पीने के लिए ही पानी मांग रहे हैं, पानी को बेचने के लिए नहीं !
एक ही देश के शहर में पीने के पानी की आपूर्ति की अलग-अलग नीतियां
पहले से स्थापित वाटर सप्लाई को रीस्टार्ट करने की कब मिलेगी परमिशन
पीने के पानी की आपूर्ति का टाइम टेबल भी फिक्स नहीं किया जा रहा
पुराना हेली मंडी पालिका क्षेत्र में सभी वाटर सप्लाई शुरू किया जाने की मांग
हेलीमंडी /15 जुलाई 2026 /अटल हिन्द /फतह सिंह उजाला
पटौदी जाटोली मंडी परिषद के पुराना नगर पालिका इलाका जटौली, हेली मंडी, टोडापुर में पीने के पानी की समस्या का ठोस और स्थाई समाधान नहीं हो पा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और मौजूदा समय में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के द्वारा भाजपा सरकार के पहले कार्यकाल में नहरी पानी पर आधारित पीने के पानी की सुविधा अथवा व्यवस्था का उद्घाटन किया गया था।
समय की मांग के साथ पुराना पटौदी और हेली मंडी नगर पालिका सीमा के साथ लगते नो गांव को मिलाकर पटौदी जाटोली मंडी परिषद बना दिया गया। नहरी पानी की व्यवस्था आरंभ होने के साथ ही जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग के द्वारा क्षेत्र पहले से रनिंग में वाटर सप्लाई को बंद कर दिया गया। उस समय भी प्रमुख लोगों के द्वारा सवाल उठाया गया कि इमरजेंसी या आपात स्थिति में आम लोगों के पीने के पानी की क्या व्यवस्था होगी या फिर की जाएगी ?
स्थानीय लोगों का सवाल है कि एक ही देश में एक ही शहर में आम लोगों के पीने के पानी की अलग-अलग व्यवस्था किस नियम और कानून के तहत बनाई गई है ? तर्क यह दिया जाता है कि पुराना हेली मंडी पालिका क्षेत्र में ही आधा दर्जन वाटर सप्लाई आज भी रनिंग कंडीशन में है । इससे पानी की आपूर्ति की जा रही है ।

नहरी पानी की आपूर्ति नहीं होने पर संबंधित क्षेत्र में लोगों को पीने का पानी मिलता है । लेकिन अनगिनत लोग जीवन की मूलभूत जरूरत पीने के पानी से वंचित रह जाते हैं। पीने के पानी की गंभीर होती जा रही समस्या को देखते हुए समाजसेवी सुशील कुमार लालू के द्वारा जनहित में सलाह दी गई थी कि सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि अथवा पार्षद अपने-अपने वार्ड की वाटर सप्लाई को गोद लेकर इनको आरंभ करवाएं। भारतीय संस्कृति और समाज में पीने का पानी उपलब्ध करवाना एक पुण्य का कार्य माना गया है।
पीने के पानी की समस्या को लेकर एक दिन पहले भी बड़ी संख्या में निवासी एकत्रित हुए और समस्या के समाधान के लिए विभाग के साथ-साथ परिषद के जनप्रतिनिधियों को भी कथित रूप से खरी खोटी सुनाई गई । लोगों का साफ-साफ कहना है की आम जनता जीवन की मूलभूत और जिंदा रहने के लिए जरूर का पीने का पानी ही मांग रही है, पानी बेचने के लिए नहीं मांग रही।
इसी कड़ी में क्षेत्र के ही लोगों का कहना है कि पिछड़ा बहुल क्षेत्र में मौजूद माता मंदिर की वाटर सप्लाई तथा टोडरपुर क्षेत्र में एमएलए स्कूल के सामने मौजूद वाटर सप्लाई को जल्द से जल्द रीस्टार्ट करवाया जाए। रीस्टार्ट के लिए विभाग के अधिकारी भी कई बार मौका मुआयना करके जा चुके हैं।
इसी वाटर सप्लाई को रीस्टार्ट किया जाने के लिए पार्षद के द्वारा भी जला पूर्ति एवं अभियांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को भी पत्र लिखा जा चुका है । इसी पार्षद का कहना है कि विभाग और अधिकारियों के द्वारा संबंधित वाटर सप्लाई को रीस्टार्ट करने की अप्रूवल नहीं दी जा रही है । इसके अलावा सबसे गंभीर और बड़ी समस्या पीने के पानी की आपूर्ति का एक निश्चित टाइम टेबल नहीं होना है।
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