नौ वर्षों में जीएसटी ने लाया देश की कर व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव : राजेश जैन
एफटीआईटीआई के सचिव राजेश जैन ने केंद्र सरकार से की जीएसटी प्रणाली को सरल, पारदर्शी बनाने की मांग
तरावड़ी/14 जुलाई 2026/रोहित लामसर
वस्तु एवं सेवा कर व्यवस्था के 9 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शहर के प्रमुख उद्योगपति एवं ऑल इंडिया
एफटीआईटीआई के सचिव राजेश जैन ने केंद्र सरकार से जीएसटी प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा व्यापारी-हितैषी बनाने की मांग की है।
जैन ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में जीएसटी ने देश की कर व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाया है और वन नेशन, वन टैक्स की अवधारणा को मजबूत आधार प्रदान किया है। राजेश जैन ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद कर संग्रह में लगातार उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आज सरकार को प्रत्येक माह करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है।
यह देश की मजबूत होती अर्थव्यवस्था और करदाताओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को अभी भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें दूर करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने सरकार के समक्ष दो सुझाव रखते हुए कहा कि जीएसटी प्रणाली को और अधिक सरल बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि रिटर्न फाइलिंग, टैक्स स्लैब तथा कंप्लायंस प्रक्रिया को आसान बनाने से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे अधिक लोग स्वेच्छा से कर व्यवस्था से जुड़ेंगे, व्यापार को बढ़ावा मिलेगा तथा सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई सप्लायर खरीदार से जीएसटी वसूलने के बावजूद सरकार के खाते में टैक्स जमा नहीं करता है,
तो उसकी जिम्मेदारी ईमानदार खरीदार पर नहीं डाली जानी चाहिए। राजेश जैन ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई बार खरीदार द्वारा विधिवत टैक्स भुगतान करने के बावजूद उसका इनपुट टैक्स क्रेडिट रोक दिया जाता है, जिससे उद्योग और व्यापार प्रभावित होता है। उन्होंने कहा कि जिस व्यापारी ने पूरी ईमानदारी से खरीदारी की है और जीएसटी का भुगतान किया है,
उसे सप्लायर की गलती की सजा नहीं मिलनी चाहिए। जिसने टैक्स जमा नहीं किया, कार्रवाई उसी के खिलाफ होनी चाहिए। ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। राजेश जैन ने विश्वास व्यक्त किया कि जीएसटी के 10वें वर्ष में सरकार राजस्व वृद्धि के साथ-साथ ईज आफ़ डूइंग बिज़नेस को भी सर्वोच्च प्राथमिकता देगी तथा ऐसी नीतियां बनाएगी, जिससे देश का प्रत्येक छोटा-बड़ा व्यापारी जीएसटी व्यवस्था का वास्तविक लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि कर प्रणाली जितनी सरल होगी, उतना ही व्यापार, निवेश और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
Add A Comment

