9 महीने से वेतन नहीं, आंगनबाड़ी वर्करों का फूटा गुस्सा
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप, मांगों को लेकर केंद्रीय मंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
जाखल /15 जुलाई 2026/योगेश खनेजा
पिछले करीब नौ महीनों से मानदेय नहीं मिलने से नाराज आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने सरकार के खिलाफ रोष जताया। जिला प्रधान सुनीता झलनिया ने कहा कि लगातार सेवाएं देने के बावजूद केंद्र सरकार का मानदेय अभी तक जारी नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने बताया कि वेतन के संबंध में जब भी विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो हर बार यही जवाब मिलता है कि फाइल चंडीगढ़ भेज दी गई है और जल्द भुगतान कर दिया जाएगा, लेकिन नौ महीने बीतने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी वर्कर को केंद्र सरकार की ओर से 3000 रुपये और हेल्पर को 1500 रुपये का मानदेय मिलता है, वह भी समय पर नहीं दिया जा रहा।
सुनीता झलनिया ने बताया कि उनकी मांगों को लेकर उपायुक्त, विभागीय अधिकारियों और मंत्रियों को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं। अब जिला कमेटी ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नाम भी मांग पत्र भेजा है।उन्होंने मांग की कि वर्ष 2018 में घोषित आंगनबाड़ी वर्करों के लिए 1500 रुपये और हेल्परों के लिए 750 रुपये की बढ़ोतरी तुरंत लागू की जाए। साथ ही आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर को पक्का कर्मचारी बनाया जाए, समान काम का समान वेतन दिया जाए, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये किया जाए, ऑनलाइन कार्यों का बोझ कम किया जाए तथा मोबाइल रिचार्ज के लिए 3600 रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएं। सुनीता जलानिया ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकार आंगनबाड़ी वर्करों एवं हेल्परों की लगातार उपेक्षा कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही लंबित वेतन जारी नहीं किया गया और मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा
Add A Comment

