एसडीएम अपने क्षेत्र में खुली मेडिकल स्टोर्स की करें चैकिंग, कैमरा न मिलने पर करें सख्त कार्रवाई : उपायुक्त
जिला को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभाग मिलकर नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त के खिलाफ करें कड़ी कार्रवाई
सभी एसडीएम नशा मुक्ति केन्द्रों की करें जांच, नियमों का पालन न करने वाले केन्द्रों पर करें कार्रवाई
उपायुक्त नेहा सिंह ने लघु सचिवालय में आयोजित एनकोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश
सोनीपत/29 अप्रैल /रणबीर सिंह रोहिल्ला
मेडिकल स्टोर्स पर नशीली दवाइयों की बिक्री पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त नेहा सिंह ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित मेडिकल स्टोर्स की नियमित रूप से चेकिंग करें और यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से स्थापित हों।
उन्होंने कहा कि जिन मेडिकल स्टोर्स में कैमरे नहीं पाए जाते या नियमों का उल्लंघन होता है, उनके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाए। उपायुक्त नेहा सिंह ने बुधवार को लघु सचिवालय में आयोजित एनकोर्ड बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
उपायुक्त ने कहा कि जिले को नशा मुक्त बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए तथा इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्र में संचालित नशा मुक्ति केन्द्रों की नियमित जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी केन्द्र निर्धारित नियमों व मानकों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो केन्द्र नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि नशा मुक्ति सेवाओं की गुणवत्ता बनी रहे और जरूरतमंद लोगों को सही उपचार मिल सके।
उपायुक्त ने नशे के दुष्प्रभावों के प्रति बच्चों एवं युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सभी शिक्षण संस्थानों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्कूलों व कॉलेजों में विशेष अभियान चलाकर विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक व सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जाए, ताकि वे इस बुराई से दूर रह सकें। बैठक में उन्होंने चिन्ह्नित अपराधों की समीक्षा करते हुए कहा निर्देश दिए कि न्यायालय में लंबित मामलों की मजबूती से पैरवी की जाए। प्रत्येक केस में ठोस साक्ष्य, समयबद्ध कार्रवाई और प्रभावी प्रस्तुतिकरण के माध्यम से दोषियों को सख्त सजा दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।


