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सोनाली फोगाट की बेटी यशोधरा भी खतरे के “चक्रव्यूह” में फंसती हुई नजर आ रही है।

सोनाली फोगाट की बेटी यशोधरा भी खतरे के “चक्रव्यूह” में फंसती हुई नजर आ रही है।
 सुरक्षित हॉस्टल से बाहर निकालना पड़ सकता है मासूम की जिंदगी को भारी
100 करोड़ की प्रॉपर्टी करेगी कई लोगों की नियत खराब
15 साल की मासूम को पगड़ी पहनाकर मोहरा बनाने की कर दी गई शुरुआत

-अटल हिन्द ब्यूरो –
हिसार। भाजपा की बहुचर्चित नेत्री रही सोनाली फोगाट की मौत के बाद उनकी इकलौती बेटी यशोधरा भी खतरे के “चक्रव्यूह” में फंसती हुई नजर आ रही है।
जिस तरह से सोनाली फोगाट के खिलाफ साजिश रची गई, उसी तरह से मासूम यशोधरा के लिए भी लालची और शातिर लोग बड़ा “षड्यंत्र” रख सकते हैं।
माता-पिता दोनों को खोने के बाद अनाथ हो चुकी यशोधरा के लिए उसके बाद दादके और नानके सुरक्षा की कितनी बड़ी ढाल साबित होंगे यह तो वक्त ही बताएगा लेकिन सच यह है कि 100 करोड की प्रॉपर्टी की वारिस यशोधरा के लिए आगे की जिंदगी किसी भी तरह से आसान नहीं है।
यशोधरा के रिश्तेदारों ने सबसे पहला गलत फैसला उसे हॉस्टल से निकालकर किया है।
रिश्तेदारों ने कहा कि यशोधरा हॉस्टल में सुरक्षित नहीं है; इसलिए उसे घर पर दादी या नानी के पास रखा जाएगा।
काबिले गौर है कि यशोधरा हिसार के विद्या देवी जिंदल स्कूल के हॉस्टल में रह रही थी।
विद्या देवी जिंदल स्कूल देश के सबसे सुरक्षित स्कूलों में शामिल है। वहां पर यशोधरा की जान को किसी भी तरह का खतरा नहीं हो सकता क्योंकि कड़ी सुरक्षा के बीच स्कूल के अंदर परिंदा भी पर नहीं मार सकता है। इस कारण वहां पर यशोधरा पूरी तरह से “महफूज” रहती लेकिन जिस तरह से परिजनों ने यशोधरा को हॉस्टल से निकालकर घर पर रखने का फैसला लिया है वह पूरी तरह से चौंकाने वाला है और यशोदा की सुरक्षा के लिए खतरे को निमंत्रण देना है।
100 करोड की प्रॉपर्टी की वारिस बन चुकी यशोधरा के लिए षड्यंत्र रचे जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्कूल के सुरक्षा “कवच” से बाहर निकलकर खुली हवा में रहना यशोधरा के लिए “संकट” का सबब बन सकता है।
मासूम यशोधरा को विरासत की पगड़ी पहनाने की भी कोई जरूरत नहीं थी ।
सोनाली फोगाट किसी तरह की पुरानी राजशाही या सामंतशाही की उत्तराधिकारी नहीं थी बल्कि वह एक आम घर से निकली प्रतिभाशाली शख्सियत थी।
राजनीति में आना सोनाली फोगाट के लिए महंगा साबित हुआ जो उनकी जान के खात्मे का कारण भी बना।
अब उसी रास्ते पर यशोधरा को आगे बढ़ाना कई सवालों को जन्म दे रहा है। यशोधरा को इस समय सिर्फ अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देना चाहिए लेकिन उसकी बजाय उसके सिर पर पगड़ी बांधकर कहीं ना कहीं कुछ लोगों ने अपने शातिर मंसूबो की शुरुआत कर दी है।
बात यह कि यशोधरा के लिए सबसे सुरक्षित उसका स्कूल का हॉस्टल था।
उसको उससे बाहर निकालकर घर पर लाने का फैसला रिश्तेदारों की गलत सोच का परिचायक है।
यशोधरा के लिए अगले कुछ सालों के लिए सुरक्षित माहौल में रहना जरूरी है।
100 करोड़ की प्रॉपर्टी के लालच में कई लोग जहां उसको गुमराह कर सकते हैं वहीं दूसरी तरफ उनकी उसकी जान के बलि भी ले सकते हैं।
वर्तमान समय में समाज में समय-समय पर ऐसी घटनाएं होती हैं जिसमें संपत्ति के लालच में हत्या कर दी जाती हैं।
ऐसे में अनाथ यशोधरा के लिए भी जिंदगी का संकट कभी भी आ सकता है।
रिश्तेदारों को होस्टल से घर लाने के फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए और उन्हें हॉस्टल में रखकर उसकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना चाहिए।
अगर ऐसा नहीं किया गया तो यशोधरा कभी भी जानलेवा षड्यंत्र का शिकार हो सकती है।
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