कलायत नगर पालिका के कार्यों की लगातार खुल रही जांच फाइल
कलायत एसडीएम अजय हुड्डा ने महाराजा अग्रसेन पार्क के पास मिट्टी भराव कार्य की जांच के लिए गठित की कमेटी
पार्षद प्रदीप राणा ने सीएम से की भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग:
कलायत/28 अप्रैल /तरसेम सिंह
कलायत में महाराजा अग्रसेन पार्क के पास सरकारी जमीन पर मिट्टी भराव कार्य में गड़बड़ी की आशंका को लेकर एसडीएम अजय हुड्डा ने जांच कमेटी गठित की है। मिट्टी भराव के कार्य में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतोंं पर एसडीएम ने यह संज्ञान लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया है।
यह कमेटी मंगलवार को जांच के लिए मौका स्थल पर पहुंची। जांच कमेटी सदस्य मनोनीत पार्षद राजेश बेदी ने बताया कि पिछले कुछ समय से महाराजा अग्रसेन पार्क के पास मिट्टी डालने का कार्य चल रहा था। स्थानीय स्तर पर और विभिन्न माध्यमों से यह जानकारी मिली कि इस कार्य में पारदर्शिता की कमी है। मिट्टी भराव की प्रक्रिया में भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं।
आशंका जताई गई है कि जितना काम कागजों में दिखाया जा रहा है धरातल पर उतना काम नहीं हुआ है। इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए एसडीएम ने चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी में कलायत के नायब तहसीलदार, नगर पालिका अकाउंटेंट, तहसील कार्यालय से पटवारी सुरेंद्र सिंह व मनोनीत पार्षद राजेश बेदी शामिल हैं। कमेटी से एसडीएम ने जल्द रिपोर्ट तलब की है। इससे नगर पालिका में हडक़ंप है। जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर भराव कार्य को परखा।
इस स्थान पर पहले पुरानी मिट्टी कितनी थी, कितनी नई मिट्टी डाली गई, कहीं भराव के नाम पर कचरे को तो मिट्टी में नहीं दबाया गया, किन-किन स्थानों पर मिट्टी भरा जाना अभी बाकी है, कार्य के लिए अब तक कितनी राशि खर्च की जा चुकी है और कुल कितना बजट निर्धारित है। इस प्रकार के पहलुओं को लेकर जांच प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
एसडीएम का लक्ष्य कार्य में पारदर्शिता लाना है। प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग न हो और विकास कार्य नियमों के अनुसार ही पूरे हों। जांच के आदेश के बाद विभाग में खलबली मच गई है। शहर के नागरिकों को अब कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है। ताकि मिट्टी भराव के नाम पर हो रहे कथित खेल का पर्दाफाश हो सके।
यदि जांच में कोई दोषी पाया जाता है तो उस पर सख्त विभागीय कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। कलायत शहर के सात पार्कों में सिक्योरिटी एवं रखरखाव का मामला पहले से ही गर्म है। आरटीआइ एक्टिविस्ट सुरेंद्र बैद्य की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए इस मामले में डीसी अपराजिता ने एडीसी सुशील कुमार को जांच सौंप रखी है।
शिकायतकर्ता ने बताया कि जांच मेेंं अभी तक जो तथ्य सामने आए हैं उससे टेंडर के नाम पर भ्रष्टाचार व हेराफेरी का खेल उजागर होता नजर आ रहा है। क्योंकि न तो 21 सिक्योरिटी गार्डों की सरकार के निमय अनुसार नियुक्ति हुई न ही अन्य कर्मियों को रखरखाव के लिए गतिशील किया गया। इसलिए सरकार को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के इस मामले मेंं बिना देरी प्रशासन को ठोस कार्यवाही अमल में लानी चाहिए। इसके अलावा वार्ड 6 से पार्षद प्रदीप राणा ने पार्कों के टेंडर मामले में भ्रष्टाचार को अंजाम देने वालों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से की है।
डिजिटल मशीन के जरिये पूर्ण होगी जांच:
एसडीएम अजय हुड्डा ने बताया कि प्रशासन हर स्तर पर पारदर्शिता को लेकर गंभीर है। इस कड़ी में नगर पालिका के माध्यम से जारी कार्यों की धरातल पर निगरानी की जा रही है। इसके तहत ही महाराजा अग्रसेन पार्क के पास सरकारी जमीन पर मिट्टी भराव की जांच जारी है। डिजिटल मशीन के जरिये अधिकारी-कर्मचारी व मनोनीत पार्षद इस कार्य की गहनता से जांच पूरा करेंगे।
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