विभिन्न मांगों के चलते एआईकेकेएमएस ने एमएसपी के नए कानून की प्रतियां जलाकर जताया विरोध
तोशाम/30 मई/विष्णु दत्त शास्त्री
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) ने 4 मई 2022 से किसानों की ऊपजाऊ जमीन जबरदस्ती अधिग्रहण किये जाने के खिलाफ चल रहे धरनें का समर्थन करते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के नए कानून की प्रतिया जलाकर विरोध किया और सी2+50% के हिसाब से सभी फसलों का
एमएसपी लागू कर खरीद का गारंटी कानून बनाने की मांग की। इस दौरान पेट्रोल, डीजल़, सीएनजी, रसोई गैस, दूध आदि के दाम बढ़ोतरी के खिलाफ एआईकेकेएमएस कार्यकर्ताओं ने मिलकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, नारे लगाये और सरकार से बढ़ी हुई कीमतों को वापस लेने की मांग की।
इस अवसर पर जिला कमेटी सदस्य फूलचंद ने कहा कि सरकार अमेरिकी साम्राज्यवाद के फंदे मे न फंसे, वहाँ से महंगा कच्चा तेल खरीदने की बजाय रूस, ईरान आदि देशों से जहां से सस्ता तेल मिलता है,
वहां से खरीदे और आम जनता को आधे रेट पर तेल दे।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब क्रूड ऑयल के दाम गिरे और जब रूस से सस्ता तेल खरीदा, तो भी सरकारी और निजी बड़ी-बड़ी तेल कंपनियों ने तेल के रेट नहीं घटाये, लोगों को राहत नहीं दी और प्रतिदिन अरबों-खरबों का मुनाफा कमाया।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिला प्रधान रोहतास सिंह सैनी ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब क्रूड ऑयल के दाम गिरे और जब रूस से सस्ता तेल खरीदा, तो भी सरकारी और निजी बड़ी-बड़ी तेल कंपनियों ने तेल के रेट नहीं घटाये, लोगों को राहत नहीं दी और प्रतिदिन अरबों-खरबों का मुनाफा कमाया।
अब भी तेल कंपनियों को कोई घाटा नहीं हो रहा है। पहले से ‘कम आमदनी’ होने को घाटे बताकर तेल कंपनियों द्वारा की गई दाम बढ़ोतरी एकदम से नाजायज़ है और पहले से गरीबी, महंगाई व बेरोजगारी से जूझ रही आम जनता पर भयंकर आर्थिक हमला है। अमेरिका-ईरान युद्ध का फायदा उठाते हुए केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए तेल व गैस के दाम बढ़ाये हैं। इससे आम जनता के जनजीवन पर बहुत बुरा असर पड़ेगा।
संगठन के जिला कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह कटारिया ने कहा कि एमएसपी नया कानून किसान-विरोधी है। इसे रद्द करें और सभी फसलों का सी2+50% यानी लागत का डेढ़ गुना दाम पर एमएसपी पर खरीद की गारन्टी दे।
किसान नेताओं ने सभी आम लोगों से तेल, गैस, दूध, एनपीके खाद आदि की इस नाजायज मूल्य वृद्धि का जोरदार विरोध करने और सरकार को कीमतें वापिस लेने को मजबूर करने का आह्वान किया। इस प्रदर्शन में ताराचन्द भगत, आनंद कुमार, मांगेराम, बलराम, धर्मपाल जांगड़ा, रमेश कुमार, रतीभान, सुरेंद्र जांगड़ा, प्रताप सिंह, परमाल सिंह, जगदीश चंद्र सहित अनेक लोगों ने भाग लिया।
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