अजमेर कार अग्निकांड का बड़ा खुलासा, पूर्व सरपंच समेत 4 लोगों की मौत को पुलिस ने बताया हत्याकांड
जयपुर /28 मई /अटल हिन्द ब्यूरो/ दिनेश जांगिड़
राजस्थान के अजमेर जिले में हुए सनसनीखेज कार अग्निकांड मामले में पुलिस जांच ने बड़ा मोड़ ले लिया है। बोराड़ा थाना क्षेत्र के अराई रोड पर गुरुवार सुबह कार में आग लगने से पूर्व सरपंच और कांग्रेस नेता रामसिंह चौधरी समेत चार लोगों की मौत के मामले को अब पुलिस ने हत्याकांड माना है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस वारदात को पारिवारिक रंजिश के चलते अंजाम दिया गया।
अजमेर पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि रामसिंह चौधरी की पहली पत्नी, नाबालिग बेटे और बेटी ने मिलकर इस हत्याकांड की साजिश रची। पुलिस के अनुसार हत्या के बाद शवों को कार में रखकर सबूत मिटाने के लिए वाहन में आग लगाई गई।
धारदार हथियार से हत्या, फिर कार में लगाई आग
पुलिस जांच में सामने आया है कि रामसिंह चौधरी और उनकी पहली पत्नी सुनीता के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इसी पारिवारिक तनाव के चलते हत्या की साजिश रची गई। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि पहले घर के भीतर खूनी संघर्ष हुआ और बाद में शवों को कार में डालकर आग के हवाले कर दिया गया।
पुलिस को रामसिंह चौधरी के घर से खून के निशान वाली दो ईंटें भी मिली हैं। साथ ही घर के आंगन और आसपास के हिस्से को धोने के सबूत भी मिले हैं, जिससे आशंका मजबूत हुई है कि हत्या घर के अंदर ही की गई थी।
चार लोगों की हुई थी दर्दनाक मौत
इस भीषण घटना में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी पत्नी और जिला परिषद सदस्य सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी तथा भांजी महिमा चौधरी की मौत हुई थी। गुरुवार सुबह अराई रोड पर उनकी कार में आग लगने की सूचना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
शुरुआत में इसे दर्दनाक सड़क हादसा और शॉर्ट सर्किट से लगी आग माना जा रहा था। बताया गया था कि पूसी देवी की तबीयत खराब होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान कार में आग लग गई और सभी लोग उसमें फंस गए।
लेकिन घटनास्थल और घर से मिले साक्ष्यों ने पुलिस जांच को नई दिशा दे दी।
एफएसएल टीम ने जुटाए अहम साक्ष्य
एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने बताया कि एफएसएल टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की हर एंगल से जांच कर रही है। मामले में कई रिश्तेदारों और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार कुछ ही घंटों में पूरे घटनाक्रम का विस्तृत खुलासा किया जाएगा। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हत्या की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा कार में आग लगाने के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया गया।
पहले भी मांगी थी सुरक्षा
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया है कि पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी ने वर्ष 2024 में अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा मांगी थी। उन्हें कुछ समय के लिए सुरक्षा दी गई थी, लेकिन बाद में सुरक्षा वापस ले ली गई।
एसपी ने बताया कि रामसिंह चौधरी ने इसके बाद भी कई बार सुरक्षा की मांग की थी। हालांकि आवश्यकता के आधार पर सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है।
पूरे इलाके में शोक और सनसनी
एक ही परिवार के चार लोगों की दर्दनाक मौत और फिर हत्या की आशंका सामने आने के बाद पूरे अजमेर जिले में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस हत्याकांड ने पूरे राजस्थान को झकझोर दिया है। पुलिस अब इस मामले में सभी तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।


