्र बबली, अनीता यादव, राव नरवीर सिंह, नरेश शर्मा, शारदा राठौर

भूपेंद्र हुड्डा ने इन नेताओं की सियासत खत्म की

-पूर्व मंत्री मांगेराम गुप्ता को खत्म किया
-पूर्व मंत्री लक्ष्मण दास अरोड़ा के परिवार को खत्म किया
-पूर्व मंत्री बलबीर पाल शाह को खत्म किया-
-पूर्व विधायक अमीरचंद मक्कड़ के परिवार को खत्म किया।
-पूर्व मंत्री एसी चौधरी को खत्म किया
– पूर्व मंत्री धर्मवीर गाबा को खत्म किया
-पूर्व मंत्री शकुंतला भागवाड़िया को खत्म किया
-पूर्व मंत्री परसन्नी देवी को खत्म किया
– पूर्व सांसद तारा सिंह के परिवार को खत्म किया
-पूर्व सांसद किशन सिंह सांगवान के परिवार को खत्म किया
-अपने ही सारथी प्रोफेसर वीरेंद्र को खत्म किया
-अपने ही बेहद विश्वासपात्र सुरेंद्र नरवाल को खत्म किया

भूपेंद्र हुड्डा ने इन नेताओं को हाशिए पर डाला
-भूपेंद्र हुड्डा ने 3 साल तक हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष कुमारी शैलजा को प्रदेश का संगठन नहीं बनाने दिया और उनको हटाने के लिए पूरी ताकत लगाते रहे।
-भूपेंद्र हुड्डा भजनलाल परिवार को सियासी तौर पर खत्म करने के लिए 2005 से लेकर अभी तक कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
-भूपेंद्र हुड्डा ने पूर्व मंत्री किरण चौधरी के खिलाफ रणवीर महिंद्रा, सोमबीर सिंह, संदीप सिंह और धर्मबीर सिंह के जरिए घेराबंदी करके तोशाम तक समेटने में हर हथकंडा इस्तेमाल किया।
-चौधरी बंसीलाल की सियासी वारिस व किरण चौधरी की बेटी श्रुति चौधरी चौधरी को 2 लोकसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा के साथियों ने हराने के लिए पूरी तरह खिलाफत की।
-भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस के प्रति निष्ठा दिखाने वाले आनंद सिंह दांगी को महम सीट पर चुनाव हरवा दिया
-भूपेंद्र हुड्डा ने सात बार के विधायक कैप्टन अजय यादव को कभी भी उभरने नहीं दिया।
-भूपेंद्र हुड्डा ने रणदीप सुरजेवाला को जींद के महत्वपूर्ण चुनाव में हरवाने का काम किया
-भूपेंद्र हुड्डा ने सिर नहीं झुकाने वाले वीरेंद्र राठौर को घरोंडा सीट पर तीन चुनाव में हरवाने का काम किया।
-भूपेंद्र हुड्डा ने पूर्व सांसद धर्मपाल मलिक को सोनीपत में ही हाशिए पर डाल दिया
-भूपेंद्र हुड्डा ने पूर्व मंत्री कृष्णमूर्ति हुड्डा को रोहतक में उभरने नहीं दिया
-भूपेंद्र हुड्डा ने पूर्व मंत्री सुभाष बत्रा को रोहतक में खुड्डे लाइन कर दिया।
-भूपेंद्र हुड्डा ने 1999 में कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर प्रदेश में पहली जनसभा करवाने वाले गोहाना के जयपाल मलिक से मुख्यमंत्री बनते ही मुंह फेर लिया।

 बात यह है कि कांग्रेस की हरियाणा में “दुर्गति” के लिए “सिर्फ” और “सिर्फ” भूपेंद्र हुड्डा ही “जिम्मेदार” है।
हुड्डा ने मुख्यमंत्री रहते हुए 9 साल के दौरान जहां पूरी “तानाशाही” से सरकार और पार्टी पर राज किया वहीं उसके बाद भी कांग्रेस को “निपटाने” के काम में लगे हुए हैं।
हुड्डा ने हरियाणा में कांग्रेस को अपने “शिकंजे” में कसने के लिए पार्टी के तमाम जनाधार वाले नेताओं को या तो पार्टी “छोड़ने” पर मजबूर कर दिया या उन्हें “हाशिए” पर डाल दिया।
 
भूपेंद्र हुड्डा ने सिर्फ अपने “चापलूस” साथियों को ही बढ़ावा देने का काम किया। भूपेंद्र हुड्डा ने पिछले 17 साल के दौरान सिर्फ “खुद” को मजबूत करने के लिए काम किया और कांग्रेस को “कमजोर” करने की “साजिशें” रची।
 भूपेंद्र हुड्डा ने 8 साल से हरियाणा में कांग्रेस का संगठन भी नहीं बनने दिया है।
 भूपेंद्र हुड्डा अपने बेटे दीपेंद्र हुड्डा को सीएम बनाने के लक्ष्य को साथ लेकर एक बार फिर प्रेशर पॉलिटिक्स के जरिए शैलजा को प्रदेश अध्यक्ष से हटवाने की “मुहिम” चलाए हुए हैं। भूपेंद्र हुड्डा के प्रेशर में जब तक कांग्रेस रहेगी तब तक वह कभी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी क्योंकि जब बाड़ ही खेत को खाने लगती है तो उसका सर्वनाश होना तय हो जाता है। यह सच्चाई है कि भूपेंद्र हुड्डा देश के सबसे बड़े सियासी कातिल है जिसने हरियाणा में कांग्रेस पार्टी का “बंटाधार” कर दिया है।

Advertisement
Advertisement

Related posts

भारत में हालात दुखद हैं-: सुप्रीम कोर्ट

admin

द वायर को मिला इंटरनेशनल प्रेस इंस्टिट्यूट का 2021 फ्री मीडिया पायनियर अवॉर्ड

atalhind

तरावड़ी-नायब तहसीलदार की पत्नी मंडी सुपरवाइजर ने सरकारी क्वाटर में लगाई फांसी

atalhind

Leave a Comment

%d bloggers like this:
URL