जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों की मांगों पर सरकार ध्यान दे: एडवोकेट एम. जिया मलिक
चंडीगढ़ | 14 जुलाई 2026 | अटल हिन्द ब्यूरो
भारतीय किसान यूनियन (मनीष) के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं अधिवक्ता एम. जिया मलिक ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं की मांगों पर सरकार से संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की है। मंगलवार को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को संविधान के दायरे में रहकर अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार प्राप्त है।
एम. जिया मलिक ने कहा कि यदि छात्र शांतिपूर्ण एवं संवैधानिक तरीके से अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रख रहे हैं, तो सरकार का दायित्व है कि उनकी मांगों को गंभीरता से सुने और समाधान का भरोसा दे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवा देश का भविष्य हैं और उनकी चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों पर सकारात्मक पहल की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा समाधान नहीं है, बल्कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए। इससे न केवल आंदोलन का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों में भी लोगों का विश्वास मजबूत होगा।
जिया मलिक ने यह भी कहा कि उनके अनुसार इस आंदोलन में शामिल पूर्व वैज्ञानिक सोनम वांगचुक पिछले लगभग 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद ही सबसे प्रभावी माध्यम होता है।
उन्होंने पूर्व के आंदोलनों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस शासनकाल में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे के आंदोलन के दौरान भी सरकार ने बातचीत और आश्वासन के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया था। उनका कहना है कि लोकतंत्र की यही परंपरा रही है कि सामाजिक और जनहित के मुद्दों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों की बात सुनी जाए और यदि उनकी मांगें उचित हों तो उनके समाधान के लिए सार्थक कदम उठाए जाएं।
एम. जिया मलिक ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती सरकार और जनता के बीच संवाद, विश्वास और संवेदनशीलता पर निर्भर करती है। इसलिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ भी सरकार को सकारात्मक वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करना चाहिए।

