मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की जीरो टोलरेंस नीति—
वाहन मोडिफाई कर मादक पदार्थों का परिवहन एवं गैर कानूनी गतिविधियां करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई—
काली फिल्म, प्रेशर हॉर्न, अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती एवं नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट पर कड़ी निगरागी—
वाहन स्वामियों को 3 दिन का अवसर—
इसके बाद चालान, वाहन जब्ती एवं अन्य कानूनी कार्रवाई
जयपुर/01 जून/ अटल हिन्द /दिनेश जांगिड़
वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का परिवहन एवं अन्य गैर कानूनी गतिविधियों में संलिप्त असामाजिक तत्वों पर अब कड़ी कार्रवाई होगी। प्रदेशभर में ऐसे वाहन स्वामियों के खिलाफ चालान, जब्ती एवं अन्य कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ऐसी गैर कानूनी गतिविधियां करने वाले तत्वों के विरूद्ध राज्य सरकार की जीरो टोलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसकी अनुपालना में परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग द्वारा प्रदेशभर में जनजागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
परिवहन विभाग के संज्ञान में आया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा वाहनों में अवैध मोडिफिकेशन कर मादक पदार्थों का अवैध परिवहन सहित अन्य गैर कानूनी गतिविधियां करने की संभावनाएं रहती हैं।
वाहनों पर नियम विरूद्ध प्रतीक आदि लगाकर आमजन को भयभीत किए जाने की भी सूचनाएं मिलती हैं। ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने राज्यव्यापी अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के तहत मोटरयान अधिनियम, 1988 एवं केन्द्रीय मोटरयान नियम, 1989 के प्रावधानों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाएगा।
परिवहन विभाग के अनुसार राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन संचालित होने की सूचनाएं सामने आती हैं, जिनमें नियमों के विपरीत अवैध मोडिफिकेशन, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न, अनाधिकृत लाल एवं नीली बत्तियां, फ्लैशर, हूटर, काली फिल्म, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट, अनाधिकृत शब्द, चिन्ह एवं लेखन प्रदर्शित किए जा रहे हैं।
ऐसे वाहनों का उपयोग गैर कानूनी गतिविधियों एवं अपराधों में भी किए जाने की संभावना रहती है। मोडिफिकेशन के कारण वाहनों की पहचान नहीं होने से अपराधियों को पकड़ना भी मुश्किल हो जाता है। साथ ही, सड़क सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा उत्पन्न होता है। ऐसी अवांछित गतिविधियों पर प्रभावी रोकथाम के लिए राज्यभर में व्यापक जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि वाहन स्वामी स्वेच्छा से नियमों का पालन सुनिश्चित कर सकें।
अवैध मॉडिफिकेशन पर सख्त कार्रवाई—
विभाग ने स्पष्ट किया है कि वाहन की संरचना, बॉडी, चेसिस में ऐसा कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकता, जिससे वाहन के पंजीकरण प्रमाण-पत्र में दर्ज मूल विवरण प्रभावित हो। वाहन का प्रकार, सीटिंग क्षमता, रंग एवं आयाम अथवा निर्माता द्वारा अनुमोदित विनिर्देशों से भिन्न कोई भी परिवर्तन अवैध माना जाएगा।
किसी वाहन पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना लाल या नीली बत्ती, फ्लैशर, स्ट्रोब लाइट, बीकन लाइट, हूटर, प्रेशर हॉर्न, एयर हॉर्न अथवा निर्धारित मानकों के विपरीत ध्वनि उपकरण पाए जाने पर उन्हें मौके पर ही हटाया जाएगा। ऐसे मामलों में चालान के साथ-साथ ड्राइविंग लाइसेंस अयोग्य घोषित करने अथवा निरस्त करने की कार्रवाई भी होगी।
काली फिल्म लगाने वालों पर विशेष निगरानी—
वाहनों के शीशों पर निर्धारित मानकों से अधिक काली फिल्म अथवा अन्य अपारदर्शी सामग्री पाए जाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। वाहन की बॉडी अथवा अन्य भागों पर नियम विरूद्ध शब्द, चिन्ह, स्टिकर, मोनोग्राम या लेखन प्रदर्शित करने/लगाने पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
हाई सिक्योरिटी प्लेट पर विशेष फोकस—
परिवहन विभाग ने सभी वाहन स्वामियों को हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगवाने के निर्देश दिए हैं। फर्जी नम्बर प्लेट, अपठनीय नम्बर प्लेट, नम्बर प्लेट को स्टिकर या अन्य सामग्री से ढंकना अथवा नम्बर प्लेट पर अनाधिकृत शब्द, चिन्ह या मोनोग्राम प्रदर्शित करना गंभीर उल्लंघन माना जाएगा। ऐसे मामलों में वाहन का चालान, जब्ती तथा आवश्यकता पड़ने पर पंजीकरण निलंबन की कार्रवाई होगी।
वाहन स्वामियों को 3 दिन का अवसर—
परिवहन विभाग ने राज्य के सभी वाहन स्वामियों से अपील की है कि यदि उनके वाहनों में अवैध मॉडिफिकेशन, नियम विरूद्ध नम्बर प्लेट अथवा अन्य उल्लंघन हो रहा है तो वे परिपत्र जारी होने की तिथि से तीन दिवस के भीतर उन्हें स्वयं ठीक कर लें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद प्रदेशभर में विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। उल्लंघन पाए जाने पर चालान, वाहन जब्ती तथा अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि वाहनों में मॉडिफिकेशन कर गैर कानूनी गतिविधियों पर रोक लगाना एवं सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। ऐसे असामाजिक तत्वों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


