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KAITHAL DC बोली-क्या आपकी बेटियां भी ऐसे शौचालय में जा सकती हैं

KAITHAL DC बोली-क्या आपकी बेटियां भी ऐसे शौचालय में जा सकती हैं

 
स्कूल इंचार्ज और टीजीटी अध्यापकों को डीसी ने लगाई फटकार, कार्रवाई के दिए आदेश
 
स्कूल में अनुशासन ही नहीं, कैसे पढ़ेंगे बच्चे
अध्यापकों का फर्ज है बच्चों का सर्वांगीण विकास करना
शौचालय में भरी पड़ी गंदगी, स्कूल प्रांगण साफ नहीं, क्या यही है हमारी स्कूल संस्कृति
डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल ने शेरगढ़ के सरकारी स्कूल का किया औचक निरीक्षण
स्कूल में लड़कियों के शौचालय की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं होने पर स्कूल इंचार्ज को लगाई फटकार
2 टीजीटी अध्यापक तथा स्कूल इंचार्ज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीईओ को दिए निर्देश
कैथल, 5 जुलाई (अटल हिन्द ) : स्कूल में अनुशासन ही नहीं, फिर अच्छी शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे बच्चे। शौचालयों में गंदगी भरी पड़ी है, स्कूल का प्रांगण साफ नहीं है, क्या यही हैं हमारी स्कूल संस्कृति ? ये शब्द डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल के मुख से उस समय निकले जब डीसी शेरगढ़ के सरकारी स्कूल में औचक निरीक्षण करने पहुंची। डीसी ने कहा कि शिक्षक वर्ग का फर्ज है कि स्कूल में सफाई व्यवस्था बेहतर हो। समुचित व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा की जाए, लेकिन इस स्कूल में हालात कतई ठीक नहीं, जिसके जिम्मेदार स्कूल का स्टाफ है। स्कूल की व्यवस्था से नाराज नजर आई डीसी ने कहा कि अभिभावक बच्चों को इसलिए स्कूल भेजते हैं कि वे अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और जब वातावरण ही अच्छा नहीं हो तो बच्चे अच्छी शिक्षा कैसे ग्रहण कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षक वर्ग के कई लोगों पर फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था दोबारा नजर नहीं आनी चाहिए। मैं फिर से स्कूल का दौरा करूंगी और ऐसी व्यवस्था फिर से मिली तो संबंधित को सख्त कार्रवाई झेलनी पड़ेगी।
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अध्यापक कर रहे थे संस्कृत पढ़ाने की बात और बच्चों के हाथों में खोल रही थी अन्य विषयों की किताबें :
औचक निरीक्षण के दौरान जैसे ही डीसी एक कक्षा में पहुंची, वहां पर टीजीटी अध्यापक राजेश संस्कृत पढ़ाने की बात कर रहे थे, परंतु बच्चों के पास अलग-अलग विषयों की कॉपियां व किताबें हाथों में थी, जिस पर डीसी ने कड़ा संज्ञान लेते हुए अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश डीईओ शमशेर सिरोही को दिए।
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जब बच्चे को सिलैंडर पर खड़ा करेंगे तो वो स्टेटिड को स्टुडेंट ही बोलेगा ः
जब डीसी ने बाहर खड़े हुए बच्चे को कक्षा में बुलाकर बोर्ड पर लिखे इंग्लिश के शब्दों के बारे में पूछा तो वह बच्चा स्टेटिड को स्टुडेंट बोलने लगा। इस पर डीसी बोली बच्चे को सिलैंडर के लिए बाहर खड़ा करेंगे तो वह ऐसा ही बोलेगा। बता दें कि यह बच्चा संबंधित अध्यापक व मिड डे मिल बनाने वाली महिला ने गेट के बाहर सिलैंडर के इंतजार में खड़ा कर रखा था। नाराजगी व्यक्त करते हुए डीसी ने अध्यापक से पूछा कि बच्चे को गेट पर क्यों भेजा गया था। इस पर डीसी ने अध्यापक को कड़ी फटकार लगाई और इस मामले को लेकर भी डीईओ को निर्देश दिए कि वे इस अध्यापक के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई अमल में लाकर उपायुक्त कार्यालय रिपोर्ट करें।
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क्या आपकी बेटियां ऐसे शौचालय में जा सकती है, यदि नहीं तो स्कूल में ऐसे हालात क्यों?
डीसी ने निरीक्षण के दौरान लड़कियों के शौचालय को दिखाने की बात इंचार्ज को कही, जैसे ही डीसी लड़कियों के शौचालय के पास पहुंची तो अंदर शौचालय में गंदगी का आलम था और डीसी ने इंचार्ज को कहा कि क्या आपकी बेटियां ऐसे शौचालय में जा सकती है, यदि नहीं तो स्कूल में ऐसे हालात क्यों? मौके पर शौचालय पूरी तरह से खराब थे, जोकि इस्तेमाल के कतई लायक नहीं थे। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए डीसी ने डीईओ शमशेर सिंह सिरोही को कहा कि स्कूल इंचार्ज दलबीर सिंह के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाए और स्कूल का चार्ज किसी अन्य योग्य अध्यापक को देने की प्रक्रिया शुरू करें।
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आगे भी जारी रहेगा सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण ः
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार जिला के अन्य सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। सभी स्कूलों में साफ-सफाई बेहत्तरीन हो और विशेषकर शौचालय भी पूरे तरीके से प्रयोग लायक होने चाहिए। बच्चों को दिए जाने वाला मिड डे मिल गुणात्मक होना चाहिए। बच्चों को स्कूल टाईम में पढ़ाई के अलावा कोई अन्य कार्य नहीं करवाया जाए। यदि ऐसा पाया जाता है तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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डीसी ने किया स्कूली बच्चों से संवाद ः

डीसी डॉ. संगीता तेतरवाल अपने निरीक्षण के दौरान बारहवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनसे कुछ प्रश्न भी पूछे। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि मां-बाप अपना आराम कुर्बान करके बच्चों को स्कूलों में भेजते हैं और खुद खेती-बाड़ी व अन्य मेहनत का कार्य करते हैं। सभी बच्चे पढ़ाई में विशेष ध्यान लगाकर अपने व मां-बाप के सपनों को पूरा करने का कार्य करें। बेहतर भविष्य बनाने के लिए पढ़ाई के साथ-साथ रूचि अनुसार विषयों पर ध्यान देना जरूरी है। एक लक्ष्य का निर्धारण करके पढ़ाई में ध्यान दें तो आपको आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। अभिभावकों ने हमें पढ़ाई करके आगे बढ़ने का जो अवसर दिया है उसका हमें सदुपयोग करना है ताकि भविष्य में पढ़ाई के बल पर ऊंचे से ऊंचा पद हासिल हो सके।

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