विदेशी मेहमान भी तरावड़ी के चावलों की सुगंध और स्वाद के कायल : विजय सिंगला
बोले :- गुणवत्ता और महक से दुनिया में छाया तरावड़ी का बासमती चावल
कहा :- विदेशी मेहमान भी तरावड़ी के चावलों के स्वाद और खुशबू के मुरीद, किसानों और राइस उद्योग की मेहनत का दुनिया कर रही सम्मान
तरावड़ी/14 जुलाई 2026/रोहित लामसर
श्रीराम एग्रोटैक के मैनेजिंग डायरेक्टर साधुराम सिंगला एवं विजय सिंगला ने कहा कि तरावड़ी आज केवल हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की बासमती राजधानी के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां की उपजाऊ भूमि, किसानों की अथक मेहनत और आधुनिक राइस मिलों की उन्नत तकनीक ने तरावड़ी के बासमती चावल को देश-विदेश के बाजारों में विशेष स्थान दिलाया है।
गुणवत्ता, लंबाई, स्वाद और मनमोहक खुशबू के कारण तरावड़ी का बासमती चावल आज दुनिया भर में अपनी अलग पहचान बना चुका है। तरावड़ी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जब भी अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रीमियम बासमती चावल की चर्चा होती है तो तरावड़ी का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। यूरोप, मध्य-पूर्व, अमेरिका, कनाडा सहित अनेक देशों में यहां का बासमती चावल बड़े पैमाने पर निर्यात किया जाता है। विदेशी मेहमान भी तरावड़ी के चावलों की सुगंध और स्वाद के कायल हैं और इसकी गुणवत्ता की खुलकर सराहना करते हैं।
विजय सिंगला ने कहा कि तरावड़ी की पहचान केवल चावल के उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां का राइस उद्योग हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार भी उपलब्ध करा रहा है।
हर वर्ष तरावड़ी की अनाज मंडियों में लाखों क्विंटल बासमती धान की खरीद होती है, जिससे किसानों, व्यापारियों, श्रमिकों, ट्रांसपोर्ट और निर्यात क्षेत्र को नई गति मिलती है। बासमती व्यापार इस क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की मजबूत रीढ़ बन चुका है। उन्होंने कहा कि समय के साथ यहां की राइस मिलों ने आधुनिक तकनीक को अपनाकर अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पादन को और बेहतर बनाया है।
यही कारण है कि तरावड़ी का बासमती चावल वैश्विक बाजार में लगातार अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है और इसकी मांग हर वर्ष बढ़ रही है। साधुराम सिंगला ने कहा कि तरावड़ी के किसानों की मेहनत, व्यापारियों की ईमानदारी और उद्योगपतियों की दूरदर्शी सोच ने इस शहर को विश्व मानचित्र पर एक अलग पहचान दिलाई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के गौरव और सम्मान का विषय है। आने वाले समय में गुणवत्ता, आधुनिक तकनीक और बेहतर निर्यात व्यवस्था के बल पर तरावड़ी का बासमती उद्योग नई ऊंचाइयों को छुएगा और विश्व बाजार में अपनी बादशाहत कायम रखेगा।
उन्होंने सभी किसानों और बासमती व्यापार से जुड़े लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके समर्पण और मेहनत की बदौलत आज तरावड़ी का नाम दुनिया भर में गर्व के साथ लिया जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भविष्य में भी तरावड़ी का बासमती चावल अपनी उत्कृष्ट गुणवत्ता, बेहतरीन स्वाद और मनमोहक खुशबू से विश्वभर के उपभोक्ताओं का दिल जीतता रहेगा।
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